पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स (Diploma in Petrochemical Engineering) कैसे करें पूरी जानकारी

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स (diploma in petrochemical engineering) कैसे करें पूरी जानकारी। पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग रोजगार के लिहाज से एक बहुत ही सफल फील्ड है क्योंकि इसमें मांग अधिक है और उपलब्धता बहुत ही कम है। इस क्षेत्र में काम करना चुनौतीपूर्ण है और विविधता से भरा हुआ है जिसकी वजह से यह एक विशिष्ट इंडस्ट्री है। आज हमारे देश में अनेकों छात्र किसी ऐसे ही क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना पसंद करते हैं जिसमें चुनौतियां और विविधता हों। अगर आप भी एक ऐसे स्टूडेंट हैं और पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में सभी बातों की जानकारी ढूंढ रहे हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल को सारा पढ़ें और जानें सभी महत्वपूर्ण बातें। 

Contents

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्या है (What is diploma in petrochemical engineering in Hindi)

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स के तहत छात्रों को केमिकल इंजीनियरिंग की स्पेशलाइज्ड ब्रांच पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग से संबंधित पढ़ाई करवाई जाती है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि इस पाठ्यक्रम में स्टूडेंट्स को यह ट्रेनिंग दी जाती है कि वह किस प्रकार से प्राकृतिक संसाधनों की खोज कर सकते हैं जैसे कि प्राकृतिक संसाधनों को जमीन से निकालना, उन्हें उसके बाद रिफाइन करना और इस्तेमाल करने के काबिल बनाना। यह सभी काम कोई व्यक्ति केवल तभी कर सकता है जब उसे पेट्रोकेमिकल के बारे में सारी जानकारी होती है। बताते चलें कि जो पेट्रोकेमिकल इंजीनियर होता है उसे पेट्रोलियम के अलावा दूसरे हाइड्रोकार्बन मूल के कच्चे माल को ज्यादा से ज्यादा मूल्यवान और उपयोगी बनाना सिखाया जाता है। 

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अवधि (duration) 

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स की अवधि 3 साल की होती है जिसको करने के बाद कैंडिडेट इस इंडस्ट्री में काम करने योग्य बन जाता है।

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance test for diploma in petrochemical engineering course)

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स के लिए बहुत से कॉलेजों में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट रखा गया है। हालांकि डिप्लोमा पाठ्यक्रम को करने के लिए अधिकतर संस्थानों में छात्रों को बिना किसी प्रवेश परीक्षा के दाखिला मिल जाता है। बताते चलें क्योंकि यह एक डिप्लोमा कोर्स है इसलिए जरूरी नहीं है कि कैंडिडेट को एंट्रेंस टेस्ट के बाद ही संबंधित कोर्स में दाखिला मिले क्योंकि हमारे देश में जो प्राइवेट इंस्टिट्यूट्स हैं वहां पर बिना किसी एग्जाम के दाखिला स्टूडेंट को दे दिया जाता है। 

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (What is the admission process for diploma in petrochemical engineering course)

जो छात्र पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स करना चाहते हैं उन्हें चाहिए कि सबसे पहले वह अपनी 12वीं कक्षा को पास करें। उसके बाद कैंडिडेट को चाहिए कि वह एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने पर संस्थान में जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं। फिर छात्रों को चाहिए कि जो भी डाक्यूमेंट्स उससे एडमिशन के दौरान मांगे जाए तो उन्हें अपने साथ लेकर जाए। कुछ संस्थानों में यह कोर्स 10 वीं कक्षा विज्ञान विषय पास करने के बाद भी करवाया जाता है। बेस्ट यही है कि जिस इंस्टिट्यूट में आपको दाखिला लेना है उसके एडमिशन प्रोसेस के बारे में पहले से ही सारी जानकारी आप हासिल कर लें।  

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पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए (What should be the qualification for diploma in petrochemical engineering course)

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स करने के लिए छात्रों के अंदर निम्नलिखित योग्यता का होना अनिवार्य है जो कि इस प्रकार से है – 

  • छात्र ने कम से कम 10 वीं कक्षा विज्ञान विषय के साथ पास की हो। 
  • या छात्र ने 12 वीं कक्षा विज्ञान विषय के साथ पास की हो। 
  • छात्र को संबंधित क्षेत्र में रुचि होनी चाहिए। 

फीस (fees)

अब यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स करने के लिए कैंडिडेट को जो फीस देनी होती है वह हर कॉलेज की अलग-अलग होती है। यहां बता दें कि कोर्स की फीस लोकेशन और कॉलेज के ऊपर सबसे ज्यादा डिपेंड करती है। लेकिन अगर एक अनुमान लगाया जाए तो इसके लिए कैंडिडेट को 50 हजार रुपए से लेकर 3 लाख रुपए तक की फीस देनी पड़ सकती है। लेकिन बेहतर यही होगा कि कैंडिडेट जिस कॉलेज में दाखिला लेना चाहता है वहां जाकर फीस और अन्य दूसरे बातों की जानकारी हासिल करें।

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भारत में पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए कॉलेज (College to do petrochemical engineering course in India)

भारत में पेट्रो केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए अनेकों संस्थान और कॉलेज हैं जहां से कैंडिडेट अपना डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं जैसे कि –

  • महाराजा सायाजिराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा (Maharaja Sayajirao University of Baroda) 
  • डॉ बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र (Dr Babasaheb Ambedkar technological University Maharashtra)
  • गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज उज्जैन (Government polytechnic college Ujjain)
  • श्री राजीव गांधी पॉलिटेक्निक कॉलेज एरोड तमिलनाडु (Sri Rajiv Gandhi Polytechnic College erode Tamil Nadu)
  • राम सिंह कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी फिरोजाबाद (Ram Singh College of engineering and Technology firozabad) 
  • मेवार यूनिवर्सिटी चितौड़गढ़ राजस्थान (Mewar University chittorgarh Rajasthan)
  • गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग विशाखापट्टनम (government Institute of chemical engineering Visakhapatnam) 
  • पारूल यूनिवर्सिटी वडोदरा (Parul university Vadodara)
  • स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड ट्रेंनिंग हैदराबाद (State board of Technical Education and training Hyderabad) 
  • नंदा पॉलिटेक्निक कॉलेज तमिल नाडु (nandha polytechnic college Tamil Nadu) 

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स का पाठ्यक्रम/ सब्जेक्ट्स क्या-क्या है (What are the syllabus / subjects of petrochemical engineering course)

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स के अंतर्गत छात्रों को निम्नलिखित सिलेबस पढ़ाया जाता है जो कि इस प्रकार से है –

  • इंट्रोडक्शन टू केमिकल इंजीनियरिंग (introduction to chemical engineering) 
  • केमिकल इंजीनियरिंग लैबोरेट्री (Chemical engineering laboratory)
  • हीट ट्रांसफर ऑपरेशंस (Heat transfer operations)
  • ऑप्टिमाइजेशन टेक्निक्स (Optimisation techniques)
  • पेट्रोलियम जियोलॉजी (Petroleum geology) 
  • इंजीनियरिंग ग्रैफिक्स (Engineering graphics) 
  • प्रोसेस इक्विपमेंट डिजाइन एंड ड्रॉइंग (Process equipment design and drawing)
  • फ्लूड एंड सॉलि़ड फ्लूड ऑपरेशंस (Fluid and solid fluid operations) 

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएँ क्या है (What are the career prospects after petrochemical engineering course)

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स करने के बाद कैंडिडेट के सामने एंप्लॉयमेंट के बहुत सारे अवसर आते हैं जहां पर उसकी नियमित ग्रोथ भी होती है। यहां बता दें कि कैंडिडेट को इस पाठ्यक्रम के बाद देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम करने का मौका मिल सकता है जैसे कि – 

  • एस्सार ऑयल (Essar oil)
  • ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (Oil and natural gas corporation limited)
  • गेल (Gail)
  • हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (Hindustan Petroleum corporation Limited) 
  • भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (Bharat Petroleum corporation Limited) 
  • इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Indian Oil corporation Limited) 
  • शेल टेक्नोलॉजी (Shell Technology)
  • ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (Oil and natural gas corporation)
  • चेन्नई पैट्रोलियम (Chennai Petroleum corporation Limited) 
  • हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड (Hindustan Oil exploration company Limited)  

वेतन (salary)

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा करने के बाद कैंडिडेट को उसके कैरियर की शुरुआत में ही काफी अच्छा वेतनमान मिल जाता है जो कि इस बात के ऊपर निर्भर करता है कि उम्मीदवार को देश की कौन सी कंपनी में काम करने का अवसर मिला है। हालांकि अगर एवरेज सैलेरी की बात करें तो 20,000 से लेकर 40,000 तक कैंडिडेट को स्टार्टिंग में ही मिलने लगते हैं। बाद में बाद में उसके वेतनमान में वृद्धि हो जाती है। 

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प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector after)

पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद कैंडिडेट को प्राइवेट सेक्टर में कई प्रकार की बेहतरीन नौकरी करने के मौके मिलते हैं। यहां बता दें कि आज हमारे देश के प्राइवेट सेक्टर में पेट्रोकेमिकल इंजीनियर की बहुत ज्यादा आवश्यकता है इसलिए उम्मीदवारों को नौकरी के लिए बिल्कुल भी समस्या नहीं होती है।  

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

जिस प्रकार से पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा हासिल करने के बाद कैंडिडेट को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के मौके मिलते हैं ठीक उसी तरह से इच्छुक उम्मीदवार को गवर्नमेंट सेक्टर में भी जॉब करने के अनेकों अवसर मिल जाते हैं। इसके लिए हमारे देश में हर साल विभिन्न सरकारी विभागों में संबंधित क्षेत्र में रिक्तियां निकलती रहती हैं। इस तरह से जो लोग सरकारी विभागों में काम करने में रुचि रखते हैं वे वैकेंसी निकलने पर वहां आवेदन दे सकते हैं। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स (diploma in petrochemical engineering) कैसे करें पूरी जानकारी। इस पोस्ट के द्वारा हमने आप को जानकारी दी कि पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स क्या है और इसकी कितनी अवधि होती है। इसके अलावा इस लेख में हमने आपको यह जानकारी भी दी कि इस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या होती है। साथ ही हमने आपको यह भी बताया कि पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स करने के लिए किसी भी छात्र में कितनी योग्यता होनी चाहिए और इसके लिए स्टूडेंट्स को जो फीस देनी होती है उसके बारे में भी बताया। 

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने यह भी बताया कि भारत में पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए कौन कौन से कॉलेज अच्छे हैं और वहां पर पढ़ाए जाने वाले सिलेबस की जानकारी भी हमने आपको दी। साथ ही साथ हमने आपको यह जानकारी भी दी कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद किसी भी कैंडिडेट के सामने प्राइवेट सेक्टर और गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी की क्या-क्या संभावनाएं हो सकती हैं। 

अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि अगर आपको हमारा यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में डिप्लोमा करना चाहते हैं। 

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