प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट (Prosthetist and Orthotist) कैसे बनें?

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट (Prosthetist and Orthotist) कैसे बनें? हमारे आसपास ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो किसी एक्सीडेंट की वजह से अपने शरीर के किसी अंग को खो देते हैं और बहुत इलाज कराने के बाद भी वह ठीक नहीं हो पाता है तो ऐसे में प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट उनके अंगों को डिजाइन और मैन्युफैक्चर करने का काम करते हैं। अगर आप भी एक ऐसे छात्र हैं जो 12वीं के बाद इस फील्ड में काम करना चाहते हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आप इस से संबंधित सभी अनिवार्य बातों की जानकारी प्राप्त करें। इसीलिए हमारे आज के इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें और जानें पूरी प्रक्रिया के बारे में। 

प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट क्या होता है (what is Prosthetist and Orthotist in Hindi) 

यहां सबसे पहले आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट एक ऐसा प्रोफेशनल होता है जो शारीरिक रूप से विकलांग लोगों के पुनर्वास के लिए एक जिम्मेदार पेशेवर के तौर पर काम करता है। बता दें कि कुछ लोगों के किसी एक्सीडेंट या विच्छेदन की वजह से शरीर के अंको में असमानता, खराबी या किसी अन्य प्रकार का नुकसान हो जाता है तो वह लोग सामान्य जीवन नहीं जी पाते हैं। इसी तरह से कुछ लोगों में पोलियो या फिर मांसपेशियों से संबंधित विकार होते हैं तो इन सभी पीड़ित लोगों की मदद करने का काम प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट का ही होता है। यह प्रोफेशनल कैंडिडेट अपने कौशल और एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी की सहायता से रोगी लिए आर्टिफिशियल अंगों का निर्माण करते हैं जिससे कि वह अपने दैनिक कार्य आराम से कर सकें।

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प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट बनने के लिए प्रक्रिया क्या है

सबसे पहले छात्रों को चाहिए कि वह अपनी 12वीं कक्षा बायोलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों के साथ पास करें फिर उसके बाद छात्र प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट से संबंधित डिग्री कोर्स में दाखिला ले ले। यहां बता दें कि इसके लिए उसे एंट्रेंस टेस्ट देने के बाद ही पाठ्यक्रम में दाखिला मिलता है। इस तरह से जब वह अपना कोर्स पूरा कर लेता है तो तब उसे 6 महीने की इंटरशिप पूरी करनी होती है। इंटर्नशिप करने के बाद कैंडिडेट को फिर अनेकों जगह पर काम करने के मौके मिल जाते हैं। 

प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट बनने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए 

  • छात्र ने प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट में डिग्री हासिल की हो। 
  • या फिर प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट में पोस्ट ग्रेजुएशन किया हो। 
  • लोगों की जरूरत के अनुसार अनेकों प्रकार के बॉडी पार्ट का निर्माण करना आना चाहिए। 
  • मरीज की उत्तम तरीके से काउंसलिंग करनी आनी चाहिए।
  • कैंडिडेट के कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे होने चाहिए।
  • कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए। 
  • अपने काम से प्रेम होना चाहिए और मन में लोगों की मदद करने की भावना काफी मजबूत होनी चाहिए। 

आयु सीमा 

  • कैंडिडेट की कोर्स के समय आयु कम से कम 17 साल तक होनी अनिवार्य है।
  • जो कैंडिडेट किसी रिजर्व्ड कैटिगरी से संबंध रखते हैं उनके लिए आयु सीमा में छूट सरकार के निर्देश अनुसार रखा गया है।

प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट बनने के कैरियर संभावनाएं क्या है 

प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट बन जाने के बाद कैंडिडेट को रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ रजिस्टर करवाना होता है जिसके बाद वह देश के विभिन्न रिहैबिलिटेशन सेंटर में काम कर सकता है और अगर वह चाहे तो अपना स्वयं का भी कार्य शुरू कर सकता है। इस तरह से वह देश के प्राइवेट सेक्टर और गवर्नमेंट सेक्टर में भी काम के अवसर अपनी योग्यता के अनुसार प्राप्त कर सकता है जहां पर वह अध्यापक, मैन्युफैक्चर, टेक्नीशियन, असिस्टेंट बन बनकर काम कर सकता है। 

वेतन 

प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट बनने के बाद उसको हर महीने जो एक एवरेज सैलेरी मिलती है वह लगभग 25,000 से लेकर 30,000 रुपए तक हो सकती है और यदि कैंडिडेट में कौशल और योग्यता बहुत ज्यादा है तो तब उसे और भी अधिक वेतन हर महीने प्राप्त हो सकता है। 

प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट के कार्य 

प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट के तौर पर काम करने वाले कैंडिडेट को अनेकों तरह के कार्य करने पड़ते हैं जिनमें से कुछ की जानकारी निम्नलिखित है- 

  • जो लोग शारीरिक रूप से विकलांग होते हैं उनके लिए कृत्रिम अंगों का निर्माण करना।
  • रोगियों के लिए ब्रेसेज और दूसरे उपकरण को डिजाइन करने के साथ-साथ उन्हें फिट करता है।
  • मरीज की जांच करके मॉडल तैयार करना।
  • डॉक्टर के निर्देश अनुसार रोगी के लिए ऐसे उपकरण बनाना जिनसे की उसकी दैनिक जिंदगी सुगम हो सके।

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट (Prosthetist and Orthotist) कैसे बनें? इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको यह बताया कि प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट क्या होता है और इसके बनने के लिए किसी छात्र में कितनी योग्यता की आवश्यकता होती है। साथ ही साथ इस लेख के द्वारा हमने आपको यह जानकारी भी दी कि प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट बनने की पूरी प्रक्रिया क्या है और इस पद पर रहते हुए कैंडिडेट को हर महीने कितने रुपए का वेतन मिल सकता है एवं हमने इसके अलावा यह भी बताया कि एक प्रोफेशनल को अपने स्किल का इस्तेमाल करते हुए कौन-कौन से कार्य करने पड़ते हैं। यहां अगर देखा जाए अगर आप एक मजबूत दिल के इंसान हैं और आपको लोगों की सेवा करना अच्छा लगता है ताकि वह दूसरे लोगों की तरह एक सामान्य जीवन जिएं तो आप इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं।

अंत में हम आपसे बस यही कहेंगे कि अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो 12वीं के बाद प्रोस्थेटिस्ट एंड ऑर्थोटिस्ट बनना चाहते हैं। 

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