मोटिवेशनल स्पीकर (Motivational Speaker) कैसे बनें?

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे मोटिवेशनल स्पीकर कैसे बनें? दुनिया में कोई भी इंसान ऐसा नहीं है जिसकी जिंदगी में परेशानियां ना हो और इसी वजह से आज बहुत सारे लोग अपने जीवन की खुशियों से दूर होते जा रहे हैं। ‌ऐसे में अगर उनकी जिंदगी में कोई व्यक्ति ऐसा आ जाए जो उन्हें तनाव से मुक्त करने में मदद कर दे तो उस व्यक्ति के जीवन में काफी पॉजिटिविटी आ जाती है। अगर आपको भी इस फील्ड में काम करना है लेकिन आपको यह जानकारी नहीं है कि आप किस प्रकार से मोटिवेशनल स्पीकर बन सकते हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल पढ़ें और जानें मोटिवेशनल स्पीकर बनने की पूरी प्रक्रिया के बारे में। 

मोटिवेशनल स्पीकर क्या होता है (what is Motivational Speaker in Hindi) 

यहां सबसे पहले बता दें कि मोटिवेशनल स्पीकर को हिंदी में प्रेरक वक्ता भी कहा जाता है जो कि एक ऐसा प्रोफेशनल होता है जिसका काम लोगों में प्रेरणा भरने का होता है जिससे कि लोग अपने जीवन को खुशहाली के साथ बिताएं। इसीलिए मोटिवेशनल स्पीकर कुछ चुनिंदा विषयों पर बात करता है और लोगों को यह समझाता है कि वह अपनी जिंदगी में किस प्रकार से सफल बन सकते हैं। इसके अलावा वह अपनी स्पीच के द्वारा लोगों में उत्साह के साथ साथ प्रेरणा भी भरता है। इस प्रकार लोगों को मोटिवेट करने में किसी मोटिवेशनल स्पीकर का बहुत ही बड़ा योगदान होता है।  

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मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए प्रक्रिया क्या है

अगर आप ने यह निर्णय ले लिया है कि आप एक मोटिवेटर स्पीकर बनना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको स्वयं को इस योग्य बनाना होगा कि आप किसी भी समस्या की जड़ तक जाने में सक्षम हो सकें। इसके लिए आपको अपने स्किल को डेवलप करने की जरूरत होगी। आपको अपने कम्युनिकेशन स्किल्स को भी बहुत ज्यादा इंप्रूव करना होगा और इसके अलावा अपने बातचीत करने के तरीकों को काफी अट्रैक्टिव बनाना होगा क्योंकि एक अच्छा और सफल मोटीवेटर आप तभी बन सकते हैं जब आपके अंदर यह सब चीजें हो।

इसके साथ-साथ आप अपने अपीयरेंस को भी प्रोफेशनल बनाएं जिससे अधिक से अधिक लोग आपकी तरफ अट्रैक्ट होंगे और आपकी बात को ध्यान से भी सुनेंगे। केवल इसी तरह के स्किल्स आपको अपने अंदर डेवलप करने होंगे। इसके अलावा किसी औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता एक मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए आवश्यक नहीं है लेकिन यदि आप एजुकेटेड होंगे तो आप हर मुद्दे पर बातचीत बेझिझक कर सकेंगे। तो इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद ही इस क्षेत्र में आएं। 

मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए 

मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए किसी भी कैंडिडेट में कोई प्रोफेशनल डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन अगर व्यक्ति में स्किल है तो वह इसके आधार पर इस इंडस्ट्री में अपना कैरियर बना सकता है। किसी भी मोटिवेशनल स्पीकर में कुछ योग्यताएं होनी चाहिए जैसे कि- 

  • कैंडिडेट ने अपनी शिक्षा पूरी कर ली हो जो कि कम से कम बारहवीं तक होनी चाहिए। 
  • किसी अच्छे संस्थान से मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए कोर्स किया होना चाहिए।
  • कैंडिडेट के कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे होने चाहिए।
  • बातचीत करने का तरीका प्रभावशाली होना चाहिए। 
  • बोलने में कॉन्फिडेंस होना चाहिए। 

आयु सीमा 

जो कैंडिडेट मोटिवेशनल स्पीकर बनना चाहते हैं उन्हें जानकारी के लिए बता दें कि इसके लिए वह 18 साल की उम्र के बाद इस क्षेत्र में काम कर सकते हैं लेकिन आज ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो छोटी उम्र से ही इस इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी यहां हम यही राय देंगे कि आप कम से कम 18 साल की उम्र के बाद मोटिवेशनल स्पीकर बनकर लोगों को प्रेरणा देने का काम करें और इसके लिए किसी भी प्रकार की कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है तो किसी भी आयु तक इस फील्ड में काम किया जा सकता है। 

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मोटिवेशनल स्पीकर बनने के कैरियर संभावनाएं क्या है 

जब कोई व्यक्ति मोटिवेशनल स्पीकर बन जाता है तो तब वह नौकरी करने के बहुत सारे अवसर आसानी से हासिल कर लेता है क्योंकि आज हमारे देश में ऐसी बहुत सारी एजेंसियां, एनजीओ, मैनेजमेंट कंपनियां, स्कूल, कॉलेज इत्यादि है जहां पर उसको बिना किसी समस्या के काम मिल जाता है। इसके साथ साथ मोटिवेशनल स्पीकर्स को बहुत सारे कार्यक्रमों में भी इनवाइट किया जाता है जहां पर वह अपनी प्रेरणादायक बातों से लोगों को मोटिवेट करने का काम करते हैं। 

वेतन 

मोटिवेशनल स्पीकर बनने के बाद कैंडिडेट को जो वेतनमान दिया जाता है वह इस बात के ऊपर निर्भर करता है कि उसके कम्युनिकेशन स्किल्स कैसे हैं और उसमें कितनी योग्यता है एवं उसकी बातों का लोगों पर कितना प्रभाव पड़ता है। इसलिए एक मोटिवेशनल स्पीकर बनने के बाद कैंडिडेट हर महीने 40,000 से लेकर 50,000 रुपए तक का वेतनमान पा सकते हैं लेकिन कुछ उम्मीदवारों को इससे भी ज्यादा सैलरी मिल जाती है तो वहीं कुछ मोटिवेशनल स्पीकर ऐसे भी होते हैं जो अपने खुद के सेशन या सेमिनार करते हैं जहां पर उन्हें काफी ज्यादा पैसे मिल जाते हैं।

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मोटिवेशनल स्पीकर के कार्य 

मोटिवेशनल स्पीकर का कार्य लोगों के जीवन में अपनी बातों से प्रेरणा भरने का होता है जिसके लिए वह बहुत सारे काम करता है जैसे कि- 

  • दर्शकों को प्रेरणा देने के साथ-साथ उन्हें उनके लक्ष्य की तरफ आकर्षित करना। 
  • किसी भी काम को सफलतापूर्वक करने के लिए लोगों में ऊर्जा भरना।
  • उन लोगों की मदद करना जो अपनी समस्याओं के चलते निराशा, डिप्रेशन का शिकार हो गए हैं और उनमें मायूसी की भावना भर गई है। 
  • प्रभावशाली स्पीच देकर लोगों की जिंदगियों को बदलने की कोशिश करना।
  • दर्शकों तक अपनी बात को आम बोलचाल और आसान शब्दों के द्वारा पहुंचाना। 
  • ऑडियंस को जीवन की निराशा को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करना। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको बताया कि Motivational Speaker कैसे बनें? इस लेख के द्वारा हम ने बताया कि मोटिवेशनल स्पीकर क्या होता है और उसके बनने की प्रक्रिया क्या है। साथ ही साथ हमने जानकारी दी कि मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए कैंडिडेट में कितनी योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा हमने आपको यह भी बताया कि मोटिवेशनल स्पीकर बनने के बाद कोई कैंडिडेट हर महीने कितने रुपए तक का वेतन पा सकता है और उसे इस पद पर काम करते हुए कौन-कौन से काम करने पड़ सकते हैं। वैसे देखा जाए तो अगर किसी व्यक्ति में दूसरों को प्रेरित करने की कला है तो वह इस क्षेत्र में नाम और पैसा दोनों ही कमा सकता है। अंत में हमारी छोटी सी रिक्वेस्ट है कि अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे दूसरों के साथ भी जरूर शेयर करें। 

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