मरीन इंजीनियर (Marine Engineer) कैसे बने

दोस्तों अगर आपको समुद्र में सफ़र करना और समुद्र में जहाज पर जीवन बिताना अत्यधिक पसंद है तो इसके लिए आप मरीन इंजीनियर बन सकते हैं। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मरीन इंजीनियर बनने के लिए आपको 12वीं के बाद मरीन इंजीनियरिंग कोर्स करना होता है जिसके बाद आप मरीन इंजीनियर के पद पर कार्य कर सकते हैं। लेकिन यहां आपको हम जानकारी दे दें कि इस पद पर कार्य लिए उम्मीदवार को आईआईटी-जेईई परीक्षा को उत्तीर्ण करना होता है जो कि देश की सबसे अधिकतम कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। लेकिन अगर आप मन में ठान लें कि आपको मरीन इंजीनियर बनना है तो आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं। बहुत बार उम्मीदवारों को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता जिसके कारण उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। 

इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि मरीन इंजीनियर बनने के लिए आपको कौन सी पढ़ाई करनी होगी। इसके अलावा हम आपको सभी अनिवार्य जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इसलिए आप इस आर्टिकल को शुरू से लेकर अंत तक अवश्य पढ़िएगा ताकि आपको सारी जानकारी प्राप्त हो जाए। ‌

मरीन इंजीनियर

मरीन ऑफिसर क्या होता है (What is Marine Engineer In Hindi)

मरीन ऑफिसर वह होता है जो समुद्री जहाज को डिजाइन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपको जानकारी दे दें कि‌ जहाज के अंदर लगे मशीनरी पुर्जों का कंस्ट्रक्शन करने के साथ-साथ समुद्र में चलने वाले जहाज़ों कि मेंटेनेंस का काम भी यही करते हैं। साथ ही यह इस बात के लिए जिम्मेदार होते हैं कि समुद्र में चलने वाले जहाजों के मशीनरी उपकरण सुचारू रूप से चलते रहें। आपको यह भी बता दें कि मरीन इंजीनियर की नौकरी वही कर सकते हैं जिन्होंने 12वीं के बाद किसी प्रतिष्ठित कॉलेज से मरीन इंजीनियरिंग की डिग्री ली हो। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह कोर्स 4 साल की अवधि का होता है। 

मरीन इंजीनियर बनने के लिए शिक्षा आवश्यकताएं/ योग्यता  (Marine Engineer Education Requirements)

मरीन इंजीनियर बनने के लिए शिक्षा योग्यताएं इस प्रकार से है- 

  • कैंडिडेट ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की हो। 
  • उम्मीदवार ने 12वीं में 60% अंक प्राप्त किए हों। 
  • इसके अलावा उम्मीदवार ने 12वीं कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ के साथ पास की होनी चाहिए। 

मरीन इंजीनियर बनने के लिए शारीरिक आवश्यकताएं/ योग्यता

आयु

  • कैंडिडेट की आयु कम से कम 17 साल होनी चाहिए और अधिक से अधिक 25 साल तक होनी चाहिए। ‌
  • जो उम्मीदवार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कैटेगरी के हैं उनको आयु सीमा में 5 साल की छूट प्राप्त है। 

पुरुष

  • उम्मीदवार की लंबाई 150 सेंटीमीटर होनी चाहिए 
  • उसकी आंखों में किसी भी प्रकार का रोग नहीं होना चाहिए और न ही उम्मीदवार को कलर ब्लाइंडनेस होना चाहिए। ‌
  • उसकी आंखों की दृष्टि 6/6 और 6/9  होना अनिवार्य है।

महिला

  • महिला उम्मीदवार की लंबाई 145 सेंटीमीटर होनी चाहिए।
  • उसकी आंखों में किसी भी प्रकार का कोई रोग नहीं होना चाहिए। उम्मीदवार को कलर ब्लाइंडनेस भी नहीं होना चाहिए। 
  • उम्मीदवार की आंखों की दृष्टि 6/6 और 6/9 होना चाहिए। 

मरीन इंजीनियर बनने के लिए परिक्षाएं ( Exams for Marine Engineer)

मरीन इंजीनियर बनने के लिए विभिन्न परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं जैसे – IMUCET, JEE Mains , JEE Advanced, TMSIET  इत्यादि। यहां आपको बता दें कि इन सभी प्रवेश परीक्षाओं में उम्मीदवार से मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, सामान्य ज्ञान जैसे विषयों पर प्रश्न करवाए जाते हैं। मरीन इंजीनियर बनने के लिए सबसे पॉपुलर परीक्षा आईआईटी-जेईई है।

आईआईटी-जेईई परीक्षा IIT-JEE Exam

वह उम्मीदवार जो मरीन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं उन्हें आईआईटी-जेईई परीक्षा को पास करना होता है। इस परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवार देश के श्रेष्ठ मरीन इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पा सकते हैं। निम्नलिखित आईआईटी-जेईई परीक्षा के बारे में विस्तार पूर्वक बता रहे हैं- 

आईआईटी मेंस परीक्षा 

मरीन इंजीनियर बनने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार को आईआईटी-जेईई मेंस परीक्षा को पास करना होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस परीक्षा में उम्मीदवार को दो प्रश्न पत्र हल करने होते है। पेपर-1 और पेपर-2। 

पेपर-1

इस पेपर के अंतर्गत उम्मीदवार से फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथमेटिक्स जैसे विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। 

पेपर-2 

इस पेपर के अंदर कैंडिडेट को मैथमेटिक, एप्टिट्यूड और ड्राइंग जैसे विषयों पर प्रश्न करने होते हैं। 

आपको यह भी जानकारी दे दें कि इन दोनों पेपरों के लिए उम्मीदवारों को 3 घंटे का समय दिया जाता है। लेकिन जो उम्मीदवार 40% विकलांग है उनको 4 घंटे का समय दिया जाता है। साथ ही आपको इस बात की जानकारी भी दे दें कि इन दोनों पेपरों में ही गलत जवाब देने पर अंक कटते हैं। 

जेईई एडवांस्ड परीक्षा 

इस परीक्षा के अंदर भी उम्मीदवार से दो पेपर करवाए जाते हैं। सभी प्रश्न 12 वीं कक्षा के पाठ्यक्रम पर आधारित बहुविकल्पीय होते हैं। यह आपको बता दें कि यह परीक्षा एक कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा है जो ऑनलाइन आयोजित की जाती है। यहां आपको यह भी बता दें कि इस परीक्षा के दोनों पेपरों में ही उम्मीदवार से मैथमेटिक्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इस परीक्षा के लिए 3 घंटे का समय रखा गया है और इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होती है। 

शारीरिक टेस्ट परीक्षा मरीन इंजीनियर के लिए 

अगर कोई मरीन इंजीनियर बनना चाहता है तो उसका 4 वर्षीय कोर्स पूरा होने के बाद मरीन इंजीनियरिंग में भर्ती होते समय उम्मीदवार को शारीरिक और मानसिक रूप से जांचा जाता है। ‌यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मरीन इंजीनियर बनने के बाद उम्मीदवार को महीनों अपने घर से दूर समुद्र में ही जहाज पर समय बिताना होता है। 

अपने घर से दूर रहने के लिए उसे मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए क्योंकि यदि कोई उम्मीदवार ऐसा नहीं कर सकता तो फिर वह इस क्षेत्र में कार्य नहीं कर सकता। इसके अलावा उम्मीदवार का शारीरिक रूप से भी फिट होना अत्यंत अनिवार्य होता है। ‌शारीरिक परीक्षण के दौरान यदि कोई उम्मीदवार मानसिक या फिर शारीरिक रूप से फिट नहीं होता तो उसे मरीन इंजीनियर के पद पर नौकरी नहीं मिलती है।  

भारत में टॉप 10 मरीन इंजीनियर कोचिंग सेंटर्स

  • आकाश इंस्टीट्यूट, दिल्ली (Akash institute, Delhi)
  • यूनिवर्सल ट्यूटोरियल मुंबई (Universal tutorial Mumbai)
  • एफआईआईटी-जेईई, कोलकाता (FIIT- JEE, Kolkata)
  • एम्स एजुकेशन, चेन्नई (AIMS education, Chennai)
  •  एलेन  कैरियर एकेडमी, राजस्थान (Allen Career Academy, Rajasthan)
  • विद्यामंदिर क्लासेस, जयपुर (Vidya Mandir classes, Jaipur)
  • नायक्स ट्यूटोरियल, पुणे (Nayak’s tutorial, Pune)
  • कैरियर पॉइंट  लखनऊ (Career point Lucknow)
  • नारायण आईआईटी अकैडमी, हैदराबाद (Narayana IIT Academy, Hyderabad)
  • मोशन एजुकेशन नागपुर (Motion Education Nagpur)

मरीन इंजीनियर बनने के लिए पुस्तकें और अध्ययन सामग्री

किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए सबसे पहली सीढ़ी होती है उत्तम किताबों का चुनाव। अगर आप बेहतरीन किताबें चुनकर उनसे पढ़ाई करेंगे तो निश्चित तौर पर ही आपको सफलता मिलेगी। यहां हम मरीन इंजिनियर बनने के लिए निम्नलिखित किताबों के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो कि इस प्रकार से है-

  • ऑब्जेक्टिव क्वेश्चंस ऑन फिजिक्स बाय डीसी पांडे (Objective questions on Physics by DC Pandey)
  • ऑर्गेनिक केमेस्ट्री बाय ओपी टंडन (Organic Chemistry by OP Tandon)
  • कॉन्सेप्ट्स आफ ऑर्गेनिक केमेस्ट्री बाय एमएस चौहान (Concepts of Organic Chemistry by MS Chauhan)
  • इनोर्गेनिक केमेस्ट्री बाय जेडी ली (Inorganic Chemistry by JD Lee)
  • हायर अलजेब्रा बाय हॉल नाइट (Higher Algebra by Hall Knight)
  • आईआईटी मैथमेटिक्स फॉर जी मैंस एंड एडवांस फॉर एमएलए खन्ना (IIT Mathematics for JEE Mains and Advanced by ML Khanna)
  • न्यू पैटर्न्स मैथमेटिक्स फॉर जेईई मेन/एडवांस बाय अरिहंत पब्लिकेशंस (New Patterns Mathematics for JEE Main/Advanced by Arihant Publications)
  • क्लास 12 फिजिक्स केमिस्ट्री मैथमेटिक्स बुक्स (Class 12 Physics, Chemistry, Mathematics books)

मरीन इंजीनियर के कार्य ( Role & Responsibilities of Marine Engineer)

एक मरीज इंजीनियर समुद्री जहाज पर मौजूद सभी लोगों के दल का एक सदस्य होता है जो जहाज के टेक्नीशियन के रूप में काम करता है। जहाज से संबंधित सभी टेक्निकल कार्यों की जिम्मेदारी एक मरीन इंजीनियर के ऊपर ही होती है। निम्नलिखित हम आपको मरीन इंजीनियर के मुख्य कार्य बता रहे हैं- 

  • मरीन इंजीनियर समुद्री जहाज के तकनीकी प्रबंधन के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होते हैं।
  • वह जहाजों की मशीनरी का चुनाव करते हैं जैसे- डीजल इंजन, स्टीम टरबाइन, गैस टरबाइन इत्यादि।
  • यह एक तरह से समुद्री जहाजों के टेक्नीशियन और शिल्पकार होते हैं। 
  • मरीन इंजीनियर इंजन रूम का निर्माण करने के साथ-साथ उसके संचालन और रख-रखाव का कार्य भी करते हैं।   
  • यदि जहाज के इंजन में किसी प्रकार की कोई खराबी हो जाती है तो उसको भी ठीक करने का कार्य करते हैं। ‌ 

मरीन इंजीनियर का वेतन कितनी होती है

मरीन इंजीनियर के पद पर कार्य करने वाले कैंडिडेट को बहुत ही आकर्षक वेतन मिलता है। इसका वेतन इस बात पर निर्धारित करता है कि वह भारतीय जहाज पर है या फिर अंतर्राष्ट्रीय जहाज पर। अगर कोई इंजीनियर भारतीय जहाज पर कार्य कर रहा है तो उसे शुरुआत में हर महीने 25,000 रुपए से लेकर 30,000 रुपए तक का वेतनमान मिलता है। 

इसके अलावा उसे दूसरी अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती है। साथ ही आपको यह भी बता दें कि एक मरीन इंजीनियर लगभग 6 महीनों तक जहाज पर रहता है जिसके कारण उसे एनआरआई का दर्जा मिल जाता है। इस वजह से उसका वेतन कर से भी मुक्त हो जाता है। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको बताया कि मरीन इंजीनियर आप कैसे बन सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको यह बताया कि मरीन इंजीनियर किसे कहते हैं और मरीन इंजीनियर बनने के लिए आपके अंदर क्या योग्यता होनी चाहिए। जानकारी देते समय हमने आपको यह भी बताया कि मरीन इंजीनियर बनने के लिए आपको कौन सा कोर्स करना होता है और कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा के बारे में भी हमने आपको संपूर्ण जानकारी दे दी है। 

इसके अलावा हमने आपको यह भी बताया कि हर माह एक मरीन इंजीनियर को कितना वेतनमान दिया जाता है। हमें पूरी आशा है कि हमारा यह आज का आर्टिकल आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगा। इसलिए हमारी आपसे विनती है कि हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर अवश्य करिएगा। 

Deepak Kumar

दीपक कुमार After12th.net के लेखक और संस्थापक हैं। वह छात्रों को उनकी धारा तय करने और उद्योग में पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। वह उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। उनका उद्देश्य देश में अधिकतम छात्रों के लिए वैध और उपयोगी जानकारी साझा करना है।

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