फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स (Diploma in Forensic Medicine) कैसे करें पूरी जानकारी

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स (Diploma in Forensic Medicine) कैसे करें पूरी जानकारी। बहुत से छात्रों का यह सपना होता है कि वह अपना कैरियर किसी ऐसी इंडस्ट्री में बनाएं जो दूसरों से हटकर हो। ऐसे में वो अगर चाहें तो फॉरेंसिक मेडिसिन में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। यहां आपको बता दें कि यह एक फॉरेंसिक साइंस कोर्स है जिसके अंदर अपराध का पता लगाने के लिए या फिर उसकी जांच करने के लिए क्राइम सीन से पाए गए सबूतों के बारे में पूर्ण जानकारी प्रदान करना होता है। लेकिन इस क्षेत्र में काम करने के लिए जरूरी है कि पहले आप इससे संबंधित कोर्स में दाखिला लेकर ट्रेनिंग लें और उसके बाद इस इंडस्ट्री में एंटर करें। फॉरेंसिक मेडिसिन के डिप्लोमा कोर्स के बारे में जानने के लिए हमारे आज के इस पोस्ट को सारा पढ़ें और जाने सभी महत्वपूर्ण  बातें। 

Contents

फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स क्या है (What is diploma in forensic medicine  in Hindi)

सबसे पहले आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि फॉरेंसिक मेडिसिन का डिप्लोमा ऐसा कोर्स है जिसके अंदर अपराध का पता लगाने के लिए क्राइम सीन पर मिले गए साक्ष्यों को इकट्ठा करके महत्वपूर्ण जानकारी का पता लगाना होता है। यहां बता दें कि जब कोई घटना होती है तो वहां पर उस क्राइम की जांच करने में फॉरेंसिक एक्सपर्ट का एक बहुत ही महत्वपूर्ण रोल होता है। इसीलिए फॉरेंसिक मेडिसिन के डिप्लोमा कोर्स के अंतर्गत छात्रों को क्रिमिनल को पकड़ने के लिए तरह-तरह की तकनीकों का इस्तेमाल करना सिखाया जाता है। इस प्रकार जब कैंडिडेट इस क्षेत्र में काम करते हैं तो तब उन्हें क्राइम की जगह पर पहुंच कर ब्लड सैंपल, डीएनए प्रोफाइलिंग इत्यादि के बारे में रिसर्च और जांच करना होता है।  

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अवधि (duration) 

जो छात्र फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स करना चाहते हैं तो उन्हें हम यहां जानकारी के लिए बता दें कि इस कोर्स की अवधि 2 साल की या फिर 3 साल की होती है जो कि हर संस्थान पर अलग-अलग निर्भर करती है। 

फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance test for diploma in forensic medicine course)

फॉरेंसिक मेडिसिन में डिप्लोमा करने के लिए देश के कई प्रतिष्ठित कॉलेजों में एंट्रेंस टेस्ट कंडक्ट करवाया जाता है। इसके अलावा कुछ कॉलेजों की अपनी प्रवेश परीक्षा भी होती है जिसमें इच्छुक उम्मीदवारों को शामिल होना पड़ता है। साथ ही साथ बता दें कि हमारे देश में कुछ ऐसे निजी संस्थान और कॉलेज भी है जहां पर छात्रों को 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला दे दिया जाता है। 

फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (What is the admission process for diploma in forensic medicine course)

जो कैंडिडेट फॉरेंसिक मेडिसिन के डिप्लोमा कोर्स  में दाखिला लेने के इच्छुक होते हैं उन्हें इसके लिए सबसे पहले 12वीं कक्षा विज्ञान विषय के साथ पास करनी अनिवार्य होती है। उसके बाद छात्रों को अपना रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। इस तरह से उन्होंने जिस कॉलेज में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है अगर वहां पर एंट्रेंस टेस्ट के बाद दाखिला की प्रक्रिया है तो छात्र को उसमें भाग लेना जरूरी होता है। इसके अलावा जो निजी संस्थान या कॉलेज है वहां पर पंजीकरण करवाने के बाद छात्रों को दाखिला मिल जाता है। 

फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए (What should be the qualification for diploma in forensic medicine course)

फॉरेंसिक मेडिसिन के डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने के लिए इच्छुक छात्रों में कुछ योग्यता का होना जरूरी है जो कि इस प्रकार से है – 

  • कैंडिडेट ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मिनिमम 12वीं कक्षा पास की हो।
  • छात्र ने 12वीं में साइंस के सब्जेक्ट्स पढ़ें होने चाहिएं।

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फीस (fees)

इस डिप्लोमा कोर्स को करने के लिए छात्रों को जो फीस देनी पड़ती है वह पूरी तरह से उनके द्वारा चुने गए कॉलेज के ऊपर निर्भर करती है। यहां हम बता दें कि सरकारी कॉलेज या संस्थान में कैंडिडेट को कम फीस देनी पड़ती है लेकिन निजी संस्थान में यह फीस काफी ज्यादा हो सकती है। लेकिन एक अनुमान के तौर पर हम यहां बता दें कि इसके लिए आपको 50 हजार से लेकर 4 लाख रुपए तक की फीस देनी पड़ सकती है।

भारत में फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स करने के लिए कॉलेज (College to do forensic medicine course in India)

भारत में फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स में डिप्लोमा करने के लिए निम्नलिखित कॉलेजों के नाम इस प्रकार से हैं –

  • काकटिया मेडिकल कॉलेज वारंगल (kakatiya Medical College Warangal) 
  • आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी पटना (Aryabhatta Knowledge University Patna) 
  • गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंस भोपाल (Government institute of forensic science Bhopal)
  • सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री हैदराबाद (Central forensic science laboratory Hyderabad) 
  • लोकनायक जयप्रकाश नारायण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फॉरेंसिक साइंस दिल्ली (Lok Nayak Jayaprakash Narayan National Institute of criminology and forensic science Delhi)
  • डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिक साइंस पंजाब यूनिवर्सिटी (Department of forensic science Panjab University) 
  • इंस्टीट्यूट आफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी बुंदेलखंड झांसी (Institute of forensic science and criminology Bundelkhand Jhansi) 
  • डॉ भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा (Dr Bheemrao Ambedkar University Agra) 
  • सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी चंडीगढ़ (Central forensic science laboratory Chandigarh) 
  • तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी मुरादाबाद (Teerthanker Mahaveer University Moradabad) 

फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स का पाठ्यक्रम/ सब्जेक्ट्स क्या-क्या है (What are the syllabus / subjects of forensic medicine course)

फॉरेंसिक मेडिसिन डिप्लोमा कोर्स के अंदर छात्रों को जो सिलेबस पढ़ाया जाता है उसकी जानकारी निम्नलिखित इस प्रकार से है – 

  • मेडिको-लीगल एस्पेक्ट्स ऑफर डिसीज (Medico-legal aspects of a disease)
  • एसेंशियल फॉरेंसिक पैथोलॉजी एंड क्लीनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन टू इंक्लूड रिकॉग्निशन एंड इंटरप्रिटेशन ऑफ वूंड्स एंड अदर इंजरीस (Essential forensic pathology and clinical forensic medicine to include recognition and interpretation of wounds and other injuries)
  • मेडिकल एंड साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन ऑफ फायर्स (Medical and scientific investigation of fires)
  • एक्सप्लोजंस एंड सिमिलर कॉसेस ऑफ नॉन-नेचुरल डेथ्स (Explosions and similar causes of non-natural deaths)
  • चाइल्ड डेथ्स एंड चाइल्ड एब्यूज; इन्वेस्टिगेशन ऑफ सेक्सुअल ऑफेंसेस (Child deaths and child abuse; investigation of sexual offenses)
  • द रोल ऑफ द पुलिस इन एंड इन्वेस्टिगेशन एंड देयर रिलेशनशिप टू अदर प्रोफेशन (The role of the police in an investigation and their relationship to other professions) 
  • कंपैरेटिव लीगल सिस्टम्स, कोर्ट प्रोसीजर, प्रिंसिपल्स ऑफ़ द लॉ ऑफ एविडेंस (Comparative legal systems, Court procedure, principles of the law of evidence) 
  • द कोरोनर प्रोक्यूरेटर फिसकल (The coroner and Procurator fiscal) 
  • कोरोनर्स इंक्वेस्ट्स एंड फटल एक्सीडेंट इंक्वायरीज (Coroner’s inquests and fatal accident enquiries) 
  • द रोल ऑफ जज, ऑफ द डिफेंस एंड ऑफ द एक्सपर्ट विटनेस (The role of judge, of the defence and of the expert witness) 
  • प्रिंसिपल्स ऑफ़ फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी (Principles of forensic toxicology) 
  • ड्रग्स एंड पोईजंस इंक्लूडिंग ड्रग्स ऑफ एब्यूज एंड द रिलेटेड लॉ (Drugs and poisons including drugs of abuse and the related law) 
  • अल्कोहल साइंटिफिक एंड लीगल एस्पेक्ट्स (Alcohol- scientific and legal aspects) 
  • फॉरेंसिक डीएनए (Forensic DNA) 
  • फॉरेंसिक ओडोनटोलॉजी (Forensic odontology) 
  • इन्वेस्टिगेशन ऑफ मास डिजास्टर्स (Investigation of mass disasters) 
  • ह्यूमन राइट्स एंड टॉर्चर इन्वेस्टिगेशन (Human rights and torture investigation)
  • फॉरेंसिक साइकाइट्री (Forensic psychiatry) 

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फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएँ क्या है (What are the career prospects after forensic medicine course)

फॉरेंसिक मेडिसिन में डिप्लोमा कोर्स करने के बाद उम्मीदवारों के सामने कैरियर के बहुत सारे अच्छे अवसर आते हैं जहां पर काम कर सकते हैं जैसे कि – 

  • गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स (Government hospitals) 
  • फॉरेंसिक पैथोलॉजी (Forensic pathology) 
  • क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन (Crime scene investigation)
  • मेडिकल कॉलेजेस एंड यूनिवर्सिटीज (Medical colleges and universities) 
  • फॉरेंसिक केमिस्ट (Forensic chemist) 
  • मेडिकल राइटिंग्स (Medical writings)
  • प्राइवेट क्लिनिक्स (Private clinics)
  • रिसर्च लैब्स (Research labs) 

वेतन (salary)

फॉरेंसिक मेडिसिन का डिप्लोमा कोर्स करने के बाद जब कैंडिडेट नौकरी की शुरुआत करते हैं तो उन्हें जो वेतनमान मिलता है वह इस बात के ऊपर निर्भर करता है कि उन्हें कौन सी कंपनी और कौन सी जगह पर जॉब मिली है। लेकिन अगर एक एवरेज सैलेरी की बात करें तो इस इंडस्ट्री में कैंडिडेट को 20,000 से लेकर 60,000 तक का वेतनमान मिल सकता है। जब कैंडिडेट को कुछ वर्षों का अनुभव हासिल हो जाता है तो उसकी सैलरी में और भी ज्यादा वृद्धि हो जाती है। 

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प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector after)

हालांकि फॉरेंसिक मेडिसिन का क्षेत्र ऐसा है जहां पर कैंडिडेट को सरकारी विभागों में नौकरी की ज्यादा संभावनाएं मिलती है लेकिन फिर भी कैंडिडेट को प्राइवेट सेक्टर में निम्नलिखित जॉब मिल सकती हैं – 

  • फॉरेंसिक फिजीशियन (forensic physician
  • फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट (Forensic pathologist) 
  • फॉरेंसिक इंजीनियर (Forensic engineer) 
  • फॉरेंसिक आर्टिस्ट एंड स्कल्पचर (Forensic artist and sculpture) 
  • क्राइम्स सीन इन्वेस्टिगेटर (Crime scene investigator) 
  • फॉरेंसिक लैब्स (Forensic labs) 
  • टॉक्सिकोलॉजिस्ट (toxicologist) 

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

फॉरेंसिक मेडिसिन में डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद कैंडिडेट को प्राइवेट से ज्यादा गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी के अवसर ज्यादा मिलते हैं। यहां बता दें कि इस प्रकार से कैंडिडेट निम्नलिखित जगहों पर जॉब के ऑप्शन हासिल कर सकता है जैसे कि – 

  • पुलिस डिपार्टमेंट (Police department)
  • लीगल सिस्टम (Legal system)
  • इन्वेस्टिगेटिव सर्विसेज (Investigative services)
  • फॉरेंसिक डिपार्टमेंट (Forensic department)
  • फॉरेंसिक इंटेलिजेंस ब्यूरो (Forensic Intelligence bureau)
  • सीबीआई (CBI) 

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निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल फॉरेंसिक मेडिसिन में डिप्लोमा कोर्स (Diploma in Forensic Medicine) कैसे करें पूरी जानकारी। एक लेख के माध्यम से हमने आपको बताया फॉरेंसिक मेडिसिन में डिप्लोमा कोर्स कैसे करें और इसकी अवधि कितनी होती है। इसके अलावा हमने आपको यह जानकारी भी दी कि इसके लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या होती है। साथ ही इस आर्टिकल के द्वारा हमने आपको यह जानकारी भी दी कि फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स में डिप्लोमा करने के लिए छात्रों में कितनी योग्यता का होना जरूरी है एवं इसके लिए उन्हें कितने रुपए तक की फीस देनी पड़ सकती है। 

इसके अलावा हमने आपको बताया कि भारत में फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स में डिप्लोमा करवाने के लिए कौन कौन से कॉलेज अच्छे हैं और वहां पर क्या सिलेबस पढ़ाया जाता है। इस पोस्ट में हमने आपको यह भी बताया कि जब कैंडिडेट इस कोर्स में अपना डिप्लोमा हासिल कर लेता है तो तब उसके सामने प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में कैरियर की क्या-क्या संभावनाएं होती हैं। 

अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें जो 12वीं के बाद फॉरेंसिक मेडिसिन कोर्स में डिप्लोमा करना चाहते हैं। 

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