बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स (Bachelor of performing arts Course) कैसे करें पूरी जानकारी

नमस्कार! After 12th में आपका स्वागत है। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स (Bachelor of performing arts Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। बहुत से छात्रों को म्यूजिक, डांस और एक्टिंग का बहुत ज्यादा शौक होता है। लेकिन कुछ लोग अपने इस शौक को लेकर बहुत ज्यादा क्रेज़ी होते हैं। 

इसीलिए वह संबंधित क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। साथ ही बता दें कि इस कोर्स को करने के बाद जब कैंडिडेट्स को फिल्म या टीवी इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिलता है तो तब उन्हें नाम और शोहरत दोनों ही मिलते हैं। 

बताते चलें कि अगर आपके अंदर टैलेंट है और आप 12वीं के बाद बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स करना चाहते हैं, तो इसके बारे में आपको सारी बातें पता होनी चाहिए। आज के इस पोस्ट में हम आपको इस कोर्स के बारे में सारी डिटेल्स बताएंगे। इसलिए हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें। 

Contents

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स क्या है (what is Bachelor of performing arts course in Hindi)

सबसे पहले यहां आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स को बीपीए (BPA) भी कहा जाता है। साथ ही बता दें कि यह एक अंडर ग्रेजुएट कोर्स है जिसमें छात्रों को डांस, म्यूजिक और ड्रामा जैसे विषयों पर विस्तृत पढ़ाई करवाई जाती है। 

इसके अलावा बता दें कि यह कोर्स आमतौर पर 12वीं के बाद वह छात्र करते हैं जो अपनी जिंदगी में नाम और शोहरत कमाने के इच्छुक होते हैं। बताते चलें कि विद्यार्थियों को इस ग्रैजुएट प्रोग्राम में डांस, संगीत और थिएटर की काफी बेहतरीन ट्रेनिंग दी जाती है जिसके बाद वो पेशेवर के तौर पर संबंधित इंडस्ट्री में काम करने योग्य हो जाते हैं। 

अवधि (duration)

बीपीए कोर्स की अवधि 12वीं के बाद 3 से लेकर 4 साल तक की होती है। जानकारी दे दें कि यह एक ग्रैजुएट लेवल का कोर्स है। इसके अलावा बता दें कि इसका एग्जाम पैटर्न सेमेस्टर पर आधारित होता है। इस प्रकार से जब स्टूडेंट्स सभी सेमेस्टर के एग्जाम में पास हो जाते हैं तो उन्हें बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की डिग्री मिल जाती है।  

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (entrance test for Bachelor of performing arts course)

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के ग्रैजुएट प्रोग्राम में जो विद्यार्थी एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें प्रवेश परीक्षा में शामिल होना पड़ता है। इस तरह से जो कैंडिडेट एग्जाम टेस्ट में पास हो जाते हैं उन्हें उनके पसंदीदा कॉलेज में दाखिला मिल जाता है। यहां निम्नलिखित हम कुछ एंट्रेंस टेस्ट के नाम बता रहे हैं जो कि इस प्रकार से हैं – 

  • डीयूईटी (DUET- Delhi University Entrance Test)- इस एंट्रेंस एग्जाम को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा कंडक्ट करवाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि यह एग्जाम ऑनलाइन होता है और इसमें छात्रों से मल्टीपल चॉइस टाइप के क्वेश्चन पूछे जाते हैं। 
  • एलपीयूएनईएसटी  (LPUNEST) – इस एंट्रेंस टेस्ट को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के द्वारा कंडक्ट करवाया जाता है। यह प्रवेश परीक्षा भी ऑनलाइन होती है और साल में दो बार इस एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन विभिन्न कोर्सो में दाखिला लेने के लिए करवाया जाता है। 
  • बीएचयू यूईटी (BHU UET) – यह एंट्रेंस टेस्ट बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के द्वारा कंडक्ट करवाया जाता है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि यह एक लिखित परीक्षा है जो कि ऑफलाइन करवाई जाती है।  

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (what is the admission process for Bachelor of performing arts course)

जो छात्र 12वीं के बाद बीपीए कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं इसके लिए उन्हें निम्नलिखित प्रोसेस को फॉलो करना होता है – 

डायरेक्ट एडमिशन

  • यहां सबसे पहले आपको बता दें कि बीपीए प्रोग्राम में कुछ कॉलेजों में डायरेक्ट एडमिशन भी होता है। ‌तो ऐसे में छात्रों को चाहिए कि वह अपना एप्लीकेशन फॉर्म भरकर सबमिट कर दें। 
  • इस प्रकार से कट ऑफ लिस्ट निकलने के बाद छात्र अपने डाक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन करवा कर एडमिशन ले सकते हैं। 

एंट्रेंस बेस्ड एडमिशन

  • बहुत सी यूनिवर्सिटीज में बीपीए प्रोग्राम में दाखिला एंट्रेंस एग्जाम को पास करने के बाद ही मिलता है। 
  • इसके लिए छात्रों को चाहिए कि वह यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट कर दें।
  • इस प्रकार से फिर उन्हें कॉलेज के द्वारा प्रवेश परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाता है।
  • फिर जो भी कैंडिडेट एंट्रेंस टेस्ट में पास हो जाते हैं उन्हें उनके फेवरेट कॉलेज में दाखिला मिल जाता है। 

योग्यता (qualification for Bachelor of performing arts course)

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स करने के लिए किसी भी स्टूडेंट में निम्नलिखित योग्यता का होना जरूरी है –

  • छात्र किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बारहवीं कक्षा या उसके समकक्ष पास होना चाहिए।
  • स्टूडेंट के 12वीं क्लास में कम से कम 50 परसेंट अंक होने जरूरी है।
  • इच्छुक छात्र को म्यूजिक डांस और ड्रामा जैसे विषयों में बहुत रुचि होनी चाहिए। 
  • अगर स्टूडेंट किसी ऐसे कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं जहां पर एंट्रेंस टेस्ट के बाद दाखिला मिलता है तो उन्हें प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है। 

फीस (Fees) 

12वीं के बाद बीपीए कोर्स करने के लिए जो फीस देनी होती है वह कॉलेज या संस्थान के ऊपर डिपेंड करती है। बताते चलें कि बहुत से प्राइवेट कॉलेजों में सरकारी कॉलेजों की तुलना में दुगनी से भी ज्यादा फीस ली जाती है। इस प्रकार से इस कोर्स के लिए विद्यार्थियों को 5 हजार रुपए से लेकर 1 लाख से भी अधिक फीस का भुगतान करना पड़ सकता है। 

भारत में बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स करने के लिए कॉलेज (college to do Bachelor of performing arts course in India)

जो छात्र 12वीं के बाद बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स करना चाहते हैं उन्हें हम बता दें कि इसके लिए हमारे देश में बहुत सारे कॉलेज हैं। यहां निम्नलिखित हम आपको टॉप कॉलेजेस के नाम बता रहे हैं जो किस प्रकार से हैं – 

  • मुंबई यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र (Mumbai University Maharashtra) 
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर (Lovely professional University Jalandhar)
  • असम यूनिवर्सिटी आसाम (Assam University Assam)
  • महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ वडोदरा गुजरात (Maharaja Sayajirao University of Varoda Gujarat)
  • निम्स यूनिवर्सिटी जयपुर (NIMS University Jaipur)
  • एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा (Amity University Noida)
  • एशियन अकैडमी आफ फिल्म एंड टेलिविजन नोएडा (Asian Academy of film and television Noida)
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (Banaras Hindu University)
  • इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ (Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya Chhattisgarh)
  • क्रिस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरू (Christ University Bangalore) 
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University)

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स का पाठ्यक्रम/सब्जेक्ट क्या क्या है (what are the syllabus/subjects of Bachelor of performing arts course) 

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स में छात्रों को निम्नलिखित सिलेबस पढ़ाया जाता है –

म्यूजिक सिलेबस (Music syllabus)

  • राग स्टडीज (Raga studies)
  • फंडामेंटल स्टडी ऑफ़ हिंदुस्तानी म्यूजिक (Fundamental study of Hindustani music)
  • वेस्टर्न म्यूजिक (Western music)
  • एलीमेंट्री स्टडी ऑफ ताल (Elementary  study of tala) 
  • एनालिटिकल ताल एंड शास्त्र (Analytical tala and shastra)
  • इंटेंसिव स्टडी ऑफ ताल  (Intensive study of tala)
  • रबिंद्र संगीत (Rabindra sangeet)
  • ताल स्टडीज (Tala studies)
  • फंडामेंटल स्टडी ऑफ ताल (Fundamental study of tala) 
  • एलिमेंट्री स्टडी ऑफ़ हिंदुस्तानी म्यूजिक (Elementary study of Hindustani music)
  • एनालिटिकल स्टडी ऑफ इंडियन क्लासिक म्यूजिक (Analytical study of Indian classical music)
  • इंटेंसिव स्टडी ऑफ राग (Intensive study of Raga) 
  • फॉक म्यूजिक (Folk music)
  • वर्ल्ड म्यूजिक (World music) 

डांस सिलेबस (Dance syllabus) 

  • हिस्ट्री ऑफ डांस (History of dance)
  • कोरियोग्राफी (Choreography)
  • न्यू मीडिया एंड परफॉर्मेंस प्रैक्टिस (New media and performance practice)
  • इंडियन कल्चर (Indian culture)
  • टेक्निक ऑफ डांस (Technique of dance)
  • मूवमेंट टेक्निक्स (Movement techniques)
  • डांस ऑन कैमरा (Dance on camera) 

थिएटर सिलेबस (Theatre syllabus)

  • एक्टिंग (Acting)
  • बेसिक्स ऑफ वोकल प्रैक्टिस (Basics of vocal practice)
  • कम्युनिकेशन स्किल्स (Communication skills)
  • योग (Yoga)
  • प्रैक्टिकल नॉलेज ऑफ बेसिक राग्स (Practical knowledge of basic ragas)
  • एनवायरमेंटल स्टडीज  (Environmental studies)
  • डायरेक्शन (Direction)
  • इंडियन कल्चर एंड आर्ट (Indian culture and art)
  • इवेंट मैनेजमेंट (Event management)
  • थ्योरी ऑफ डायरेक्शंस (Theory of directions and stage craft)
  • स्क्रिप्ट राइटिंग (Script writing) 
  • बेसिक्स ऑफ टीवी प्रोडक्शन (Basics of TV production)
  • साउंड एडिटिंग (Sound editing)
  • टीवी प्रोडक्शन लैब (TV production lab)
  • प्रोजेक्ट ऑन कमर्शियल एडवर्टाइजमेंट (Project on commercial advertisement) 
  • बेसिक कंप्यूटर स्किल्स (Basic computer skills) 
  • बॉडी मूवमेंट एंड डांस (Body movement and dance)
  • इंट्रोडक्शन टू इंडियन थिएटर (Introduction to Indian theatre)
  • हिस्ट्री ऑफ इंडियन थिएटर (History of Indian theatre)
  • स्टेज क्राफ्ट एंड डिजाइन (Stage craft and design)
  • फॉक थिएटर फॉर्म्स ऑफ इंडिया (Folk theatre forms of India)
  • हिस्ट्री ऑफ वेस्टर्न थिएटर (History of western theatre)
  • बेसिक कांसेप्ट ऑफ फिल्म मेकिंग (Basic concept of filmmaking)
  • मिक्स मार्शल आर्ट्स (Mixed martial arts)
  • बेसिक्स ऑफ कैमरा लाइट एंड साउंड (Basics of camera light and sound) 
  • थिएटर प्रोडक्शन (Theatre production) 
  • प्रोजेक्ट ऑन शॉर्ट फिल्म (Project on short film)
  • साउंड रिकॉर्डिंग (Sound recording)
  • फिल्म थ्योरीज़ (Film theories)
  • टीवी प्रोडक्शन (TV production) 

बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएं क्या है (what are the career prospects after Bachelor of performing arts course)

जो छात्र बीपीए कोर्स 12वीं के बाद करते हैं उन्हें प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में बहुत सी अच्छी नौकरियां मिल जाती हैं। साथ ही बता दे कि उम्मीदवारों को निम्नलिखित जगहों पर काम करने का मौका मिलता है –

  •  सारेगामा इंडिया(Saregama India) 
  • एचटी मीडिया (HT Media)
  • बालाजी टेलिफिल्म्स (Balaji telefilms)
  • यूनिवर्सल आर्ट्स (Universal arts)
  • आइरिस मीडियावर्क्स (Iris mediaworks)
  • फिल्म इंडस्ट्री (Film industry)
  • टीवी हाउस (TV house)

वेतन (salary)

आप यहां आपको बता दें कि बीपीए कोर्स करने के बाद योग्य उम्मीदवारों को काफी अट्रैक्टिव सैलरी मिल जाती है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि कैंडिडेट को हर महीने 30,000 से लेकर 60,000 तक से भी अधिक वेतन मिल जाता है। इसके अलावा बता दें कि जब अभ्यर्थी को कुछ वर्षों का अनुभव हो जाता है तो तब उसे हर महीने बहुत ज्यादा सैलरी मिलती है। 

प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector)

बीपीए प्रोग्राम करने के बाद कैंडिडेट को प्राइवेट सेक्टर में काफी अच्छी नौकरी मिल जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि योग्य कैंडिडेट निम्नलिखित काम कर सकते हैं –

  • स्क्रीन राइटर (Screenwriter)
  • एक्टर (Actor)
  • कोरियोग्राफर (Choreographer)
  • कम्युनिटी आर्ट्स वर्कर (Community arts worker)
  • ब्रॉडकास्ट इंजीनियर (Broadcast engineer)
  • म्यूजिक थेरेपिस्ट (Music therapist)
  • ब्रॉडकास्ट प्रेजेंटर (Broadcast presenter)
  • थिएटर डायरेक्टर (Theatre director)
  • डांस टीचर (Dance teacher)
  • आर्ट्स एडमिनिस्ट्रेटर  (Arts administrator) 
  • टीचर (Teacher)

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

जो छात्र 12वीं के बाद बीपीए कोर्स करने के बाद गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी करना चाहते हैं तो उन्हें वहां भी काम के  अवसर मिल सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि योग्य कैंडिडेट स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी आर्ट सेंटर में जॉब के लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा रिक्तियां निकलने पर इच्छुक उम्मीदवार जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स (Bachelor of performing arts Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। इस लेख के द्वारा हमने आपको बताया बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स क्या है और इसकी अवधि कितनी होती है। इसके साथ ही साथ हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि इस बीपीए प्रोग्राम को करने के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या है।

इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको यह डिटेल्स भी दी बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स करने के लिए किसी भी छात्र में कितनी योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा हमने यह भी बताया कि छात्रों को इस ग्रैजुएट प्रोग्राम के लिए कितने रुपए तक की फीस देनी पड़ती है। 

इस लेख में हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि भारत में बीपीए ग्रैजुएट प्रोग्राम करने के लिए कौन कौन से कॉलेज अच्छे हैं और वहां पर स्टूडेंट्स को क्या सिलेबस पढ़ाया जाता है। इसके अलावा हमने आपको यह डिटेल्स भी दीं कि बीपीए करने के बाद छात्रों को प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब की क्या क्या संभावनाएं मिल सकती हैं। 

इसके अलावा इस लेख के माध्यम से हमने आपको यह डिटेल्स भी दीं कि जब स्टूडेंट्स अपना कोर्स पूरा कर लेते हैं तो तब उन्हें जॉब करने पर हर महीने कितनी सैलरी मिलती है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे द्वारा बताई गई है सारी डिटेल्स आपके लिए काफी ज्यादा उपयोगी रही होंगी। 

इसलिए अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि हमारे इस पोस्ट को अपने उन सभी दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें जो 12वीं के बाद बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्स करने के इच्छुक हैं।

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