सीएस कोर्स क्या है और CS कैसे करे जानिये पूरी जानकारी

सीएस कोर्स: आजकल कॉर्पोरेट वर्ल्ड का ज़माना है, जहाँ ज़्यादातर कम्पनीज को सारे एडमिनिस्ट्रेटिव ( प्रसाशनीय कार्य ) लीगल जिम्मेदारियों को संभालने के लिए एक सेक्रेटरी की ज़रूरत होती है।  किसी भी कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुँचाने में सेक्रेटरी का बहुत बड़ा हाथ होता है। युवा पीढ़ी में सीएस कोर्स करने का बड़ा चलन है सीएस एक लोकप्रिय कोर्स है जिसका चुनाव आजकल ज़्यादातर लोग कर रहे है। इस कोर्स का प्रस्ताव इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ़ इंडिया द्वारा किया जाता है।

सीएस कोर्स

Full form of CS – Company Secretary In Hindi

CS का फुल फॉर्म कंपनी सेक्रेटरी | कंपनी सेक्रेटरी को कंपनी सचिव कहा जाता है।  किसी भी कंपनी की सफलता के पीछे कंपनी सेक्रेटरी का बहुत बड़ा योगदान होता है। भारत की ज़्यादातर कंपनी जो करोड़ो का व्यापार कर रही है वे एक कंपनी सेक्रेटरी निश्चित तौर पर नियुक्त करती है। भारत के लाखो विद्यार्थी इस कोर्स को करना चाहते है, और अच्छे बड़े कंपनी में कार्यरत होना चाहते है। संचालन बोर्ड, एसोसिएशन या फेडरेशन अथॉरिटी, सभी को कंपनी सेक्रेटरी की आवश्यकता होती है। किसी भी संगठन का कंपनी सेक्रेटरी उसके कानूनी गतिविधियों और ज़रूरी कार्यक्रमों का ध्यान रखता है।

सीएस कोर्स करने की योग्यता ( Eligibility of company secretary course )

कंपनी सेक्रेटरी फाउंडेशन प्रोग्राम को करने के लिए विद्यार्थी को बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है। विद्यार्थी बारहवीं के किसी भी स्ट्रीम जैसे विज्ञान, गणित या कॉमर्स से पास हो तो यह कोर्स कर सकता है।  अगर कोई व्यक्ति ग्रेजुएशन करने के बाद यह कोर्स करना चाहता है तो वो भी यह कोर्स कर सकता है।

  • कंपनी सेक्रेटरी की कोर्स करने के लिए न्यूनतम सत्रह वर्ष होना आवश्यक है।
  • सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम, फउंडेशन प्रोग्राम कोर्स क्लियर करने के बाद कर सकते है अथवा किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन के बाद भी कर सकते है  
  • प्रोफेशनल कार्यक्रम कोर्स को करने के लिए एग्जीक्यूटिव सीएस प्रोग्राम कोर्स को क्लियर करना आवश्यक होता है  यह परीक्षा वर्ष में दो बार जून और दिसंबर के महीने में आयोजित की जाती है। विद्यार्थी कंपनी सेक्रेटरी कोर्स प्रोग्राम करके अपने भविष्य को एक नयी दिशा दे सकते है।
  • बारहवीं के बाद सीएस कोर्स करना चाहते है तो आपको सीएस फाउंडेशन प्रोग्राम से शुरुआत करना होगा |अगर आप स्नातक कोर्स उत्तीर्ण कर लेते है तो निश्चित रूप से एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते है। यह कोर्स क्लियर करने के बाद सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम कोर्स कर सकते है।

सीएस कोर्स की अवधि ( Duration of CA course )

कंपनी सेक्टरी कोर्स तीन साल का होता है। फाउंडेशन प्रोग्राम को करने में न्यूनतम एक वर्ष लगता है। एग्जीक्यूटिव कोर्स को करने में भी एक साल लगता है और प्रोफेशनल कोर्स को क्लियर करने में भी लगभग एक साल का वक़्त लगता है। यह समय पर भी निर्भर करता है कि आप इन विषयो को पूरा करने में कितना समय लेते है। औसतन तीन साल की अवधि इस कोर्स को करने के लिए लगते है।

सीएस कोर्स के विषय / पाट्यक्रम

फाउंडेशन प्रोग्राम के विषय

अंग्रेजी और बिज़नेस कम्युनिकेशन 

वित्तीय यानी फाइनेंसियल एकाउंटिंग 

अर्थशास्त्र और स्टेटिस्टिक्स 

एलिमेंट्स ऑफ़ बिज़नेस लॉज़ एंड मैनेजमेंट

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के विषय

कंपनी एकाउंट्स , कॉस्ट एंड मैनेजमेंट 

जनरल एंड कमर्शियल लॉज़ 

टैक्स लॉज़ 

एकाउंटिंग 

मॉडल २ के अंतर्गत 

कंपनी लॉ 

सिक्योरिटीज लॉज़ एंड कॉम्पलिएंसेस 

इकनोमिक लॉज़

प्रोफेशनल प्रोग्राम के विषय 

मॉडुल वन 

ड्राफ्टिंग एंड प्लीडिंग्स 

कंपनी सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस 

मॉडल २ 

कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चरिंग एंड इन्सॉल्वेंसी 

फाइनेंसियल  ट्रेज़री एंड फोरेक्स मैनेजमेंट 

मॉडुल ३ 

एडवांस्ड टैक्स लॉज़ एंड प्रैक्टिस 

स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट 

मॉडुल चार

गवर्नन्स, बिज़नेस एथिक्स एंड सस्टेनेबिलिटी इत्यादि |

सीएस कोर्स के अंतर्गत प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और मैनेजमेन्ट ट्रेनिंग की भी शिक्षा दी जाती है। जो कंपनी सेक्रेटरी का कोर्स करना चाहते है उन्हें अलग अलग प्रोग्राम करना पड़ता है और पंद्रह महीने का प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करना पड़ता है।

सीएस कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया ( Admission process )

सीएस कोर्स में प्रवेश प्राप्त करने के लिए वर्ष में दो बार परीक्षा होती है। यह परीक्षाएँ जून और दिसंबर के महीने में होती है।  आपको बारहवीं के बाद फाउंडेशन कोर्स परीक्षा में बैठना होगा जो दिसंबर में आयोजित होती है।  इसके लिए आपको मार्च महीने के 31 तक रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यदि आप जून में आयोजित परीक्षा में शामिल होना चाहते है तो आपको सितम्बर तक रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। 

अगर आप सीएस कोर्स की एग्जीक्यूटिव परीक्षा में शामिल होना चाहते है तो आप दिसंबर की परीक्षा में शामिल हो सकते है।  इसके लिए आपको फरवरी तक रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम की जून की परीक्षा के लिए एक साल पहले आपको अगस्त महीने तक रजिस्ट्रेशन कराना होगा। व्यक्ति को फाउंडेशन, एग्जीक्यूटिव अथवा  प्रोफेशनल प्रोग्राम परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% अंक और सभी विषयों के कुल अंकों में 50% अंक प्राप्त करना होगा।

भारत में सीएस कोर्स करने के लिए कॉलेज 

गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज नन्दनम चेन्नई , तमिलनाडु 

सेंट अल्फोंसा सीएस कॉलेज कोट्टायम, केरल

इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया नई दिल्ली, 

मोहन्स इंस्टिट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट स्टडीज एर्नाकुलम, केरल

चेवेलियर टी ,टॉमस एलिजाबेथ कॉलेज फॉर विमेन चेन्नई, तमिलनाडु

तिरुथंगल नादर कॉलेज चेन्नई, तमिलनाडु

Dr.N.G.P. आर्ट्स और साइंस कॉलेज कोयंबटूर, तमिलनाडु

M.O.P. वैष्णव कॉलेज फॉर विमेन चेन्नई, तमिलनाडु

बिंदेश्वर सिंह कॉलेज ,पटना 

इंस्टिट्यूट ऑफ़ कॉर्पोरेट मैनेजमेंट , उदयपुर 

एडुब्रिज  लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड , मुंबई

अजितदादा पवार डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेज , पुणे

कॉल्विन तालुकदार कॉलेज , लखनऊ

भगवान् महावीर कॉलेज ऑफ़ कंप्यूटर 

डॉ सी पी ठाकुर कॉलेज , पटना, इत्यादि |

फीस (fees ) 

जैसा की हम जानते है इस कोर्स के तीन भाग है , उसके अनुसार इसके फीस को विभाजित किया गया है , जो इस प्रकार है :

फाउंडेशन प्रोग्राम के फीस

एडमिशन फीस – Rs 1200

ट्यूशन फीस – Rs 2400

कुल मिलाकर फीस –  Rs 3600

एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रेशन फीस – RS 1500

फाउंडेशन एग्जामिनेशन फीस – RS 500

ट्यूशन फीस –RS 5000

कुल मिलाकर सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम का फीस – RS 7000

प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन फीस –  1500

फाउंडेशन परीक्षा शुल्क से छूट- 500

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम परीक्षा शुल्क से छूट-500

ट्यूशन फीस – Rs 9500

कुल मिलाकर सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम की फीस – Rs 12000

फाउंडेशन प्रोग्राम का एग्जामिनेशन फॉर्म फीस –  RS 875 

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम पर मॉडुल एग्जामिनेशन फॉर्म  – RS 900। सीएस कोर्स की फीस पांच हज़ार से बारह हज़ार के बीच हो सकता है।

वेतन 

सीएस हर प्रकार के बिज़नेस कम्पनीज को चाहिए चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट। किसी भी कम्पनीज को आपने टैक्स, लीगल गतिविधियों का ध्यान रखने और मैनेज करने के लिए कंपनी सेक्रेटरी की ज़रूरत होती  है। 

सीएस कोर्स करने के बाद बैंक, वित्तीय संस्थान इत्यादि में नौकरी के लिए अप्लाई कर सकता है। इसकी शुरूआती सैलरी पच्चीस हज़ार से चालीस हज़ार प्रति महीने होती है। जैसे जैसे व्यक्ति का अनुभव बढ़ता है उसका वेतन भी बढ़ जाता है। आरम्भ में तीन से छह लाख तक वार्षिक वेतन मिल जाता है | वक़्त के साथ आपने कार्य में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तो चौदह लाख से बीस लाख तक सालाना वेतन मिल सकता है। बड़ी-बड़ी कंपनियों में उम्मदीवार के योग्यता और अनुभव के अनुसार अधिक सैलरी पैकेज भी दिया जाता है।

सीएस कोर्स करने के बाद करियर सम्भावनाएँ

कॉर्पोरेट वर्ल्ड में सीएस कोर्स करने के बाद कैंडिडेट के लिए अलग अलग श्रेणी के नौकरी उपलब्ध है। कैंडिडेट  सार्वजनिक कार्यस्थल जैसे बैंक, फाइनेंस कंपनी, स्टॉक एजेंसीज इत्यादि विभागों में नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते है। उम्मीदवार नौकरी के लिए ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते है। पंद्रह महीने की सीएस कोर्स की ट्रेनिंग के पश्चात कैंपस इंटरव्यूज होते है। कंपनी सेक्रेटरी का कोर्स करने के पश्चात आप विभिन्न जॉब प्रोफाइल में कार्य कर सकते है जैसे कंपनी रेजिस्टर, लीगल एडवाइजर, कॉर्पोरेट पालिसी मेकर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, कॉर्पोरेट प्लानर, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी इत्यादि।

प्राइवेट नौकरी 

सीएस कोर्स करने के बाद विभिन्न स्थानों पर इंटरव्यू के लिए आवेदन कर सकते है जैसे इन्वेस्टमेंट सेक्टर, एम्प्लायर कोआपरेटिव, प्रोजेक्ट प्लानिंग, कैपिटल मार्केटिंग, कॉर्पोरेट एडवाइजरी, फॉरेन कोलैबोरेशन एंड जॉइंट वेंचर्स, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी ट्रेड जैसे कम्पनीज में अलग-अलग पदों के लिए आवेदन कर सकते है।

निम्नलिखित शीर्ष कम्पनीज अलग-अलग पदों पर नौकरी प्रदान करती है |

मोनोलिथ इंडस्ट्रीज लिमिटेड 

ट्रिनिटी रीइन्शुरन्स ब्रोकर लिमिटेड 

जेपी ग्रुप 

ओमैक्स लिमिटेड 

करूर व्यस्य बैंक लिमिटेड 

पंजाब नेशनल बैंक 

बिरला कारपोरेशन लिमिटेड 

आयल इंडिया लिमिटेड , एचसीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इत्यादि।

सीएस का रोल और कार्य 

  • कंपनी सेक्रेटरी बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स को असिस्ट करते है और इसके साथ विशेष सलाह भी देते है ।
  • कंपनी सेक्रेटरी एक लीगल एडवाइजर, कॉर्पोरेट प्लानर  के तौर पर कार्य करते है और कंपनी को किसी भी लीगल मैटर संबंधी क्षेत्रों में असिस्ट करते है।
  • कंपनी सेक्रेटरी एक कॉर्पोरेट पालिसी मेकर के तौर पर कार्य करते है और शार्ट टर्म लॉन्ग टर्म कॉर्पोरेट पॉलिसीस को एक साथ हैंडल करते है। 
  • यह चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर के तौर पर कार्य करते है जहाँ उन्हें कंपनी प्रशासन के गतिविधियों का ध्यान रखते है। कंपनी सेक्रेटरी कंपनी के कानूनी और गोपनीय दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखते है।
  • वह कॉर्पोरेट मीटिंग्स प्रमुख रूप से बोर्ड मीटिंग पर विचार विमर्श करना, बोर्ड मीटिंग आयोजन करना, क्लाइंट को संभालना, गवर्नमेंट और प्राइवेट प्रतिनिधि मंडल के मुलाकातों की देख रख इत्यादि करते है।
  • उनकी मुख्य जिम्मेदारी होता है क्लाइंट और कॉर्पोरेट इवेंट्स को मैनेज करना।
  • कंपनी सेक्रेटरी को मैनेजमेंट और फाइनेंस का प्रचुर मात्रा में ज्ञान होता है वह कंपनी के डायरेक्टर को सभी ज़रूरी जानकारी प्रदान करते है।

निष्कर्ष 

हमे उम्मीद है कि सीएस कोर्स कैसे करे और उसके बाद करियर का विकल्प के बारे में आपने सारी जानकारी प्राप्त कर ली है। इस लेख में सीएस कोर्स करने की अवधि और फीस जैसे महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी है। कंपनी सेक्रेटरी का दायित्व होता है कि वह कंपनी के सारे कार्यो को सुचारु रूप से देखे और कम्पनी के कार्य प्रणाली के नियमो से परिचित हो और कंपनी के विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम हो। अगर आप भी यह कोर्स करना चाहते है, तो देरी ना करते हुए, उपर्युक्त जानकारी और निर्देशों का अनुकरण करे फिर कोर्स के लिए अप्लाई करें।

Deepak Kumar

दीपक कुमार After12th.net के लेखक और संस्थापक हैं। वह छात्रों को उनकी धारा तय करने और उद्योग में पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। वह उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। उनका उद्देश्य देश में अधिकतम छात्रों के लिए वैध और उपयोगी जानकारी साझा करना है।

This Post Has 3 Comments

  1. Achal Singh

    Sir’ agar tution na le to……

  2. Gaurav

    Cs hindi me kaha kaha hota hai..?

  3. Gaurav

    Cs hindi me kaha kaha hota hai ?

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