टिकट कलेक्टर (ticket collector) कैसे बने

टिकट कलेक्टर:आज हमारे देश में अधिकतर युवा सरकारी नौकरी करना चाहते हैं क्योंकि सरकारी नौकरी करने पर उन्हें ऐसा लगता है कि जैसे उनका भविष्य सुरक्षित हो गया है। विशेषकर 12वीं के बाद छात्र यही चाहते हैं कि वह किसी सरकारी नौकरी को करें। यहां जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी नौकरी का एक ऐसा ही पद है टिकट कलेक्टर का जिस पर अधिकतर युवा कार्य करना चाहते हैं। लेकिन यदि कोई उम्मीदवार टिकट कलेक्टर बनना चाहता है तो इसके लिए उसे चयन परीक्षा में पास होना होगा। साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चयन परीक्षा में पास होना इतना आसान भी नहीं होता क्योंकि इसमें देश के ज्यादातर युवा बड़ी तादाद में भाग लेते हैं। लेकिन सफल वही हो पाते हैं जिन्होंने अपनी तैयारी ठीक से की हो। 

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे टिकट कलेक्टर किसे कहते हैं और टिकट कलेक्टर बनने के लिए आपके अंदर कितनी योग्यता होनी चाहिए। इस आर्टिकल के अंतर्गत हम आपको यह जानकारी भी देंगे कि एक टिकट कलेक्टर को कितना वेतन मिलता है एवं इसी प्रकार की अन्य सभी जानकारियां आपको आज हम देंगे। इसलिए अगर आपका सपना 12वीं के बाद टिकट कलेक्टर बनने का है तो इस आर्टिकल से आपको बहुत अधिक सहायता मिलेगी। 

टिकट कलेक्टर कैसे बने

टिकट कलेक्टर क्या होता है (What is ticket collector  In Hindi) 

टिकट कलेक्टर वह होता है जो रेल में यात्रियों का टिकट चेक करता है और इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखता है कि रेल में कोई यात्री बिना टिकट के यात्रा तो नहीं कर रहा है। रेलवे कलेक्टर के लिए पूरे भारत में रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा परीक्षा आयोजित करवाई जाती है। 

यह भी जान लीजिए कि इस परीक्षा में कोई भी उम्मीदवार तभी बैठ सकता है जब उसने 12वीं कक्षा पास कर ली हो। इसके अलावा हम आपको बता दें कि टिकट कलेक्टर का पद एक अत्यधिक जिम्मेदारी वाला होता है जिसके अंतर्गत सभी यात्रियों की सुरक्षा और जिम्मेदारी उसी के ऊपर होती है। 

टिकट कलेक्टर बनने के लिए शिक्षा आवश्यकताएं/ योग्यता  (Ticket Collector Education Requirements)

टिकट कलेक्टर बनना चाहता है उसके लिए शिक्षा योग्यताएं इस प्रकार से है-

  • कैंडिडेट ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की हो। 
  • उम्मीदवार के 12वीं कक्षा में 50% अंक होने चाहिए। 
  • जिन छात्रों ने ग्रेजुएशन कर लिया है वह भी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।
  • उम्मीदवार को कंप्यूटर की जानकारी भी होना अनिवार्य है।  

टिकट कलेक्टर बनाने के लिए शारीरिक आवश्यकताएं/ योग्यता

टिकट कलेक्टर बनने के लिए उम्मीदवार के अंदर शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक योग्यताएं भी होनी चाहिए जिनके जानकारी इस प्रकार से है-

आयु

  • अभ्यर्थी की कम से कम आयु 18 साल होनी चाहिए और अधिक से अधिक आयु 30 साल होनी चाहिए। 
  • ओबीसी उम्मीदवार को आयु सीमा में 3 साल की छूट है।
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 साल की छूट है।

पुरुष

  • दृष्टि- उम्मीदवारों की दूरदृष्टि 6/9 और 6/9 बिना चश्मे के होनी चाहिए। इसी प्रकार नजदीक दृष्टि 0.6 और 0.6 चश्मे के होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार को कलर ब्लाइंडनेस नहीं होना चाहिए। 
  • कैंडिडेट बायनोकुलर दृश्यता, रात्रि दृश्यता, मैसोपिक दृश्यता आदि जांच में भी पास होना चाहिए।‌

महिला

    • दृष्टि- उम्मीदवारों की दूरदृष्टि 6/9 और 6/9 बिना चश्मे के होनी चाहिए। इसी प्रकार नजदीक दृष्टि 0.6 और 0.6 चश्मे के होनी चाहिए।
    • उम्मीदवार को कलर ब्लाइंडनेस नहीं होना चाहिए। 
    • कैंडिडेट बायनोकुलर दृश्यता, रात्रि दृश्यता, मैसोपिक दृश्यता आदि जांच में भी पास होना चाहिए।‌

टिकट कलेक्टर बनने के लिए परिक्षाएं

टिकट कलेक्टर बनने के लिए सभी उम्मीदवारों को 3 प्रकार की परीक्षा में सफलता प्राप्त करनी होती है। सबसे पहले उम्मीदवार से लिखित परीक्षा करवाई जाती है उसके बाद उम्मीदवार का इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरीफाई किए जाते हैं और सबसे आखिर में मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। निम्नलिखित हम तीनों परीक्षाओं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दे रहे हैं जो कि इस प्रकार से है-

लिखित परीक्षा

सबसे पहले उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाता है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि लिखित परीक्षा के अंतर्गत अभ्यर्थियों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही यह भी जान लीजिए कि एग्जाम में कैंडिडेट से जनरल अवेयरनेस, अर्थमैटिक, टेक्निकल एबिलिटी और रिजनिंग जैसे विषयों पर प्रश्न आते हैं। इस परीक्षा में 100 प्रश्न उम्मीदवारो हल करने होते हैं जिसके लिए 3 घंटे का समय दिया जाता है। इसके अलावा आप यह भी जान लीजिए कि इस परीक्षा के अंदर नेगेटिव मार्किंग भी होती है जिसके कारण यदि आप किसी सवाल का जवाब गलत देंगे तो उसके लिए आपका 1/3 अंक काट लिया जाता है। 

इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

वे सभी उम्मीदवार जो लिखित परीक्षा में पास हो जाते हैं उनको फिर इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आमंत्रित किया जाता है। इंटरव्यू के दौरान कैंडिडेट के सामान्य ज्ञान और उसके कौशल को परखने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए हम आपको यही सलाह देंगे कि आप साक्षात्कार के समय हर प्रश्न का उत्तर ठीक प्रकार से दें और यदि आपको किसी विषय या प्रश्न के बारे में जानकारी नहीं है तो उसका जवाब गलत नहीं दे। इसके अलावा अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट भी अपने साथ लेकर जाएं क्योंकि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए सभी दस्तावेजों का आपके साथ होना अनिवार्य है। 

मेडिकल परीक्षण 

अगर उम्मीदवार इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के चरण में भी पास हो जाते हैं तो उन्हें फिर मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया जाता है। यहां आपको बता दें कि मेडिकल परीक्षण के अंतर्गत उम्मीदवार शारीरिक जांच की जाती है जिसमें सबसे अधिक ध्यान उसकी आंखों पर होता है। टिकट कलेक्टर बनने के लिए उम्मीदवार की आंखें स्वस्थ होना अनिवार्य होता है। उम्मीदवार इस परीक्षा को भी पास कर लेते हैं तो उन्हें टिकट कलेक्टर के पद पर नौकरी दे दी जाती है। 

भारत में टॉप 10 टिकट कलेक्टर कोचिंग सेंटर्स

वैसे तो आप अपनी टिकट कलेक्टर की परीक्षा की तैयारी स्वयं कर सकते हैं लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि यह समझ में नहीं आता कि किस प्रकार से तैयारी करें ऐसे में कोचिंग सेंटर आपकी अत्यधिक हेल्प कर सकते हैं। भारत में टिकट कलेक्टर के लिए विभिन्न कोचिंग सेंटर है जहां से आप अपनी परीक्षा की तैयारी बहुत आराम से कर सकते हैं। निम्नलिखित हम कुछ कोचिंग के नाम बता रहे हैं जहां से आप अपनी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं- 

  • पावर माइंड इंस्टीट्यूट जयपुर (Power mind institute, Jaipur)
  • तारा इंस्टीट्यूट दिल्ली (Tara institute Delhi)
  • प्लूटस अकैडमी दिल्ली (Plutus Academy, Delhi)
  • वी शाइन अकैडमी चेन्नई (We Shine Academy, Chennai)
  • वर्टेक्स अकैडमी हैदराबाद (Vertex Academy Hyderabad)
  • द विनर्स अकैडमी, मुंबई (The winners Academy, Mumbai)
  • ईस्टर्न इंडिया कॉम्पिटेटिव क्लासेस, कोलकाता  (Eastern India competitive classes, Kolkata)
  • एम सक्सेस प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ (Aim success Private limited, Chandigarh)
  • विवा कैरियर एकेडमी, गुड़गांव (Viva career Academy, Gurgaon)
  • टारगेट प्वाइंट इंस्टीट्यूट पुणे (Target point institute, Pune)

टिकट कलेक्टर बनने के लिए पुस्तकें और अध्ययन सामग्री

टिकट कलेक्टर बनने के लिए आपको चयन परीक्षा से गुजरना होगा जिसके लिए आपको पहले से ही तैयारी करनी। आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए पुस्तकें आपकी काफी अधिक सहायता कर सकती है अगर आप सही पुस्तकों का चुनाव करते हैं तो आप निश्चित ही परीक्षा को पास कर सकते हैं। हमारी यही सलाह है कि आप बाजार में जाकर उन्हीं किताबों को खरीदें जो आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए मददगार साबित हो। हम आपको कुछ किताबें बता रहे हैं जो आपके लिए काफी उपयोगी रहेगी- 

  • अर्थमेटिक बाय आर एस अग्रवाल (Arithmetic by RS Aggarwal)
  • उपकार रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड एग्जामिनेशन बाय खन्ना एंड वर्मा Upkar Railway Recruitment Board Examination by Khanna and Verma
  • क्वीकर रिजनिंग टेस्ट बाय उपकार पब्लिकेशन (Quicker reasoning test by Upkar Publication)
  • वर्बल एंड नॉनवर्बल रीजनिंग बाय आर एस अग्रवाल (Verbal and non-verbal reasoning by RS Aggarwal)
  • इंग्लिश ग्रामर बाय रेन एंड मार्टिन (English grammar by Wren and Martin)
  • रेलवे साइकोलॉजिकल टेस्ट बाय किरण प्रकाशन (Railway Psychological test by Kiran Prakashan)

टिकट कलेक्टर के कार्य

जैसा कि हमने पहले भी बताया है कि एक टिकट कलेक्टर का कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला होता है इसलिए उसे काफी सतर्क रहना होता है और अपने नौकरी को भलीभांति करना होता है। यहां आपको यह भी बता दें कि टिकट कलेक्टर का कार्य केवल टिकट देना ही नहीं होता इसके अलावा भी इसको अन्य दूसरे कार्य भी करने होते हैं जिनकी जानकारी निम्नलिखित है-

  • टिकट कलेक्टर उन सभी यात्रियों के टिकट चेक करता है जो रेल में यात्रा करते हैं।
  • वह यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी यात्री बिना टिकट के सफर नहीं करें।
  • अगर कोई यात्री बिना टिकट के यात्रा कर रहा होता है तो टिकट कलेक्टर उस पर जुर्माना भी कर सकता है। ‌
  • रेल में अगर किसी यात्री को किसी प्रकार की कोई समस्या है तो वह उसे सुलझाता है।
  • अगर किसी यात्री को सीट नहीं मिल रही है तो वह उसकी सीट दिलाने में सहायता करता है।
  • रेल में यदि किसी प्रकार का कोई झगड़ा हो जाए तो वह उसे भी निपटाता है। 

टिकट कलेक्टर का वेतन कितनी होती है

टिकट कलेक्टर को वेतन बैंड 9300 रुपए से लेकर 34800 रुपए तक होती है जिसमें उसको 5400 रुपए की ग्रेड पे भी मिलती है। इसके साथ साथ उसे अन्य भत्ते भी मिलते हैं जैसे हाउस रेंट एलाउंस, डियरनेस एलाउंस, ट्रांसपोर्ट एलाउंस, मेडिकल बेनिफिट्स इत्यादि। साथ ही हम आपको यह भी बता दें कि जैसे-जैसे टिकट कलेक्टर अनुभवी लगता है वैसे वैसे उसका वेतनमान भी बढ़ जाता है। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको बताया कि 12वीं के बाद आप टिकट कलेक्टर की नौकरी कैसे कर सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको टिकट कलेक्टर बनने की सारी जानकारी दे दी है। हमने आपको इस लेख के अंतर्गत बताया कि टिकट कलेक्टर क्या होता है और टिकट कलेक्टर बनने के लिए कौन-कौन सी परीक्षाएं देनी होती हैं। 

इसके अलावा हमने आपको यह जानकारी भी दी कि कौन सी किताबें पढ़कर आप टिकट कलेक्टर के एग्जाम को पास कर सकते हैं। यहां हमने आपको यह भी बताया कि भारत में कौन-कौन से कोचिंग सेंटर हैं जहां से आप टिकट कलेक्टर परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। 

हमें पूरी उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपको अवश्य पसंद आया होगा और आपके लिए काफी सहायक भी रहा होगा। हमारा आपसे निवेदन है कि आप इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो बारहवीं कक्षा के बाद टिकट कलेक्टर बनना चाहते हैं। 

Deepak Kumar

दीपक कुमार After12th.net के लेखक और संस्थापक हैं। वह छात्रों को उनकी धारा तय करने और उद्योग में पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। वह उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। उनका उद्देश्य देश में अधिकतम छात्रों के लिए वैध और उपयोगी जानकारी साझा करना है।

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