आईपीएस ऑफिसर (IPS Officer)कैसे बने

आईपीएस का पद सिविल सर्विस के अंतर्गत आता है और यह एक अत्यधिक प्रतिष्ठित पद है। हमारे देश के ऐसे बहुत सारे युवा हैं जो आईपीएस ऑफिसर बन कर अपने देश की सेवा करना चाहते हैं। यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि आईपीएस का पद एक ऐसा पद है जिस पर नौकरी करने के लिए हर इंसान सपने देखता है क्योंकि यह एक बहुत ही सम्मानित पद है जिसमें अगर किसी को नौकरी मिल जाती है तो समाज में उसको अत्यधिक इज्जत दी जाती है। लेकिन यहां आप इस बात को भी जान लीजिए कि आईपीएस ऑफिसर बनना इतना आसान भी नहीं है क्योंकि इसके लिए जो चयन परीक्षा है वह अत्यधिक कठिन है जिस को पास करने के लिए उम्मीदवारों को बहुत अधिक मेहनत की आवश्यकता होती है। परंतु मेहनत के अलावा उचित और सही मार्गदर्शन की भी जरूरत हर कैंडिडेट को पड़ सकती है। 

इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आईपीएस ऑफिसर कौन होता है और आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए आप में कौन-कौन सी शारीरिक योग्यताएं होनी चाहिए। इसके साथ साथ हम यह भी बताएंगे कि आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए आपको कौन-कौन सी किताबों की आवश्यकता पड़ेगी एवं इसी प्रकार की अन्य सभी जानकारी हम आज के इस आर्टिकल के माध्यम से आपको देने वाले हैं। इसलिए हमारा आपसे निवेदन है कि इस आर्टिकल को अंत तक पढ़िएगा ताकि आपको आईपीएस ऑफिसर बनने की सारी जानकारी प्राप्त हो सके। 

आईपीएस ऑफिसर

आईपीएस ऑफिसर क्या होता है (What is IPS Officer In Hindi) 

सबसे पहले हम आपको बता दें कि आईपीएस किसे कहते ह तो बता दें कि आईपीएस का पूरा नाम है इंडियन पुलिस सर्विस (Indian Police Service-IPS) जिसे हिंदी में भारतीय पुलिस सेवा कहते हैं। यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि आईपीएस ऑफिसर वह होता है जो देश में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। जिस क्षेत्र में भी इनकी नियुक्ति होती है उस क्षेत्र के सभी अपराधिक और गैर सामाजिक कार्यों को रोकना होता है और अपने इलाके में पूरी तरह से शांति बनाए रखना भी आईपीएस अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। 

यह भी जान लीजिए कि आईपीएस ऑफिसर का पद बहुत ही पावरफुल और अत्यधिक प्रतिष्ठित होता है। इस पद पर नियुक्त होने के लिए उम्मीदवार दिन रात कड़ी मेहनत करते हैं और तब कहीं जाकर उनका यह सपना साकार होता है।  

आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए शिक्षा आवश्यकताएं/ योग्यता  (IPS Officer Education Requirements)

  • अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक पास किया हुआ होना चाहिए।
  • उम्मीदवार भी आईपीएस की परीक्षा में बैठ सकते हैं जो अपनी ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में हों। 

आईपीएस ऑफिसर बनाने के लिए शारीरिक आवश्यकताएं/ योग्यता

अगर आपका सपना आईपीएस ऑफिसर बनने का है तो इसके लिए सबसे पहले आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि इसके लिए क्या क्या योग्यताएं रखी गई है। आईपीएस ऑफिसर के लिए केवल शैक्षणिक ही नहीं शारीरिक आवश्यकताएं भी रखी गई हैं जिनकी जानकारी निम्नलिखित है- 

आयु

  • उम्मीदवार की आयु 21 साल से लेकर 30 साल के बीच में होनी चाहिए। 
  • ओबीसी वर्ग के कैंडिडेट को आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी गई है। 
  • जो कैंडिडेट एससी और एसटी कैटेगरी के हैं उनको आयु सीमा में 5 साल की छूट दी गई है। 

पुरुष

  • लंबाई- सामान्य वर्ग के उम्मीदवार की लंबाई 165 सेंटीमीटर होनी चाहिए। ‌
  • ओबीसी वर्ग और एससी वर्ग के कैंडिडेट की लंबाई 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए। 
  • सीने का माप- कैंडिडेट का सीना 84 सेंटीमीटर होना चाहिए। 
  • आंखों की रोशनी- सभी उम्मीदवारों की आंखों की रोशनी 6/6 और 6/9 होनी चाहिए।
  • अगर किसी उम्मीदवार की आंखें कमजोर है तो उसकी रोशनी 6/12 या 6/9 होनी चाहिए। 

महिला

  • लंबाई- सामान्य वर्ग के कैंडिडेट की लंबाई 150 सेंटीमीटर होनी चाहिए। 
  • एससी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार की लंबाई 145 सेंटीमीटर होनी चाहिए।
  • सीने का माप- उम्मीदवार का सीने का माप 79 सेंटीमीटर होना चाहिए।  
  • आंखों की रोशनी-कैंडिडेट की आंखों की रोशनी 6/6 या फिर 6/9 होनी चाहिए। 
  • उम्मीदवार की आंखें यदि कमजोर है तो उनकी रोशनी 6/12 या फिर 6/9 होनी अनिवार्य है। 

आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए परिक्षाएं

आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए सबसे पहले आपको यह बता दें कि इसके लिए यूपीएससी का एग्जाम उम्मीदवार को पास करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार यूपीएससी एग्जाम में फेल हो जाता है तो फिर वह आईपीएस ऑफिसर नहीं बन सकता। इसके लिए उम्मीदवार की विभिन्न परीक्षाएं होती है जिनकी जानकारी निम्नलिखित है- 

प्रेलिमिनेरी एग्जाम (Preliminary Exam) 

यह परीक्षा प्रारंभिक चरण की परीक्षा होती है जिसके अंदर सभी उम्मीदवारों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते।  आपको यह भी बता दें कि इस परीक्षा के अंदर अभ्यर्थियों को दो पेपर करने होते हैं और दोनों में ही पास होना उनके लिए अत्यंत अनिवार्य होता है। साथ ही आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि यह दोनों पेपर 200-200 अंको के होते हैं। जो कैंडिडेट इस एग्जाम को पास कर लेते हैं उन्हें फिर दूसरे चरण की परीक्षा मेंस के लिए आमंत्रित किया जाता है।  

मेंस एग्जाम (Mains Exam) 

मैंस एग्जाम में उन अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है जो प्रिलिमनरी परीक्षा को पास कर लेते हैं। यहां आपको बता दें कि यह परीक्षा बहुत ही कठिन परीक्षा होती है। इस परीक्षा में उम्मीदवार से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। इस परीक्षा के अंदर कैंडिडेट से 9 पेपर करवाए जाते हैं जिनको दो भागों में बांटा गया है। पहला है क्वालीफाइंग पेपर और दूसरा है मेरिट पेपर। 

क्वालीफाइंग पेपर- इस पेपर के अंदर उम्मीदवार को पेपर-l  और पेपर-ll  करने होते हैं और प्रत्येक पेपर के लिए 300-300 अंक निर्धारित किए गए हैं। यह भी जान लीजिए कि यह केवल एक क्वालीफाइंग पेपर है जिसके अंक चयन परीक्षा के अंकों में नहीं जुड़ेंगे।

मेरिट पेपर- मेरिट पेपर के अंतर्गत उम्मीदवार से 7 पेपर करवाए जाते हैं जो कि 250-250 अंको के होते हैं। इस प्रकार इस परीक्षा के पूरे अंक 1750 हैं। अगर उम्मीदवार क्वालीफाइंग पेपर और मेरिट परीक्षा को पास कर लेता है तो उसे फिर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।  

 इंटरव्यू (Interview)

आईपीएस ऑफिसर बनने का यह सबसे अंतिम चरण है जिसमें केवल उन्हीं उम्मीदवारों को आमंत्रित किया जाता है जो उपरोक्त दोनों परीक्षाओं को पास कर लेते हैं। कैंडिडेट का इंटरव्यू 40-45 मिनट तक चलता है और यदि उम्मीदवार इस साक्षात्कार में पास हो जाता है तो उसे फिर आईपीएस अधिकारी बनने की ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाता है और ट्रेनिंग पूरा होने के बाद उसकी आईपीएस के पद पर नियुक्ति कर दी जाती है। 

भारत में टॉप 10 आईपीएस कोचिंग सेंटर्स

  • चहल अकैडमी, दिल्ली (Chahal Academy, Delhi)
  • कॉटिल्या अकैडमी, बैंगलोर (Kautilya Academy, Bangalore)
  • ईवा स्टेलिंग आईएएस अकैडमी, चेन्नई (Eva Stalin IAS Academy, Chennai)
  • द प्रयास इंडिया, मुंबई (The Prayas India, Mumbai)
  • पायनियर अकैडमी फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन, मुंबई (Pioneer academy for competitive examination, Mumbai)
  • न्यूक्लियस एजुकेशन, कोलकाता (Nucleus education, Kolkata)
  • यूनीक गुरुकुल आगरा (Unique Gurukul, Agra)
  • एएलएस सेटेलाइट एजुकेशन, चंडीगढ़ (ALS satellite education, Chandigarh) 
  • विकास विद्या कमल अकैडमी गुड़गांव (Vikas Vidya Kamal Academy Gurgaon)
  • यूथ डेस्टिनेशन गाजियाबाद (Youth destination Ghaziabad)

आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए पुस्तकें और अध्ययन सामग्री

  • इंडियाज स्ट्रगल फॉर इंडिपेंडेंस बाय बिपिन चंद्र (India’s struggle for independence by Bipin Chandra)
  • सर्टिफिकेट फिजिकल ज्योग्राफी बाय जीसी लिओंग ( Certificate physical geography by G C Leong) 
  •  इंडियन पालिटी बाय एम लक्ष्मीकांत (Indian Polity by M Laxmikanth)
  • इंडियन इकोनामी बाय रमेश सिंह (Indian economy by Ramesh Singh)
  • सीएसएटी ll  बाय अरिहंत पब्लिकेशंस  (CSAT ll by Arihant Publications) 
  • इंडियन फॉरेन पॉलिसी बाय राजीव सिरकी (India’s foreign policy by Rajiv Sirki)
  • ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ मॉडर्न इंडिया बाय स्पेक्ट्रम (A brief history of modern India by Spectrum)
  • लॉजिकल रीजनिंग बाय आर एस अग्रवाल  (Logical reasoning by RS Aggarwal)
  • मैथमेटिक्स बाय आर एस अग्रवाल (Mathematics by RS Aggarwal) 
  • इसके अलावा कक्षा 11वीं और 12वीं की एनसीईआरटी किताबों का सारा सिलेबस। 
  • पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र 

आईपीएस ऑफिसर के कार्य

  • एक आईपीएस ऑफिसर का सबसे मुख्य कार्य अपने क्षेत्र के सभी लोगों की सुरक्षा करना होता है। 
  • अपने संबंधित क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन करने की जिम्मेदारी भी आईपीएस ऑफिसर की होती है। 
  • जिस इलाके में उसकी नियुक्ति की गई है उस इलाके में अपराधिक घटनाओं को रोकना और उन पर नजर बनाए रखना। 
  • गैर सामाजिक तत्वों का खात्मा करना जैसे ड्रग्स, नशीले पदार्थ आदि की तस्करी करने वालों को न्यायिक हिरासत में लेने का आर्डर देना। 
  • अगर कोई जुर्म हुआ है तो उस जुर्म की सारी तहकीकात ठीक प्रकार से करना। 
  • यदि किसी का सामान चोरी हो गया है तो उसके सामान की रिकवरी करवाना।
  • जितने भी सिक्योरिटी कमांडर्स है उनको लीड करना। 
  • इसके साथ-साथ राज्य में शांति और सुरक्षा की व्यवस्था बनाए रखना भी आईपीएस ऑफिसर का ही कार्य होता है और इसके लिए यदि उसे कोई निर्णय लेना पड़े तो वह निर्णय भी वह ले सकता है। 
  • अगर कोई आपदा की स्थिति उत्पन्न हो गई है तो ऐसी स्थिति में राज्य में शांति बनाए रखना और इस बात को सुनिश्चित करना कि किसी भी तरह से शांति भंग ना हो।  
  • यह भी जान लीजिए कि आईपीएस ऑफिसर पुलिस फोर्स और आर्मी सेना को भी कमांड करते हैं। 

आईपीएस ऑफिसर का वेतन कितनी होती है

एक आईपीएस ऑफिसर का पद जितना शानदार है उतनी ही शानदार इस पद की सैलरी होती है। यहां बता दें कि एक आईपीएस ऑफिसर बनने के बाद किसी भी उम्मीदवार को सातवें वेतन पे कमीशन के तहत प्रतिमाह 2,50,000 रुपए तक का वेतनमान मिलता है। इसके अलावा उसे दूसरी अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती है जैसे रहने के लिए घर, कार डॉमेस्टिक हेल्पर, गार्ड,  मेडिकल बेनिफिट्स इत्यादि। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको आईपीएस ऑफिसर क्या होता है आईपीएस ऑफिसर कैसे बन सकते हैं के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। इस पोस्ट में हमने आपको यह भी बताया कि किस प्रकार आप आईपीएस ऑफिसर बनने की तैयारी कर सकते हैं और कौन-कौन सी किताबें आपके लिए सहायक रहेंगी। साथ ही हमने आपको इस लेख में यह भी जानकारी दी कि एक आईपीएस ऑफिसर के कार्य क्या क्या होते हैं और हमने आपको यह भी बताया कि हर महीने उसे कितनी सैलरी मिलती है। 

हमें पूरी उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया होगा और आप के आईपीएस बनने के सपने में भी यह काफी मददगार साबित होगा। अंत में हमारी आप से रिक्वेस्ट है कि इस आर्टिकल को आप अधिक से अधिक शेयर करें ताकि दूसरे लोग भी इसका फायदा उठा सकें।

Deepak Kumar

दीपक कुमार After12th.net के लेखक और संस्थापक हैं। वह छात्रों को उनकी धारा तय करने और उद्योग में पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। वह उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। उनका उद्देश्य देश में अधिकतम छात्रों के लिए वैध और उपयोगी जानकारी साझा करना है।

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