वकील (lawyer) कैसे बने पूरी जानकारी

एक वकील समाज के अंदर बहुत ही प्रतिष्ठित स्थान रखता है क्योंकि वह कानून का काफी अच्छा जानकार होता है। किसी भी वकील से कोई व्यक्ति किसी तरह का कोई ग़ैर क़ानूनी काम नहीं करवा सकता क्योंकि एक लॉयर को क़ानून की पूरी जानकारी होती है।

अगर आप अपने देश के लिए कुछ करना चाहते हैं तो आप वकील बनने के बाद समाज सेवा कर सकते हैं। मौजूदा समय में भ्रष्टाचार, अपराध, चोरियां इत्यादि चीजें बहुत अधिक बढ़ गई हैं। ऐसे में यदि कोई वकील कानून के अनुसार अपराधियों को सजा दिलवाता है तो वह समाज में एक महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको वकील बनने की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताएंगे। आपको वह सभी ज़रूरी जानकारी उपलब्ध कराएंगे जो एक वकील बनने के लिए अनिवार्य होती हैं। 

वकील कौन होता है (lawyer in Hindi)

वह जो कानून की पढ़ाई करता है और कानून का विशेषज्ञ होता है। उसके पास एलएलबी की डिग्री होती है लेकिन उसको कोर्ट में केस लड़ने की अनुमति तभी मिलती जब वह बीसीआई यानी बार काउंसिल ऑफ इंडिया की परीक्षा पास कर लेता है। जानकारी के लिए बता दें कि इस परीक्षा को पास करने के बाद ही वकील कोर्ट में जज के सामने खड़े होकर किसी का केस लड़ सकता है। साथ ही यह भी बता दें कि किसी भी वकील की भूमिका कानूनी क्षेत्राधिकार के मामले में अलग-अलग होती है। 

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वकील कितने प्रकार के होते हैं

वकील केवल एक ही प्रकार के नहीं होते और ना ही दो प्रकार के होते हैं बल्कि यह विभिन्न प्रकार के होते हैं जो कानून की पढ़ाई करते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करते हैं। वकीलों के प्रकार निम्नलिखित हैं

  • सरकारी वकील 
  • प्राइवेट वकील 
  • जूनियर वकील 
  • सीनियर वकील 
  • वरिष्ठ वकील 
  • फैमिली वकील 
  • लोअर, जिला एवं हाई कोर्ट का वकील 
  • सुप्रीम कोर्ट का वकील 

अगर हम बात करें कि वकील को इंग्लिश में क्या कहते हैं तो आपको जानकारी दे दें कि वकील को इंग्लिश में लॉयर (Lawyer) या एडवोकेट (Advocate) कहते हैं। 

वकील बनने की पढ़ाई

यदि आपने वकील बनने का मन बना ही लिया है तो इसके लिए आपको हम बता दें कि सबसे पहले आपने यह देखना है कि आप इस कोर्स को बारहवीं कक्षा के बाद शुरू करना चाहते हैं या फिर ग्रेजुएशन करने के बाद। यदि आप 12वीं के बाद इस कोर्स को करेंगे तो आपको 5 वर्ष का समय लगेगा और यदि ग्रेजुएशन के बाद करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 2 वर्ष का समय लगेगा। जब आप यह निश्चित कर लें कि आपको कितने वर्षीय कोर्स में दाखिला लेना है तो उसके बाद आपको अपनी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करनी होगी।

इस प्रवेश परीक्षा को सीएलएटी (CLAT) यानी कॉमन लॉ ऐडमिशन टेस्ट के नाम से जाना जाता है। बता दें कि इस परीक्षा में अगर आप पास हो जाते हैं तो फिर आप वकालत की पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही आपको इस बात की जानकारी भी दे दें कि इस परीक्षा में आपसे गणित, , सामान्य ज्ञान, लीगल एंट्री, अंग्रेजी, लॉजिकल रीजनिंग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। 

इसके अलावा आपको जानकारी दे दें कि कॉमन एडमिशन लॉ टेस्ट प्रवेश परीक्षा के अलावा भी कुछ दूसरे संस्थान ऐसे हैं जो से वकालत की पढ़ाई करवाते हैं। यह सभी कॉलेज लॉ स्कूल एडमिशन काउंसिल के अंतर्गत आते हैं जैसेसिंबायोसिस लॉ कॉलेज, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली और जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल आदि। इन सभी कॉलेजों से आप प्रवेश परीक्षा देने के बाद अपनी पढ़ाई शुरू करके वकील बन सकते हैं । 

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वकील से सलाह

एक वकील से सलाह लेने की आवश्यकता हर इंसान को कभी ना कभी अपने जीवन में पड़ ही जाती है। हमारे जीवन में ऐसे बहुत से काम होते हैं जिन्हें हम बिना वकील की सलाह और सहायता के बगैर पूरा नहीं कर सकते। कानूनी कार्य वकील द्वारा ही किए जा सकते हैं इसके लिए जरूरी है कि जब भी आप किसी वकील से सलाह लेने के लिए जाएं तो पहले पूरी तरह से इस बात का पता कर लें कि वह वकील कानून का अच्छा जानकार हो। किसी भी मैटर में एक वकील की सलाह बहुत अधिक महत्वपूर्ण होती है क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि हमें कानूनी बातें पता नहीं होती और हम इस वजह से गलत फैसले ले लेते हैं। 

वकील बनने की योगयता (Eligibility Criteria)

अगर आप वकील बनना चाहते हैं तो उसके लिए दो प्रकार के कोर्स होते हैं और उन दोनों के लिए कैंडिडेट की अलग-अलग योग्यता  निर्धारित की गई है। जैसे यदि कोई व्यक्ति 5 वर्ष वकालत कोर्स करना चाहता है तो उसके लिए योग्यता अलग है और अगर कोई कैंडिडेट 3 साल का वकालत कोर्स करना चाहता है तो उसके लिए एलिजिबिलिटी अलग है। ‌इसके साथ ही हम आपको बता दें कि इसके लिए आपको प्रवेश परीक्षा भी पास करनी होगी। 

वकील शिक्षा आवश्यकताएँ (Education Requirements)

  • यदि कोई कैंडिडेट 5 वर्षीय वकालत का कोर्स करना चाहता है तो वह किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं पास किया हुआ हो।
  • 12वीं कक्षा में कम से कम 50% अंक होने अनिवार्य है। 
  • इसके अलावा अगर आप ग्रेजुएशन के बाद 3 वर्षीय वकालत का कोर्स करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको ग्रेजुएशन में 50% अंक लाने होंगे। 

आयु सीमा

वकील बनने के लिए किसी भी अभ्यर्थी की कम से कम आयु 20 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा खत्म कर दी गई है। इसलिए यदि आप 20 वर्ष के हैं और आपने 12वीं या ग्रेजुएशन 50% अंकों के साथ पास किया है तो आप 5 वर्षीय और 3 वर्षीय वकालत के कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। 

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भारत में वकील के लिए शीर्ष कोचिंग

वकील बनने के लिए आपको चाहिए कि आप अपनी सएएलटी की परीक्षा को सफलतापूर्वक पास करें। इसके लिए आपको लगातार गहन अध्ययन और मेहनत की आवश्यकता होगी। अगर आपको अपनी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के लिए बहुत अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए आप फिर किसी अच्छे कोचिंग में जाकर वहां अपना दाखिला लेने के बाद अपनी पढ़ाई शुरू कर सकते हैं। भारत के अंदर विभिन्न कोचिंग सेंटर है जहां पर बहुत अच्छी तरह से वकील बनने की पढ़ाई कर सकते हैं। निम्नलिखित कुछ शीर्ष कोचिंग के नाम है जहां पर आप अपना दाखिला ले सकते हैं– 

  • तारा कोचिंग इंस्टीट्यूट दिल्ली (Tara Coaching Institute, Delhi) 
  • कैरियर शेपर्स एजुकेशन फोरम (career shapers education forum)
  • आईएमएस इंस्टीट्यूट (IMS institute) 
  • मैनेजमेंट कैरियर मेकर्स (Management career makers)
  • श्रीराम लॉ अकैडमी (Sri Ram Law Academy)
  • अभ्यास अकैडमी (Abhyas Academy)
  • सीएलएटी पॉसिबल (CLAT Possible) 
  • टीचवेल इंस्टिट्यूट (Teachwell institute)
  • सक्सेस मंत्र (Success Mantara)
  •  एबी ट्यूटोरियल्स (Ab tutorials)
  • मानसरोवर लॉ सेंटर (Maansarovar law centre)
  • लीगल ऐज (Legal edge)
  • पाहुजा लॉ अकैडमी (Pahuja law Academy) 
  • यूनिवर्सल इंस्टीट्यूट आफ लीगल स्टडीज (Universal institute of legal studies)

वकील बनने के लिए पुस्तकें और अध्ययन सामग्री

वकील बनने के लिए आपको जिन पुस्तकों और अध्ययन सामग्री की आवश्यकता पड़ेगी उसकी सूची निम्नलिखित है-

  • ऑब्जेक्टिव जनरल इंग्लिश 2020 बाय एपी भारद्वाज (objective general English 2020 by AP bhardwaj)
  • द रीजंस गाइड टूसीएलएटी बाय पियरसन (The reasons guide to CLAT by pearson’s)
  • वर्ड पावर मेड इजी बाय नॉर्मन (Word power made easy by Norman)
  • करंट अफेयर्स ईयरली बाय अरिहंत पब्लिकेशंस (current affairs yearly by Arihant Publications)
  • क्वानटेटिव एप्टीट्यूड फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन बाय पीयरसंस (Quantitative Aptitude for Competitive Examination by Pearson’s)
  • ए मॉडर्न अप्रोच टु लॉजिकल रीजनिंग बाय आर एस अग्रवाल (A modern approach to logical reasoning by RS Aggarwal)
  • वर्बल रीजनिंग बाय आर एस अग्रवाल (Verbal Reasoning by RS Aggarwal)
  • ऑब्जेक्टिव लीगल एप्टीट्यूड बाय आरएस अग्रवाल (Objective Legal Aptitude by RS Aggarwal)
  • एनालिटिकल रीजनिंग बाय एमके पांडे (Analytical Reasoning by MK Pandey)
  • सीएलएटी एंड एआईएलईटी चैप्टर वाइज सोल्ड पेपर्स (CLAT and AILET chapter wise solved papers)
  • यूनिवर्सल सीएलएटी सॉल्वड पेपर्स (Universal’s CLAT solved papers)
  • प्रीवियस ईयर्स क्वेश्चन पेपर्स (previous years question papers) 

वकील के कार्य

एक वकील के कार्य बहुत अधिक होते हैं जिनमें से कुछ हम आपको बता रहे हैं

  • वकील का कार्य कानून के सभी पहलुओं पर अपने क्लाइंट को सलाह देना होता है।
  • सभी अदालती कार्यवाहियों और सुनवाइयों के मामलों पर भी सलाह देता है।
  • अपने क्लाइंट को आपराधिक और नागरिक कानूनों पर सलाह देना तथा प्रतिनिधित्व करना भी वकील का ही काम होता है।
  • जिस वकील को भी कोई व्यक्ति अपने कानूनी कार्य के लिए चुनता है । वह अपने उस क्लाइंट के सभी अदालती कार्यवाहियों में भाग लेता है।
  • जिस केस पर भी वह काम कर रहा है उसका ठीक प्रकार से शोध करना और साक्ष्य इकट्ठे करना।
  • अपने क्लाइंट का परीक्षण में प्रतिनिधित्व करना।

फीस के नियम

जब कोई व्यक्ति किसी वकील को अपने लिए नियुक्त करता है तो उसकी फीस दोनों आपस में डिस्कस करने के बाद तय कर लेते हैं। साथ ही आपको यह भी बता दें कि यदि कोई वकील अत्यधिक नामी है या फिर अधिक एक्सपीरियंस्ड है तो वह अधिक फीस लेता है। क्लाइंट अपने वकील को फीस केस के दौरान किस्तों में दे सकता है। कुछ वकील ऐसे भी होते हैं जो अपनी फीस पहले आधी लेते हैं और आधी केस खत्म होने के बाद। इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति गरीब है तो वकील उसके लिए अपनी सेवा फ्री में भी दे सकता है। यह पूरी तरह से वकील के ऊपर निर्भर है। 

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कैरियर संभावनाएँ

यदि आप सफलतापूर्वक वकील बनने की पढ़ाई पूरी कर लेते हैं तो आपके सामने बहुत सारे कैरियर विकल्प मौजूद होंगे जिनमें से कुछ हम आपको बता रहे हैं

  • वकील बनने के बाद आप वकालत कर सकते हैं।
  • किसी के लीगल एडवाइजर बन सकते हैं।
  • सरकारी एपीपी बन सकते हैं।
  • अगर आप चाहें तो परीक्षा देने के बाद न्यायिक अधिकारी के पद पर भी आसीन हो सकते हैं।
  • इसके अलावा आप कॉर्पोरेट जगत में भी भिन्न-भिन्न नौकरियां कर सकते हैं जैसे इंश्योरेंस, बैंकिंग आदि विभागों में कार्य कर सकते हैं।

निष्कर्ष 

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि वकील क्या होता है | और उसको बनने के लिए आपको क्या-क्या करना पड़ेगा। इसके साथ ही आपने यह जाना कि वकील कितने प्रकार के होते हैं तथा वकील बनने की पढ़ाई आप कैसे कर सकते हैं। हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको वकील बनने की पूरी जानकारी दे दी है। हमें पूरी उम्मीद है कि आज का यह लेख आपके लिए काफी हेल्पफुल रहेगा। इसको आप अपने दोस्तों और जानने वालों के साथ शेयर करिए ताकि उनको भी उचित और सही जानकारी मिल सके।

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