टैक्सेशन कोर्स (Diploma in Taxation) कैसे करें पूरी जानकारी

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि टैक्सेशन कोर्स (Diploma in Taxation) कैसे करें पूरी जानकारी। कॉमर्स बैकग्राउंड वाले छात्र आमतौर पर किसी ऐसी फील्ड में ही जाना पसंद करते हैं जो एकाउंटिंग और कॉमर्स से जुड़ी हुई होती है। इसीलिए स्टूडेंट्स अपनी ग्रेजुएशन करने के बाद टैक्सेशन में डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं ताकि वो फिर इस इंडस्ट्री में अपना कैरियर बना सकें। पर इसके लिए छात्रों को संबंधित कोर्स के साथ-साथ और भी बहुत सी जानकारी होनी चाहिए जिससे कि वह इस क्षेत्र में बिना किसी दुविधा के जा सकें। तो यदि आप भी एक कॉमर्स ग्रेजुएट स्टूडेंट है और टैक्सेशन में डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं तो हमारे आज के इस पोस्ट को पूरा पढ़ें और जानें कि आप किस प्रकार से इस कोर्स को कर सकते हैं। 

टैक्सेशन कोर्स क्या है (What is diploma in  taxation in Hindi)

तो सबसे पहले आपको हम बता दें कि टैक्सेशन में डिप्लोमा ऐसा कोर्स है जो एकाउंटिंग और कॉमर्स से संबंध रखता है। इस कोर्स के अंतर्गत छात्रों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्सेस, फाइनेंशियल अकाउंटिंग और ऑडिटिंग के बारे में प्रैक्टिकल और थियोरेट्रिकल पढ़ाई करवाई जाती है। टैक्सेशन में डिप्लोमा हासिल करने के बाद कैंडिडेट को सरकारी और निजी विभागों में काम करने के अवसर मिल जाते हैं जहां पर उन्हें टैक्स से जुड़े हुए कार्य करने होते हैं।

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अवधि (duration) 

टैक्सेशन में डिप्लोमा कोर्स अगर आप करना चाहते हैं तो यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस कोर्स की अवधि 1 साल की होती है। बता दें कि कई संस्थानों में 1 साल के कोर्स को 2 सेमेस्टर में बांटा गया है। तो वहीं पर कुछ ऐसे संस्थान भी हैं जहां पर सेमेस्टर पैटर्न फॉलो नहीं किया जाता है। इस तरह से जब छात्रों का सिलेबस पूरा हो जाता है तो उनको एग्जाम देना पड़ता है जिसमें पास होने के बाद उनको टैक्सेशन में डिप्लोमा दे दिया जाता है। 

टैक्सेशन कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance test for diploma in taxation course)

टैक्सेशन में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आमतौर पर कॉलेजों और शिक्षा संस्थानों में दाखिला बिना किसी एडमिशन टेस्ट के मिल जाता है। लेकिन फिर भी कुछ ऐसे कॉलेज है जहां पर उनकी अपनी प्रवेश परीक्षा होती है जो कैंडिडेट को पास करनी पढ़ती है। यहां बता दें कि हमारे देश में ऐसे बहुत सारे निजी और गवर्नमेंट संस्थान हैं जहां से कैंडिडेट इस 1 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स को बिना किसी एंट्रेंस टेस्ट के भी कर सकते हैं। 

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टैक्सेशन कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (What is the admission process for diploma in taxation course)

जो छात्र टैक्सेशन का डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं उन्हें इसके लिए बता दें कि सबसे पहले उन्हें 12वीं कक्षा कॉमर्स विषय के साथ पास करनी होगी। उसके बाद छात्र को ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करनी होगी। अगर कैंडिडेट कॉमर्स विषय में अपनी स्नातक करता है तो उसके लिए बहुत अच्छा रहता है। उसके बाद फिर टैक्सेशन डिप्लोमा कोर्स के लिए कैंडिडेट को अपना पंजीकरण अपने चुने हुए कॉलेज या इंस्टिट्यूट में करवाना पड़ता है। एडमिशन के दौरान कैंडिडेट को संस्थान द्वारा मांगे गए सभी जरूरी डॉक्यूमेंट देने होते हैं। इस तरह से कैंडिडेट इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। 

टैक्सेशन कोर्स के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए (What should be the qualification for diploma in taxation course)

डिप्लोमा इन टैक्सेशन कोर्स के लिए कैंडिडेट के अंदर कुछ योग्यता होनी चाहिए जिसकी जानकारी इस प्रकार से है – 

  • इच्छुक उम्मीदवार ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम ग्रेजुएशन किया होना चाहिए। 
  • जिन छात्रों के पास कॉमर्स के विषय होते हैं उन्हें वरीयता दी जाती है। 
  • कैंडिडेट की सोच तार्किक होने के साथ-साथ उसके कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे होने चाहिए। 
  • छात्र को अंग्रेजी के साथ-साथ कंप्यूटर की जानकारी भी होनी चाहिए। 

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फीस (fees)

अब यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस कोर्स के लिए छात्रों को जो फीस देनी होती है वह पूरी तरह से कॉलेज या संस्थान के ऊपर निर्भर करती है। जानकारी दे दें कि सरकारी कॉलेजों में टैक्सेशन के डिप्लोमा कोर्स के लिए कम फीस का भुगतान करना पड़ता है तो वही निजी कॉलेजों में अधिक फीस देनी पड़ती है। इस प्रकार से इस कोर्स को करने के लिए 5000 से लेकर 2 लाख रुपए तक की फीस छात्रों को देनी पड़ सकती है। 

भारत में टैक्सेशन कोर्स करने के लिए कॉलेज (College to do taxation course in India)

भारत में टैक्सेशन कोर्स करने के लिए बहुत सारे कॉलेज और संस्थान हैं जहां से कैंडिडेट इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकते हैं जैसे कि – 

  • दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स नई दिल्ली (Delhi School of economics New Delhi) 
  • टॉप चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया न्यू दिल्ली (Institute of chartered accountant of India New Delhi)
  • सेंट जेवियर कॉलेज कोलकाता (St. Xavier College Kolkata)
  • अन्नामलाई यूनिवर्सिटी तमिलनाडु (Annamalai University Tamilnadu)
  • सेंट जोसेफ कॉलेज बेंगलोर (St. Joseph College Bangalore)
  • एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा (Amity University Noida) 
  • क्रिस्ट यूनिवर्सिटी (Christ University)
  • आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ (IIMT University Meerut) 
  • एकेबी इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंस एंड मैनेजमेंट फरीदाबाद (AKB Institute of finance and management Faridabad)
  • इनिशिएटिव इंस्टिट्यूट ऑफ़ प्रोफेशनल ट्रेंनिंग एंड रिसर्च मुंबई (Initiative Institute of professional training and research Mumbai) 

टैक्सेशन कोर्स का पाठ्यक्रम/ सब्जेक्ट्स क्या-क्या है (What are the syllabus / subjects of taxation course)

टैक्सेशन के डिप्लोमा कोर्स के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में कैंडिडेट को जो सिलेबस पढ़ाया जाता है उसके बारे में जानकारी इस प्रकार से है – 

  • डेफिनेशन ऑफ इनकम टैक्स (Definition of income tax) 
  • रेजिडेंशियल स्टेटस एंड टैक्स लायबिलिटी (Residential status and tax liability) 
  • एडवांस टैक्स-एसेसमेंट प्रोसीजर एंड प्रोविजन्स, रिटर्न ऑफ इनकम, प्रोविजंस अंडर टीडीएस एंड टीसीएस, कंप्यूटेशन आफ इनकम, डिटरमिनेशन ऑफ टैक्स लायबिलिटी रिलेटिंग टू एओपी एंड एचयूएफ   (Advance tax- assessment procedure and provisions, return of income, provisions under TDS and TCS, computation of income, determination of tax liability relating to AOP and HUF)
  • इनडायरेक्ट टैक्सेस (Indirect taxes) 
  • फाइनेंशियल अकाउंटिंग एंड एनालिसिस (Financial accounting and analysis) 
  • ऑर्गेनाइजेशन एंड मैनेजमेंट (Organisation and management) 
  • कंप्यूटर एप्लीकेशंस एंड इंट्रोडक्शन टू टैली (Computer applications and introduction to tally)
  • पेनल्टीज़ एंड प्रॉसीक्यूशन (Penalties and prosecution) 
  • कंप्यूटेशन ऑफ टोटल इनकम एंड डिटरमिनेशन ऑफ टैक्स लायबिलिटी (Computation of total income and determination of tax liability) 
  • टैक्स ऑडिट एंड एग्रीकल्चरल इनकम अंडर आईटी एक्ट (Tax audit and agricultural income under IT Act) 
  • कम्युनिकेशन स्किल्स (Communication skills) 
  • प्रिंसिपल्स आफ ऑडिटिंग (Principles of auditing) 

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टैक्सेशन कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएँ क्या है (What are the career prospects after taxation course)

टैक्सेशन के इस डिप्लोमा कोर्स को करने के बाद कैंडिडेट के सामने कैरियर के बहुत सारे बेहतरीन अवसर आते हैं। जहां पर कैंडिडेट कई सरकारी और गैर सरकारी कंपनियों में काम कर सकता है। इसके अलावा जितनी भी निजी और एमएनसी कंपनियां हैं वहां पर भी कैंडिडेट को टैक्स से संबंधित काम करने के मौके मिलते हैं। इस प्रकार से टैक्सेशन सेक्टर में अगर देखा जाए तो ट्रेन्ड प्रोफेशनल के लिए अवसरों की बिल्कुल भी कमी नहीं होती है।  

वेतन (salary)

टैक्सेशन में डिप्लोमा कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को स्टार्टिंग में ही काफी अच्छा वेतनमान मिल सकता है जो कि 30,000 से लेकर 70,000 तक के बीच में हो सकता है। इस प्रकार जब उसे कुछ सालों का एक्सपीरियंस हासिल हो जाता है तो तब उसे इससे भी ज्यादा का सैलरी पैकेज मिल सकता है। 

प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector after)

टैक्सेशन का डिप्लोमा कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को प्राइवेट नौकरी करने के बेहतरीन मौके मिल जाते हैं जहां पर वे निम्नलिखित पदों पर काम कर सकते हैं – 

  • टैक्स कंसलटेंट (Tax consultant) 
  • टैक्स पॉलिसी एनालिस्ट (Tax policy analyst)
  • टैक्स कलेक्टर (Tax collector) 
  • टैक्स ऑडिटर (Tax auditor) 
  • रेवेन्यू एजेंट्स (Revenue agents)
  • टैक्स अकाउंटेंट (Tax accountant)
  • अकाउंटिंग मैनेजर (Accounting manager) 

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

टैक्सेशन कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को निजी विभागों के अलावा सरकारी विभागों में भी कई प्रकार की नौकरियां करने के चांस मिल जाते हैं। यहां बता दें कि इसके लिए हर साल गवर्नमेंट सेक्टर में टैक्सेशन से जुड़ी हुई अनेकों रिक्तिया निकलती है जहां पर कैंडिडेट अपना आवेदन दे सकते हैं। 

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निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल टैक्सेशन कोर्स (Diploma in Taxation) कैसे करें पूरी जानकारी। इस लेख के माध्यम से हमने आपको जानकारी दी कि टैक्सेशन में डिप्लोमा कोर्स कैसे करें और इसकी अवधि कितनी होती है। साथ ही साथ हमने आपको यह भी बताया कि इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या होती है। इसके अलावा हमने इस पोस्ट के द्वारा आपको यह जानकारी भी दी कि टैक्सेशन में डिप्लोमा करने के लिए किसी भी छात्र में कितनी योग्यता होनी चाहिए और कैंडिडेट को इस पाठ्यक्रम के लिए कितने रुपए तक की फीस का भुगतान करना पड़ सकता है। 

इस लेख में हमने आपको उन कॉलेजों के नाम भी बताएं जहां से छात्र टैक्सेशन का यह डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं और साथ ही हमने यह भी जानकारी दी कि वहां पर स्टूडेंट्स को क्या सिलेबस पढ़ाया जाता है। इस पोस्ट में हमने आपको यह भी बताया कि जब कोई कैंडिडेट अपना यह कोर्स पूरा कर लेता है तो उसके बाद उसके सामने गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर में कैरियर की क्या-क्या संभावनाएं होती हैं। वैसे देखा जाए तो कॉमर्स बैकग्राउंड के कैंडिडेट इस क्षेत्र में अपना काफी अच्छा कैरियर आसानी के साथ बना सकते हैं। 

अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि अगर आपको हमारे द्वारा दी गई यह सारी जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे उन लोगों के साथ जरूर शेयर करें जो टैक्सेशन इंडस्ट्री में जाना चाहते हैं। 

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