फ्लाइट इंजीनियर (Flight Engineer) कैसे बनें?

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नमस्कार! दोस्तों आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि Flight Engineer कैसे बनें? कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर, रॉकेट और एरोप्लेन वगैरह में बहुत ज्यादा रुचि होती है जिसकी वजह से वह उसी में अपना कैरियर बनाना पसंद करते हैं। ‌वैसे हम आपको बता दें कि अगर इस क्षेत्र में कोई कैंडिडेट अपना कैरियर बनाता है तो यह फील्ड बहुत ही अच्छी है जो कैंडिडेट को नौकरी के भी बहुत अच्छे अवसर प्रदान करती है। अगर आप भी एक ऐसे युवा हैं जो इस रोमांच से भरी फील्ड में जाना चाहते हैं तो इसके लिए आप फ्लाइट इंजीनियर बन सकते हैं जिसके लिए आपको इससे संबंधित कोर्स करना होगा। ‌यदि आप इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें क्योंकि हम इसमें सारी बातों की जानकारी देने वाले हैं। 

फ्लाइट इंजीनियर कैसे बने

फ्लाइट इंजीनियर क्या है (what is aircraft maintenance engineer in Hindi) 

यहां आपको हम बता दें कि फ्लाइट इंजीनियर क्या होता है तो दोस्तों यह कैसा विशेषज्ञ होता है जो विभिन्न प्रकार के एरोप्लेन, स्पेसक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर इत्यादि को कंट्रोलिंग और मॉनिटरिंग का काम करते हैं। एक फ्लाइट इंजीनियर एयरक्राफ्ट में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि उसको उड़ान के समय पायलट के लगातार संपर्क में रहना पड़ता है। इसके अलावा जब भी विमान उड़ान भरने वाला होता है तो उससे पहले उसकी ठीक प्रकार से विमान की सभी मशीनों की जांच करता है जिससे कि यह पता लगाया जाता है कि एयरक्राफ्ट का इंजन ठीक प्रकार से काम कर रहा है या फिर नहीं।

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फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए प्रक्रिया क्या है

फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए आपको बता दें कि सबसे पहले आपको 12वीं कक्षा मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री जैसे विषयों के साथ पास करनी होगी और उसके बाद आपको मैकेनिकल एयरोनॉटिकल या फिर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के कोर्स में दाखिला लेना होगा। जब आप डिग्री हासिल कर लेंगे तो बाद आप किसी भी मान्यता प्राप्त एवियशन इंस्टीट्यूट से फ्लाइट इंजीनियर सर्टिफिकेट हासिल करें। उसके बाद आपको अपना फिजिकल टेस्ट कराना होगा जिसमें आपकी आंखों को विशेष तौर पर चेक किया जाएगा और यदि आप उसमें पास हो जाते हैं तो तब आप फ्लाइट इंजीनियर बन सकते हैं। 

फ्लाइट इंजीनियर के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए

  • मैकेनिकल इंजीनियर की स्नातक डिग्री 
  • या इलेक्ट्रिकल इंजीनियर स्नातक डिग्री 
  • या फिर उम्मीदवार ने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की हो।
  • या फिर कैंडिडेट ने मैथ्स या फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया हो।

आयु सीमा

  • कैंडिडेट की आयु 21 साल तक होनी चाहिए। 
  • रिजर्व्ड कैटेगरी के उम्मीदवारों को सरकारी नियमानुसार आयु में कुछ छूट दी गई है। 

फ्लाइट इंजीनियर के लिए शारीरिक योग्यता 

फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए किसी भी कैंडिडेट में कोई विशेष शारीरिक योग्यता का होना जरूरी नहीं है लेकिन यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि जब कैंडिडेट का फिजिकल टेस्ट होता है तो उसकी आंखों की विशेषकर जांच होती है। ‌आंखों की जांच में यह देखा जाता है कि कैंडिडेट की आंखों में किसी भी प्रकार का कोई रोग या समस्या तो नहीं है। इसके अलावा कैंडिडेट की आंखों में कलर ब्लाइंडनेस जैसी परेशानी भी नहीं होनी चाहिए। 

फीस

फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए कैंडिडेट को इससे संबंधित कोर्स करना होता है जिसकी फीस इस बात के ऊपर डिपेंड करती है कि कैंडिडेट ने कौन से संस्थान को अपना कोर्स करने के लिए चुना है। यहां बता दें कि हर संस्थान में फीस अलग-अलग होती है। वैसे आपको अनुमान के तौर पर बता दें कि फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए आपको तकरीबन दो लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक की फीस का भुगतान करना पड़ सकता है। लेकिन सही फीस के बारे में जानकारी आपको केवल एडमिशन के दौरान मालूम पड़ती है। 

फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए टॉप इंस्टिट्यूट 

फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए आप निम्नलिखित में से किसी भी एक इंस्टीट्यूट में दाखिला ले सकते हैं जिनके नाम इस प्रकार से हैं-

  • अल्पाइन इंस्टीट्यूट आफ एयरोनॉटिक्स देहरादून (Alpine Institute Of aeronautics, Dehradun)
  • फ्लाइटेक एवियशन अकैडमी सिकंदराबाद (Flytech aviation Academy, Secunderabad)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एयरोनॉटिकल साइंस, न्यू दिल्ली (Indian Institute Of aeronautical science, New Delhi)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एयरोनॉटिकल साइंस, जमशेदपुर (Indian Institute of aeronautical science Jamshedpur)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एयरोनॉटिकल साइंस, कोलकाता (Indian Institute of aeronautical science Kolkata)
  • भारत इंस्टीट्यूट आफ एयरोनॉटिक्स, पटना (Bharat Institute Of aeronautics, Patna)
  • नेहरू कॉलेज आफ एयरोनॉटिक्स एंड अप्लाइड साइंसेज (Nehru College of aeronautics and applied sciences)
  • हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट आफ एयरोनॉटिक्स भोपाल (Hindustan Institute Of aeronautics, Bhopal)
  • बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड एयरोनॉटिक्स, न्यू दिल्ली (Buddha Institute of Engineering and Aeronautics, New Delhi)
  • सेंटर ऑफ सिविल एविएशन, न्यू दिल्ली (Centre of Civil aviation, New Delhi)

फ्लाइट इंजीनियर के पाठ्यक्रम/ संभावनाएं 

जो कैंडिडेट फ्लाइट इंजीनियर बनना चाहते हैं उनकी जानकारी के लिए बता दें कि जब वह इससे संबंधित कोर्स करेंगे तो उन्हें निम्नलिखित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा- 

  • एयरक्राफ्ट इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम (Aircraft instrumentation system)
  • सिविल एवियशन रेगुलेशन (Civil aviation regulation)
  • एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस एंड प्रैक्टिस (Aircraft maintenance and practice)
  • एयरक्राफ्ट सिस्टम एंड स्ट्रक्चर (Aircraft system and structure)
  • एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चर्स सर्विसिंग जॉब (Aircraft structures servicing job)
  • एयरक्राफ्ट रेडियो सिस्टम (Aircraft radio system)
  • सी प्रोग्रामिंग लैब (C programming lab)
  • अवियनिक्स लैब (Avionics lab)
  • एयरक्राफ्ट इलेक्ट्रिकल सिस्टम (Aircraft electrical system) 
  • बेसिक एयरोडायनेमिक्स (Basic aerodynamics)
  • कंप्यूटर ऐडेड (Computer aided Engineering graphics)
  • जेट इंजन लैब (Jet engine lab)
  • जेट इंजन थ्योरी (Jet engine theory)
  • पिस्टन इंजन लैब (Piston engine lab)

वेतन

अब यहां आपको बता दें कि एक फ्लाइट इंजीनियर को हर महीने कितने रुपए का वेतनमान मिलता है तो जानकारी दे दें कि एक फ्लाइट इंजीनियर को लगभग एक लाख रुपए से लेकर 3 लाख रुपए तक का वेतनमान सालाना मिल जाता है। ‌इसके साथ-साथ उसे दूसरी अन्य सुविधाएं मिलती हैं जैसे कि मेडिकल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस इत्यादि। ‌फ्लाइट इंजीनियर को इसके अलावा मुफ्त हवाई यात्रा की सुविधा भी दी जाती है। ‌यहां आप यह भी जान लीजिए कि फ्लाइट इंजीनियर की सैलरी कंपनी के अनुसार होती है और इसलिए वह शुरुआत में एक लाख से भी ज्यादा का वेतनमान भी पा सकता है। ‌

फ्लाइट इंजीनियर के कार्य 

जो कैंडिडेट फ्लाइट इंजीनियर के पद पर काम करते हैं उन्हें इसके अंतर्गत निम्नलिखित कार्य करने होते हैं जो कि इस प्रकार से है-

  • सारे एयरक्राफ्ट के विंग्स की पूर्ण जांच पड़ताल का काम।
  • एयरक्राफ्ट के इंजन को चेक करना।
  • ईधन की जांच पड़ताल करना।
  • मौसम के अनुसार विमान के लिए उड़ान भरने के लिए रास्ता बनाने का काम। 
  • विमान के सभी उपकरणों की जांच पड़ताल करने के साथ-साथ उनकी मरम्मत करने का काम। 
  • एयरक्राफ्ट सिस्टम का रखरखाव और उस को कंट्रोल करना। 

निष्कर्ष 

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको बताया कि Flight Engineer कैसे बनें? इस पोस्ट में हमने आपको यह जानकारी दी कि आप किस प्रकार से फ्लाइट इंजीनियर बन सकते हैं और इसके लिए हमने आपको बताया कि भारत में कौन-कौन से टॉप इंस्टिट्यूट हैं जहां से आप फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा हमने आपको बताया कि जब आप फ्लाइट इंजीनियर बन जाएंगे तो आपको कितना सैलरी पैकेज मिलेगा। Flight engineer बनने की सारी प्रक्रिया हमने आपको बता दी है अगर आपको हमारा यह पोस्ट उपयोगी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें। 

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