माइक्रोबायोलॉजिस्ट/बैक्टीरियोलॉजिस्ट (Microbiologist/Bacteriologist) कैसे बनें?

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि बैक्टीरियोलॉजिस्ट/ माइक्रोबायोलॉजिस्ट (Bacteriologist/ Microbiologist) कैसे बनें? मौजूदा समय में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो माइक्रोबायोलॉजी में अपना कैरियर बनाने के इच्छुक होते हैं और इसके लिए वे अपने स्कूल के समय से ही काफी मन लगाकर अपनी पढ़ाई करते हैं। लेकिन इसके लिए कैंडिडेट को बहुत ज्यादा मेहनत और पूरी प्लानिंग के साथ अपनी तैयारी करनी होती है ताकि वह इस क्षेत्र में सफलतापूर्वक अपना कैरियर बना सके। अगर आप भी एक ऐसे छात्र हैं जो माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल को सारा पढ़े और जानें पूरी प्रक्रिया के बारे में।  

माइक्रोबायोलॉजिस्ट क्या होता है (what is Microbiologist in Hindi) 

यहां सबसे पहले आपको जानकारी के लिए बता दें कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट एक ऐसा प्रोफेशनल होता है जो कि प्रोटोजोआ, वायरस, एलगी के साथ-साथ बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्म जीवाणुओं के ऊपर रिसर्च कार्य करता है। बता दें कि अपने शोध कार्य से वे यह पता लगाते हैं कि विभिन्न जीवाणुओं का जानवरों, पौधों और इंसानों के ऊपर कौन-कौन से नेगेटिव या फिर पॉजिटिव प्रभाव पड़ते हैं। इतना ही नहीं कैंसर जैसी घातक बीमारियों के जेनेटिक डिसऑर्डर के बारे में भी अध्ययन करने का कार्य माइक्रोबायोलॉजिस्ट का ही होता है। साथ ही साथ बता दें कि इसको बैक्टीरियोलॉजिस्ट के नाम से भी जाना जाता है। 

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माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने के लिए प्रक्रिया क्या है

यहां आपको बता दें कि अगर आप माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स या बैक्टीरियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 12वीं क्लास साइंस जैसे विषय में पास करने के बाद विज्ञान के ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला लेना होता है जिसके लिए आपको स्टेट लेवल के एंट्रेंस एग्जाम को पास करना आवश्यक है। इस तरह से जब कैंडिडेट का 3 साल का डिग्री कोर्स पूरा हो जाए तो उसके बाद उसे चाहिए कि वह बैक्टीरियोलॉजी में अपनी एमएससी कंप्लीट करे। शिक्षा हासिल करने के के बाद कैंडिडेट विभिन्न जगहों पर नौकरी करने के लिए आवेदन दे सकता है। 

माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए 

  • छात्र ने माइक्रोबायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया हो।
  • या कैंडिडेट ने माइक्रोबायोलॉजी में एमएससी किया हो। 
  • कैंडिडेट को कंप्यूटर और अंग्रेजी भाषा की जानकारी होनी आवश्यक है। 
  • रिसर्च वर्क में काफी लंबे समय तक काम करना पड़ता है इसलिए उसमें हमेशा फुर्ती और उत्साह रहना चाहिए। 

आयु सीमा 

  • छात्र की आयु कम से कम एडमिशन के समय 17 वर्ष तक की होनी जरूरी है।
  • कैंडिडेट को अधिकतम आयु सीमा में छूट सरकार के नियम के अनुसार दिया गया है।

माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने के कैरियर संभावनाएं क्या है 

जो कैंडिडेट माइक्रोबायोलॉजिस्ट बन जाते हैं उन्हें रोजगार के बहुत सारे अवसर प्राप्त हो जाते हैं क्योंकि आज के समय में रोगाणुओं पर अध्ययन करने वाले पेशेवरों की बहुत ज्यादा डिमांड है। इस तरह से एक प्रोफेशनल बैक्टीरियोलॉजिस्ट को प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में काम करने के मौके मिलते हैं। इसके अलावा निम्नलिखित जगहों पर सूक्ष्म विज्ञानी काम कर सकते हैं-

  • हेल्थ सेक्टर
  • नर्सिंग होम 
  • ब्लड बैंक 
  • पैथोलॉजी लैब 
  • मेडिकल इंस्टीट्यूट 

वेतन 

माइक्रोलॉजिस्ट को शुरुआत में ही काफी अच्छा वेतन मिल जाता है जो कि लगभग 35,000 से लेकर 40,000 तक हो सकता है। इसके अलावा बहुत से कैंडिडेट्स को इससे भी ज्यादा का सैलरी पैकेज मिल जाता है। साथ ही साथ बता दें कि इस सेक्टर में उम्मीदवार की ग्रोथ निरंतर होती रहती है और इसीलिए जब उसे कुछ साल का काम करने का अनुभव हासिल हो जाता है तो तब उसका वेतन और भी अधिक बढ़ जाता है। 

माइक्रोबायोलॉजिस्ट के कार्य 

माइक्रोबायोलॉजिस्ट या सूक्ष्म विज्ञानी को अपने पद पर रहते हुए बहुत सारे कार्य जिम्मेदारी के साथ करने होते हैं जिनकी जानकारी इस तरह से है – 

  • बैक्टीरिया, वायरस, प्रोटोजोआ के साथ साथ कवक के बारे में अध्ययन करना। 
  • जीवों की रोगजनक क्षमता के ऊपर फोकस करना जिसकी वजह से इंसानों में बीमारियां फैलती हैं।
  • मनुष्य के शरीर विज्ञान और सूक्ष्म जीवों के आनुवंशिकी पहलुओं के बारे में रिसर्च करना। 
  • किसी रोगाणु का विस्तार कैसे हुआ इसके बारे में शोध करना।
  • मनुष्य के आनुवंशिक विकारों के ऊपर अध्ययन करने के साथ-साथ उपचार के बारे में शोध करना।  

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल बैक्टीरियोलॉजिस्ट/ माइक्रोबायोलॉजिस्ट (Bacteriologist/ Microbiologist) कैसे बनें? इस पोस्ट के द्वारा हमने आप को जानकारी दी कि बैक्टीरियोलॉजिस्ट कैसे बनें और इसके लिए किसी भी कैंडिडेट में कितनी योग्यता का होना आवश्यक है। साथ ही साथ इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको यह जानकारी भी दी कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने की पूरी प्रक्रिया क्या है और जब कोई कैंडिडेट सूक्ष्म जीव विज्ञानी बन जाता है तो तब उसे हर महीने कितने रुपए तक का वेतन मिल सकता है। इसके अलावा हमने आपको यह जानकारी भी दी की बैक्टीरियोलॉजिस्ट के तौर पर काम करने वाले व्यक्ति को कौन-कौन से कार्य करने होते हैं। वैसे अगर देखा जाए अगर किसी कैंडिडेट को सूक्ष्म विज्ञान में रुचि है तो वह इस क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकता है। अंत में हमारा आपसे बस यही निवेदन है कि अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें जो 12वीं के बाद माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनने के इच्छुक हैं। 

Deepak Kumar

दीपक कुमार After12th.net के लेखक और संस्थापक हैं। वह छात्रों को उनकी धारा तय करने और उद्योग में पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। वह उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। उनका उद्देश्य देश में अधिकतम छात्रों के लिए वैध और उपयोगी जानकारी साझा करना है।

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