फिजिकल ओशनोग्राफर (Physical Oceanographer) कैसे बनें?

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि फिजिकल ओशनोग्राफर (Physical Oceanographer) कैसे बनें? आज का दौर ऐसा है जब युवा छात्र किसी ऐसे क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना पसंद करते हैं जो दूसरे कामों से हटकर हो और इसीलिए मौजूदा कुछ सालों में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने फिजिकल ओशनोग्राफी की फील्ड में अपना कैरियर बनायायदि आप भी एक ऐसे स्टूडेंट हैं जो 12वीं के बाद समुद्र विज्ञानी बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको इस पेशे से संबंधित सारी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी हैइसलिए यदि आप इसके बारे में आवश्यक बातें जानना चाहते हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें और जानें पूरी प्रक्रिया के बारे में। 

फिजिकल ओशनोग्राफर क्या होता है (what is Physical Oceanographer in Hindi) 

यहां सबसे पहले हम आपको यह बता दें कि फिजिकल ओशनोग्राफर एक ऐसा ट्रेन्ड प्रोफेशनल होता है जो समुद्र के पानी में होने वाली सभी प्रकार की भौतिक स्थितियों के साथसाथ भौतिक प्रक्रियाओं के बारे में अध्ययन एवं विश्लेषण करता हैयहां आपको यह भी बता दें कि समुद्र के पानी की गति और फिजिकल प्रॉपर्टीज के बारे में भी पता लगाने का काम भी फिजिकल ओशनोग्राफर के द्वारा ही किया जाता हैसाथ ही साथ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि समुद्र के तापमान, लहरों की गति, उनकी प्रगति, घनत्व इत्यादि के बारे में भी सभी महत्वपूर्ण बातों को जानने के लिए जिम्मेदार होते हैंयदि कोई छात्र 12वीं के बाद इस इंडस्ट्री में आना चाहता है तो उसके लिए उसे काफी मेहनत करने के साथसाथ कुछ विशिष्ट पाठ्यक्रमों और पढ़ना होता है। 

फिजिकल ओशनोग्राफर बनने के लिए प्रक्रिया क्या है

जानकारी दे दें कि जो छात्र  फिजिकल ओशनोग्राफर बनना चाहते हैं उन्हें सबसे पहले 12वीं कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स जैसे विषयों के साथ पास करनी होगीउसके बाद स्टूडेंट को चाहिए कि वह मैरीन साइंस में बीएससी की डिग्री हासिल करेंयहां बता दें कि कैंडिडेट अगर चाहे तो अपनी ग्रेजुएशन जियोलॉजी अप्लाइड साइंस में भी कर सकते हैंग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अगर छात्र चाहें तो ओशनोग्राफी से संबंधित क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर सकता हैइस तरह से जब उसकी पढ़ाई पूरी हो जाती है तो फिर वह इस इंडस्ट्री में काम करने के लिए तैयार हो जाता है जहां पर उसे उसकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिल जाती है। 

फिजिकल ओशनोग्राफर बनने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए 

  • छात्र ने मैरीन साइंस में बीएससी की डिग्री हासिल की हो
  • या फिर कैंडिडेट ने जियोलॉजी में बीएससी किया है
  • या छात्र ने अप्लाइड साइंसेज में ग्रेजुएशन किया है। 
  • या कैंडिडेट ने फिजिकल ओशनोग्राफी में डिग्री प्राप्त की हो। 
  • कैंडिडेट को कंप्यूटर की अच्छी जानकारी होना अनिवार्य है। 
  • मैथमेटिक स्किल अच्छे होने चाहिए
  • इस क्षेत्र में काम करने के लिए छात्र में हिम्मत और जज्बा होना चाहिए। 
  • समुद्र को अच्छी तरह से ऑब्जर्व करने की योग्यता होनी चाहिए। 

आयु सीमा 

  • छात्र की आयु पाठ्यक्रम में  एडमिशन के समय 17 साल तक होनी आवश्यक है और जो आरक्षित श्रेणियां हैं उनको आयु सीमा में जो छूट दी गई है वह सरकार के निर्देश अनुसार है। 

फिजिकल ओशनोग्राफर बनने के कैरियर संभावनाएं क्या है 

जो छात्र फिजिकल ओशनोग्राफर बन जाते हैं उनके लिए प्राइवेट सेक्टर के अलावा गवर्नमेंट सेक्टर में भी काम करने की अनेकों संभावनाएं उपलब्ध होती हैंहमारे देश में ऐसी बहुत सारी गवर्नमेंट एजेंसियां हैं जहां पर कैंडिडेट को जियोलॉजिकल सर्वे से संबंधित कार्य दिए जाते हैंइसके अलावा कैंडिडेट को मीडिया में भी काम करने के अनेकों अवसर मिलते हैं क्योंकि आज ऐसे बहुत सारे चैनल है जहां पर फिजिकल ओशनोग्राफर के माध्यम से समुद्र के जीवन के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती हैंइसी प्रकार से अगर किसी कैंडिडेट में योग्यता है तो वह देश-विदेश दोनों जगहों में काम करने के अवसर हासिल कर सकता है। 

वेतन 

आप यहां आपको जानकारी दे दें कि जो छात्र फिजिकल ओशनोग्राफर बन जाते हैं तो उन्हें उनके कैरियर के आरंभ में ही काफी आकर्षक सैलरी पैकेज मिल जाता है और इस तरह से हर महीने कैंडिडेट को 40,000 रुपए से लेकर 50,000 रुपए तक का वेतनमान मिल जाता हैयहां बता दें कि अगर किसी कैंडिडेट को इंटरनेशनल लेवल पर काम करने का अवसर मिलता है तो वहां पर उसे और भी अधिक वेतन मिल जाता है। 

फिजिकल ओशनोग्राफर के कार्य 

  • समुद्र के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करना
  • समुद्री जीवन को एनालाइज करना और उसका अध्ययन करना। ‌
  • यह पता लगाना की समुद्र का वातावरण कैसा है और लहरों की गति क्या है। 
  • इस बात की जानकारी हासिल करना कि समुद्र के अंदर का टेंपरेचर कितना है और इसके साथ साथ यह भी पता लगाते हैं कि हवा की स्पीड समुद्र के अंदर कितनी है। ‌
  • महासागर के परिसंचरण और द्रव गति के द्वारा जो पैटर्न उत्पन्न होता है उसके बारे में समझना और उसका वर्णन करना। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल फिजिकल ओशनोग्राफर (Physical Oceanographer) कैसे बनें? इस लेख के माध्यम से हमने आपको बताया कि फिजिकल ओशनोग्राफर क्या होता है और उसके बनने की पूरी प्रक्रिया क्या हैइसके साथ ही साथ हमने आपको इस पोस्ट में यह भी जानकारी दी कि अगर कोई छात्र इस फील्ड में जाना चाहता है तो उसके लिए पूरी प्रक्रिया क्या है एवं इसके अलावा हमने आपको यह भी बताया कि जब आप पेशे में जाएंगे तो आपको हर महीने कितने रुपए तक का वेतनमान हासिल हो सकता है

साथ ही साथ हमने आपको यह भी बता दिया है कि जो लोग इस पद पर काम करते हैं उन्हें कौनकौन से कार्य करने पड़ते हैं और इसके अलावा इसके बारे में अन्य दूसरी महत्वपूर्ण बातों की जानकारी भी हमने आपको बताईवैसे अगर देखा जाए तो यह कैरियर उन लोगों के लिए परफेक्ट है जिन्हें समुद्री जीवन पसंद है और जिनकी मैथमेटिकल गणना काफी अच्छी है। 

अंत में हमारा आपसे बस यही निवेदन है कि अगर आपको हमारे द्वारा दी गई है सारी जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो 12वीं के बाद फिजिकल ओशनोग्राफर बनना चाहते हैं। 

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