सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) कैसे बनें

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) कैसे बनें। जैसा कि आज का दौर पूरी तरह से कंप्यूटर और इंटरनेट का बन चुका है और इसीलिए इस क्षेत्र में नौकरी करने के भी बहुत सारे अवसर कैंडिडेट को मिल जाते हैं।इसलिए शायद यही कारण है कि आज के युवा अधिकतर कंप्यूटर के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं लेकिन अकसर उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिलता जिसके कारण वह अपने उद्देश्य से भटक जाते हैं और कई बार तो बहुत ज्यादा इंटेलिजेंट और समझदार छात्र भी सही गाइडेंस ना मिलने के कारण दूसरों से पीछे रह जाते हैं।

इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं ताकि आपका ठीक प्रकार से मार्गदर्शन कर सकें। दोस्तों अगर आपका सपना भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है तो हमारे आर्टिकल को शुरू से लेकर अंत तक पूरा पढ़ें।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर

Contents

सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्या होता है (What is Software Engineer In Hindi)

सॉफ्टवेयर इंजीनियर वह होता है जो मोबाइल और कंप्यूटर के लिए ऐप्स और प्रोग्राम बनाने का काम करता है। इसे सॉफ्टवेयर डेवलपर भी कहा जाता है। बता दें कि जब भी किसी मोबाइल या लैपटॉप का कोई भी नया प्रोग्राम या ऐप आता है तो उसको बनाने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही होता है। 

इसके अलावा एप्स में या प्रोग्राम में किसी प्रकार की कोई खराबी आ जाती है तो उसको भी ठीक करने का काम सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही कर सकता है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल कंप्यूटर या लैपटॉप के ऐप को और प्रोग्राम को बनाने के लिए जिस भाषा यानी लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है उसे केवल एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही समझ सकता है। 

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स लिस्ट ( Software Engineering Course List)

अगर आप एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निम्नलिखित में से किसी एक कोर्स में प्रवेश लेकर उसमें पढ़ाई करनी होगी-

  • बीटेक बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी इन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (B Tech – Bachelor of Technology  in Computer Science and Engineering
  • बीटेक इन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (B Tech  in Information Technology)
  • बीटेक इन सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (B Tech in Software Engineering)
  • बीएससी इन इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (BSc in Information Technology)
  • बीएससी इन सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (BSc in Software Engineering) 
  • बीसीए बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA – Bachelor of Computer Application)
  • बीएससी बैचलर ऑफ कंप्यूटर साइंस  (BSc – Bachelor of Computer Science)
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कंप्यूटर साइंस (Polytechnic diploma computer Science)

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए (Software Engineer Eligibility)

जो उम्मीदवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं उनके अंदर इस कोर्स में प्रवेश लेने के लिए योग्यता होनी बहुत अनिवार्य है। अगर उम्मीदवार में कोर्स करने के लिए योग्यता होती है तो तभी उसको कोर्स में प्रवेश दिया जाता है। निम्नलिखित हम आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए कैंडिडेट की योग्यता बता रहे हैं जो कि इस प्रकार से है-

  • उम्मीदवार ने 12वीं कक्षा पास की होनी चाहिए। 
  • कैंडिडेट 12वीं कक्षा में 50% अंक होने चाहिए। 
  • छात्र ने 12वीं कक्षा में फिजिक्स केमिस्ट्री, मैथ्स जैसे विषय पढ़े हो। 

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process for Software Engineering Course)

जो कैंडिडेट सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन ले कर उसमें अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो हम उसे बता दें कि इसके लिए हमारे देश में विभिन्न प्रकार की परीक्षाएं रखी गई है और यह परीक्षाएं देश में हर साल आयोजित करवाई जाती हैं जैसे जेईई मेन, जेईई एडवांस, बिटसेट, एआईईई इत्यादि। अगर कैंडिडेट इन नेशनल परीक्षाओं में पास हो जाता है तो उसे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए भारत के विभिन्न संस्थानों में और कॉलेजों में प्रवेश मिल जाता है। इसके अलावा भारत में ऐसे बहुत सारे संस्थान हैं जहां पर बिना प्रवेश परीक्षा के भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवाई जाती है। इसके अलावा ऐसे बहुत से संस्थान हैं जहां पर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। 

भारत में टॉप 10 सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कॉलेजों (Top 10 Software Engineering Colleges in India)

अगर आपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सोच लिया है तो आपको हम बता दें कि अगर आप एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं तो इसके अंतर्गत भारत में विभिन्न ऐसे संस्थान है 

जहां पर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के लिए उच्च क्वालिटी की एजुकेशन दी जाती है उनके नाम इस प्रकार से हैं-

  1. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद (Indian Institute of Information Technology, Allahabad)
  2. श्याम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, दौसा राजस्थान (Shyam Institute of Engineering and Technology, Dausa Rajasthan)
  3. बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी रांची (Birla Institute of Technology, Ranchi)
  4. आरवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग बेंगलोर (RV College of Engineering, Bangalore)
  5. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दुर्गापुर (National Institute of Technology, Durgapur)
  6. वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, मुंबई (Veermata Jijabai Technological Institute, Mumbai) 
  7. पीईएस यूनिवर्सिटी, बेंगलोर (PES University, Bangalore)
  8. मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मणिपाल (Manipal Institute of Technology, Manipal)
  9. तिरुमला इंजीनियरिंग कॉलेज हैदराबाद (Tirumala Engineering College Hyderabad)
  10. गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी न्यू दिल्ली (Guru Gobind Singh Indraprastha University New Delhi) 

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स फीस (Software engineering course fees)

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए कैंडिडेट की फीस इस बात के ऊपर डिपेंड करती है कि कैंडिडेट प्राइवेट संस्थान से कोर्स कर रहा है या फिर सरकारी संस्थान से। इसके अलावा फीस इस बात के ऊपर भी निर्भर करती है कि कैंडिडेट डिप्लोमा कोर्स कर रहा है या फिर डिग्री कोर्स। 

वैसे अगर हम देखें तो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 2 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक की फीस का भुगतान करना पड़ सकता है। यहां बता दें कि आपकी फीस पूरी तरह से आपके संस्थान और पाठ्यक्रम के ऊपर निर्भर करेगी। 

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स के बाद प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector after software engineering course)

जो कैंडिडेट सफलतापूर्वक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स पूरा कर लेते हैं उनके लिए इस इंडस्ट्री में नौकरियों की बिल्कुल भी कमी नहीं है क्योंकि मौजूदा समय में कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी की दुनिया का काफी विस्तार हुआ है जिसके कारण इसमें विभिन्न प्रकार की जॉब कैंडिडेट को बहुत आसानी के साथ मिल जाती हैं। 

अगर कोई उम्मीदवार कंप्यूटर इंजीनियर बनने के बाद प्राइवेट सेक्टर में जॉब करना चाहता है तो उसे बहुत आराम से किसी भी प्राइवेट बैंक, स्कूल, कॉलेज, फाइनेंस डिपार्टमेंट या किसी भी इंस्टिट्यूट में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की जॉब मिल जाएगी। बता दें कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्राइवेट सेक्टर में सॉफ्टवेयर डेवलपर, सॉफ्टवेयर डिजाइनर और प्रोग्रामर इत्यादि के रूप में कार्य कर सकते हैं। 

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कोर्स के बाद गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector after software engineering course)

जिस प्रकार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को प्राइवेट सेक्टर में विभिन्न प्रकार के जॉब करने के अवसर मिलते हैं उसी प्रकार से उसको गवर्नमेंट सेक्टर में भी बहुत सारे जॉब करने के अवसर मिल जाते हैं जहां पर वह सॉफ्टवेयर डेवलपर, सॉफ्टवेयर डिजाइनर, प्रोजेक्ट मैनेजर, सॉफ्टवेयर डेवलपर इत्यादि की पोस्ट पर नौकरी कर सकता है। 

बता दें कि भारत में सेंटर ऑफ डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग, नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर, एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर इन इंडिया कुछ ऐसे संस्थान है जहां पर गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब करने के लिए उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर के कार्य (Software engineer work)

जब कोई उम्मीदवार सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोर्स कर लेता है तो उसके बाद वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहलाता है। यहां बता दें कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद उसे निम्नलिखित कार्य करने पड़ते हैं-

  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर आवश्यकताओं के अनुसार सॉफ्टवेयर का निर्माण करता है।
  • अगर किसी सॉफ्टवेयर में कोई खराबी आ रही है तो उनमें से बग्स (bugs) को ढूंढ कर उन्हें ठीक करना सॉफ्टवेयर इंजीनियर का ही काम है ताकि सॉफ्टवेयर की परफॉर्मेंस को सुधारा जा सके। 
  • अकसर सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग करते रहना और यह देखना कि उसमें किसी प्रकार की कोई कमी या समस्या तो नहीं है। अगर उसने किसी प्रकार की कोई समस्या है तो उसे ठीक करना। 
  • अगर सॉफ्टवेयर इंजीनियर को यह लगे कि किसी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को अपडेट करने की आवश्यकता है तो उसके अपडेट के लिए काम करना। 
  • इसके अलावा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम कंप्यूटर स्पेशलिस्ट के साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट पर काम करना भी होता है। 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर का वेतन कितनी होती है (What is the salary of software engineer)

जब कोई कैंडिडेट एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन जाता है तो उसको शुरुआत में 15000 रुपए से लेकर 20000 रुपए तक का वेतनमान बहुत आसानी के साथ मिल जाता है और जैसे-जैसे इस क्षेत्र में उसका अनुभव बढ़ने लगता है वैसे वैसे उसका वेतनमान भी बढ़ने लगता है। अगर किसी उम्मीदवार को किसी विदेश में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के तौर पर नौकरी मिल जाए तो वहां पर उसकी हर महीने की कमाई लाखों रुपए तक हो सकती है।

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको यह जानकारी दी कि आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बन सकते हैं। इसके अलावा हमने आपको भारत के शीर्ष  Software Engineering कॉलेजों के नाम भी बताए। हमने आपको यह भी जानकारी दी कि विभिन्न संस्थानों में software engineer  बनने के लिए कितनी फीस देनी होती है।

साथ ही हमने आपको यह जानकारी भी दी की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद आप हर महीने शुरू में कितना वेतनमान पा सकते हैं एवं इसके अलावा अन्य दूसरी महत्वपूर्ण जानकारी भी हमने आपके साथ शेयर कर दी है। हमें पूरी आशा है कि आप के लिए यह आर्टिकल काफी उपयोगी साबित होगा इसलिए अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इस आर्टिकल को सोशल मीडिया पर दूसरे लोगों के साथ भी शेयर करें। 

Deepak Kumar

दीपक कुमार After12th.net के लेखक और संस्थापक हैं। वह छात्रों को उनकी धारा तय करने और उद्योग में पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। वह उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। उनका उद्देश्य देश में अधिकतम छात्रों के लिए वैध और उपयोगी जानकारी साझा करना है।

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