एप डेवलपमेंट कोर्स (App Development Course) कैसे करें?

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको एप डेवलपमेंट कोर्स (App Development Course) कैसे करें के बारे में जानकारी देंगे। जैसा कि आप जानते हैं कि मौजूदा समय में स्मार्टफोन हर इंसान की जरूरत बन चुका है इसीलिए हर इंसान के हाथ में हमेशा स्मार्टफोन देखने को मिल जाता है। तो बता दें कि स्मार्ट एंड्रॉयड मोबाइल फोन में सबसे अधिक एप्स का उपयोग होता है जिनकी सहायता से यूजर को किसी भी प्रकार की जानकारी आसानी से हासिल हो जाती है। इसीलिए अगर आप 12वीं के बाद मोबाइल एप डेवलपर बनना चाहते हैं तो इस क्षेत्र में आपको नौकरी करने के बहुत ज्यादा मौके मिल सकते हैं। तो आपका सपना एक एप डेवलपर बनने का है तो आज के हमारे इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पूरा पढ़ें क्योंकि आज हम एप डेवलपमेंट कोर्स के बारे में सारी जानकारी देने वाले हैं जो कि आपके लिए बेहद लाभदायक रहेगी। 

एप डेवलपमेंट कोर्स

एप डेवलपमेंट क्या है (What is app development in Hindi) 

जानकारी के लिए बता दें कि एप डेवलपमेंट वह होता है जिसमें एंड्राइड मोबाइल फोन के लिए एप्लीकेशन को बनाया जाता है। साथ ही बता दें कि इसके अलावा किसी भी टेबलेट, स्मार्टवॉच इत्यादि को चलाने के लिए भी एप्लीकेशन की आवश्यकता होती है और इन एप्लीकेशन को केवल एक एप डेवलपर ही बना सकता है। इसके अलावा आपको बता दें कि अगर आपको अपनी पढ़ाई  या वीडियो देखने के लिए किसी ऐप की आवश्यकता है तो आप प्ले स्टोर से संबंधित एप्लीकेशन को डाउनलोड कर सकते हैं। आप फेसबुक, व्हाट्सएप, टि्वटर, अमेजॉन, टिकटॉक के नामों से तो भली-भांति परिचित होंगे तो यहां बता दें कि यह सारे एप्लीकेशन है जो एप डेवलपर के द्वारा बनाए गए हैं। यहां बता दें कि किसी भी ऐप को डिवेलप करने के लिए एक खास लैंग्वेज का प्रयोग किया जाता है जो कि केवल एप डेवलपर ही समझ सकता है। 

एप डेवलपमेंट कोर्स के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए (App development course eligibility) 

जिस प्रकार किसी भी कोर्स को करने के लिए योग्यता रखी जाती है वैसे ही एप डेवलपमेंट कोर्स करने के लिए भी कैंडिडेट में निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए- 

  • छात्र ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी विषय में 12वीं कक्षा पास की हो।
  • कैंडिडेट को अंग्रेजी का ज्ञान होना चाहिए।
  • बेसिक कंप्यूटर की जानकारी भी होना अनिवार्य है। 
  • छात्र को मार्केट की अच्छी समझ होनी चाहिए और उसके पास इनोवेटिव आइडियाज भी होना अनिवार्य है।  

भारत में एप डेवलपमेंट कोर्स संस्थान (App development course Institute in India)

अगर आप एप डेवलपमेंट कोर्स करना चाहते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस कोर्स को आप किसी अच्छे संस्थान से ही करें क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि कुछ इंस्टिट्यूट बहुत खराब ट्रेनिंग देते हैं जिसके कारण आपका समय और पैसा दोनों ही बेकार जाता है। इसलिए हम आपको यहां कुछ संस्थानों के नाम बता रहे हैं जहां से आप एप डेवलपमेंट कोर्स की बेहतरीन ट्रेनिंग ले सकते हैं-

  • ओएमएस इन्फोटेक, दिल्ली (OMS Infotech, Delhi)
  • एसीई वेब अकैडमी, हैदराबाद (ACE web Academy, Hyderabad)
  • कार्मिक इंस्टीट्यूट, कोलकाता (Karmick Institute, Kolkata)
  • एसएलआर इन्फोटेक, चंडीगढ़ (SLR Infotech, Chandigarh)
  • ग्लोबल सॉफ्ट आईटी अकैडमी, बेंगलोर (Globalsoft IT Academy, Bangalore)
  • एप्ट्रोन नोएडा, नोएडा (Aptron Noida, Noida)
  • एक्सट्रीम हाइट्स इंस्टीट्यूट जयपुर (Extreme Heights Institute, Jaipur)
  • दिल्ली कॉलेज ऑफ एंड्राइड एप्स डेवलपमेंट, न्यू दिल्ली (Delhi College of Android app development, New Delhi)
  • आईआईएचटी वशी नवी मुंबई (IIHT Vashi, Navi Mumbai)
  • लाइववायर, लखनऊ (Livewire, Lucknow)

एप डेवलपमेंट कोर्स पाठ्यक्रम  (app development course syllabus)

अब आपके मन में यह उत्सुकता हो रही होगी कि इस कोर्स के अंदर कैंडिडेट को क्या क्या सिखाया जाता है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एप डेवलपमेंट कोर्स में आपको निम्नलिखित विषयों में ट्रेनिंग दी जाती है-

  • इंट्रोड्यूजिंग एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म (Introducing the Android platform) 
  • लेवरेजिंग एप्लीकेशन फंडामेंटल्स (Leveraging application fundamentals)
  • सपोर्टिंग एसिंक्रोनस बिहेवियर (Supporting asynchronous behaviour)
  • क्रिएटिंग यूजर इंटरफेसिस (Creating user interfaces)
  • वर्किंग विद रिसोर्स एप्लीकेशंस (Working with resource declarations) 
  • प्रोसेसिंग यूजर इनपुट (Processing user input)
  • इंटरएक्टिंग विद द यूआई (Interacting with the UI)
  • मैंने जिंदा एक्टिविटी लाइफ़साइकिल (Managing the activity life cycle)
  • परसिस्टिंग एप्लीकेशन डाटा (Persisting application data) 
  • मैनिपुलेटिंग द एसक्यूलाइट डेटाबेस (Manipulating the SQLite database)
  • कंजूमिंग एंड क्रिएटिंग कंटेंट प्रोवाइडर्स (Consuming and creating content providers)
  • मैनिपुलेटिंग सिस्टम रिस्पांसिंवनेस (Maintaining system responsiveness)
  • बिल्डिंग बैकग्राउंड सर्विसेज (Building background services) 
  • एक्सचेंज डाटा ओवर द इंटरनेट (Exchanging data over the internet)
  • डेवलपिंग प्लांट फॉर वेब सर्विसेज (Developing plants for web Services)
  • एनहांसिंग द यूजर एक्सपीरियंस (Enhancing the user experience)
  • लेवरेजिंग जियोलोकेशन एंड मैपिंग कैपेबिलिटीज (Leveraging geolocation and mapping capabilities)

एप डेवलपमेंट कोर्स फीस (app development course fees)

एप डेवलपमेंट कोर्स करने के लिए आपको जो फीस देनी होगी वह इस बात के ऊपर डिपेंड करती है कि आपने कौन सा कोर्स किया है क्योंकि एप डेवलपमेंट कोर्स में सर्टिफिकेट डिप्लोमा और डिग्री कोर्स करवाए जाते हैं। इसके साथ साथ इस कोर्स की फीस इस बात के ऊपर भी निर्भर है कि आपने जिस इंस्टिट्यूट से कोर्स करने का फैसला लिया है उसकी रेटिंग क्या है क्योंकि अगर आप किसी उत्कृष्ट संस्थान से इस कोर्स को करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अधिक फीस का भुगतान करना पड़ता है। इसीलिए अपने कोर्स और फीस की संपूर्ण जानकारी के लिए आप जिस संस्थान से कोर्स करना चाहते हैं वहां संपर्क करें। वैसे सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स के लिए आपको 10 हजार रुपए से लेकर 30 हजार रुपए तक की फीस देनी होती है। 

एप डेवलपमेंट कोर्स करने के बाद वेतन कितनी मिलती है (salary after app development course) 

निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि एप डेवलपमेंट कोर्स एक बहुत ही अच्छा कोर्स है जिसको करने के बाद आपको किसी भी एप डेवलपर कंपनी में नौकरी के अवसर मिल जाते हैं। तो ऐसे में आपको बता दें कि एक एप डेवलपर बनने के बाद आपकी कमाई की कोई सीमा नहीं है क्योंकि यह एक ऐसा फील्ड है जहां पर आप बहुत अधिक पैसे कमा सकते हैं। इसीलिए एप डेवलपमेंट कोर्स करने के तुरंत बाद ही आपको हर महीने 20-25 हजार रुपए तक का वेतन मिल जाता है जो कि अनुभव होने के बाद और अधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा अगर आप एक अच्छे एप डेवलपर हैं तो आपको विदेशों में भी नौकरी के अवसर मिल सकते हैं जहां पर आपकी सैलरी लाखों रुपए तक हो सकती है। 

निष्कर्ष 

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल एप डेवलपमेंट कोर्स (App Development Course) कैसे करें। इस पोस्ट में हमने आपको यह जानकारी दी कि आप 12वीं के बाद किस प्रकार से एक एप डेवलपर कैसे बन सकते हैं। इस लेख में हमने आपको कुछ प्रमुख संस्थानों के नाम भी बताएं जहां से आप अपना एप डेवलपमेंट कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा हमने आपको यह जानकारी भी दी कि अगर आप app development course करते हैं तो उसमें आपको ट्रेनिंग में क्या क्या सिखाया जाएगा। इसके साथ साथ इस पोस्ट में हमने आपको यह भी बताया कि इस कोर्स के लिए आपको कितनी फीस का भुगतान करना पड़ता है और कोर्स पूरा करने के बाद आपको प्रतिमाह कितनी सैलरी मिल सकती है। हमें पूरी आशा है कि यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ज्यादा लाभदाई रहा होगा इसलिए हमारी आपसे यह रिक्वेस्ट है कि आप इस पोस्ट को अपने साथियों के साथ भी शेयर करें जो 12वीं के बाद एप डेवलपमेंट कोर्स करना चाहते हैं। 

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