बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स (Bachelor of Design Course) कैसे करें पूरी जानकारी

नमस्कार! After 12th में आपका स्वागत है। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स (Bachelor of design Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। बहुत से छात्र 12वीं के बाद डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। आपको बताते चलें कि यह एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है जिसमें स्टूडेंट्स एक काफी बेहतर भविष्य बना सकते हैं। 

ऐसे छात्र जिनमें क्रिएटिविटी है उनके लिए बैचलर ऑफ डिजाइन बेस्ट कोर्स है। यहां आपको बता दें कि डिजाइनिंग के इस ग्रैजुएट प्रोग्राम में दाखिला एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करने के बाद ही मिलता है। इसलिए जरूरी है कि इस पाठ्यक्रम में एडमिशन लेने से पहले आप इसके बारे में सारी जानकारी हासिल कर लें। आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे बेस्ट ऑफ डिजाइन कोर्स करने के लिए पूरी डिटेल्स। 

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बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स क्या है (what is Bachelor of design course in Hindi)

यहां सबसे पहले आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स क्या है? बता दें कि यह एक डिग्री प्रोग्राम है जिसमें छात्रों डिजाइनिंग में स्पेशलाइजेशन करवाया जाता है। 

बता दें कि इसके अंतर्गत फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, टैक्सटाइल डिजाइनिंग, एसेसरीज डिजाइनिंग इत्यादि बहुत सारे विषय आते हैं। इसलिए कैंडिडेट को स्पेशलाइजेशन डिग्री कराई जाती है। बताते चलें कि इस डिग्री प्रोग्राम को करने के बाद स्टूडेंट्स एक प्रोफेशनल के तौर पर काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं। 

अवधि (duration)

बैचलर ऑफ फैशन डिजाइन कोर्स की अवधि 4 साल की होती है। बताते चलें कि इसका एग्जाम पैटर्न सेमेस्टर पर आधारित होता है। इस तरह से 4 साल के सभी सेमेस्टर में जो विद्यार्थी पास हो जाते हैं, उन्हें बेचलर ऑफ डिजाइन की डिग्री मिल जाती है। 

बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (entrance test for Bachelor of design course)

जो विद्यार्थी 12वीं के बाद बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करना चाहते हैं उन्हें इसके लिए एंट्रेंस टेस्ट देना होता है। बताते चलें कि इसके लिए बहुत सारे एंट्रेंस एग्जाम नेशनल लेवल पर करवाए जाते हैं जिनमें से टॉप प्रवेश परीक्षाओं के नाम इस प्रकार से हैं – 

  • अंडर ग्रैजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन – यूसीईईडी (Undergraduate common entrance exam for design- UCEED) 
  • फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑल इंडिया सिलेक्शन टेस्ट – एफडीडीआई एआईएसटी (Footwear design and development Institute all India selection test- FDDI AIST) 
  • स्कूल ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी कॉमन एंटरेंस टेस्ट – एसओएफटी सीईटी (School of Fashion Technology common entrance test- SOFT CET) 
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन एंट्रेंस एग्जाम – एनआईडी डीएटी (National Institute of Design entrance exam- NID DAT) 
  • सिंबायोसिस एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन – एसईईडी (Symbiosis entrance exam for design- SEED) 
  • यूनाइटेडवर्ल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, डिजाइन एटीट्यूड टेस्ट – यूआईडी डीएटी (United World Institute of design, design aptitude test – UID DAT) 

बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (what is the admission process for Bachelor of design course)

बेचलर ऑफ डिजाइन का डिग्री प्रोग्राम 12वीं के बाद करने के लिए जो प्रवेश प्रक्रिया है उसके बारे में जानकारी निम्नलिखित है – 

  • सबसे पहले कैंडिडेट को एंट्रेंस एग्जाम के लिए कॉलेज में अप्लाई करना होता है। 
  • उसके बाद फिर कॉलेज के द्वारा छात्रों को प्रवेश परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। ‌
  • जो विद्यार्थी एंट्रेंस टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं उन्हें उनके अंकों के आधार पर कॉलेज में दाखिला मिल जाता है। 
  • इसके अलावा बहुत से प्राइवेट कॉलेजों में विद्यार्थियों को 12वीं के अंकों के आधार पर एडमिशन दे दिया जाता है। 

योग्यता (qualification for Bachelor of design course)

जो छात्र बैटल ऑफ डिजाइन कोर्स करना चाहते हैं उनमें निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए – 

  • छात्र ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की हो। 
  • 12वीं क्लास में छात्र ने कम से कम 50% तक अंक हासिल किए हों।
  • विद्यार्थी की आयु 19 या 20 साल तक होनी चाहिए। 
  • स्टूडेंट ने एंट्रेंस एग्जाम क्लियर किया हो। 

फीस (Fees) 

जो स्टूडेंट्स 12वीं के बाद बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करना चाहते हैं। उन्हें हम बता दें कि इसके लिए जो फीस उन्हें देनी पड़ती है वह कॉलेज के ऊपर निर्भर करती है। 

लेकिन अगर एक एवरेज शुल्क की बात की जाए तो उम्मीदवारों को 40 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक से भी ज्यादा शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। यहां बता दें कि प्राइवेट कॉलेजों में गवर्नमेंट कॉलेजों की अपेक्षा कई गुना ज्यादा फीस ली जाती है। 

भारत में बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करने के लिए कॉलेज (college to do Bachelor of design course in India)

भारत में बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करने के लिए बहुत सारे कॉलेज हैं। लेकिन कुछ छात्रों को कॉलेज के बारे में पता नहीं होता। या हम कुछ फेमस संस्थानों के नाम बता रहे हैं जिनमें आप 12वीं के बाद दाखिला ले सकते हैं – 

  • यूनाइटेड वर्ल्ड इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन गुजरात  (Unitedworld Institute of Design Gujarat) 
  • सत्यम फैशन डिजाइन उत्तर प्रदेश (Satyam fashion design Uttar Pradesh)
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट एंड डिजाइन दिल्ली (Indian Institute of art and design Delhi) 
  • एआरसीएच कॉलेज ऑफ़ डिजाइन एंड बिजनेस राजस्थान (ARCH college of design and business Rajasthan)
  • एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ (Amity University Lucknow) 
  • लिसा स्कूल आफ डिजाइन कर्नाटक (Lisaa School of Design Karnataka)
  • सिंबोसिस इंस्टीट्यूट आफ डिजाइन पुणे (Symbiosis institute of design pune)
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद (National Institute of Design Ahmedabad)
  • इंडस्ट्रियल डिजाइन सेंटर मुंबई (Industrial design centre Mumbai)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी हैदराबाद (National Institute of Fashion Technology Hyderabad) 

बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स का पाठ्यक्रम/सब्जेक्ट क्या क्या है (what are the syllabus/subjects of Bachelor of design course) 

12वीं के बाद जब छात्र बैचलर ऑफ डिजाइन में दाखिला लेते हैं तो उन्हें निम्नलिखित सिलेबस पढ़ाया जाता है – 

बैचलर ऑफ डिजाइन फर्स्ट ईयर सिलेबस 

  • फंडामेंटल ऑफ आर्ट्स एंड डिजाइन (Fundamental of Arts and design) 
  • आर्ट रिप्रेजेंटेशन एंड ट्रांसफॉरमेशन (Art representation and transformation) 
  • कैड – फोटोग्राफी एंड वीडियोग्राफी (CAD- photography and videography) 
  • डिजाइन एंड ह्यूमन सॉल्यूशन (Design and human evolution) 
  • अप्लाइड साइंस फॉर डिजाइनर्स (Applied science for designers) 
  • डिजाइन स्टूडियो प्रॉब्लम आईडेंटिफिकेशन (Design studio-problem identification) 
  • इमेज रिप्रेजेंटेशन एंड ट्रांसफॉरमेशन (Image representation and transformation) 
  • टाइपोग्राफी फंडामेंटल्स एंड एक्सप्लोरेट्री प्रिंटिंग (Typography fundamentals and exploratory printing) 
  • वर्ल्ड ऑफ इमेजेस एंड ऑब्जेक्ट (World of images and objects) 
  • नॉलेज ऑर्गेनाइजेशन एंड कम्युनिकेशन (Knowledge organisztion and communication) 
  • सेल्फ इनीशिएटिड समर प्रोजेक्ट (Self initiated summer project) 

बैचलर ऑफ डिजाइन सेकंड ईयर सिलेबस 

  • 2D विजुअल स्टडीज – वर्ड एंड इमेजेस (2D visual studies – word and images)
  • 3D फॉर्म स्टडीज – एसथेटिक्स, आईडेंटिटी एंड एक्सप्रेशंस (3D form studies – aesthetics, identity and expressions) 
  • क्रिएटिव थिंकिंग प्रोसेस एंड मेथड्स (Creative thinking process and methods) 
  • डिजाइन, सोसाइटी, कल्चर एंड एनवायरमेंट (Design, society, culture and environment) 
  • एनवायरमेंटल स्टडीज – साइंस एंड इंजीनियरिंग  (Environmental studies – science and engineering) 
  • डिजाइन स्टूडियो – क्रिएटिव एक्सप्लोरेशन (Design studio – creative exploration) 
  • इलेक्टिव – 2D विजुअल स्टडीज फॉर 3D फॉर्म स्टडीज (Elective – 2D visual studies for 3D form studies) 
  • कम्युनिकेशंस थ्योरीज़, विजुअल थ्योरीज़, विजुअल परसेप्शन एंड सेमियोटिक्स (Communications theories, visual perception and semiotics) 
  • डिजाइन, स्टोरी टेलिंग एंड नरेटिव्स (Design, storytelling and narratives)
  • डिजाइन (Design)
  • डिजाइन स्टूडियो – प्रोटोटाइपिंग (Design studio – prototyping) 
  • समर प्रोजेक्ट (Summer project) 

बैचलर ऑफ डिजाइन थर्ड ईयर सिलेबस 

  • इलेक्टिव, इंफॉर्मेशन ग्राफिक्स एंड विजुअलाइजेशन / मूविंग इमेज डिजाइन / प्रोडक्ट डिजाइन फॉर इंटरएक्टिव मीडिया /मोबिलिटी एंड माइकल डिजाइन 3D मॉडलिंग एंड प्रोटोटाइपिंग  (Elective, information graphics and visualisation/ moving image design / product design for interactive media / mobility and vehicle design 3D modelling and prototyping) 
  • अप्लाइड इकोनॉमिक्स (Applied economics) 
  • डिजाइन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (Design, technology and innovation) 
  • कोलैबोरेटिव डिजाइन प्रोजेक्ट (Collaborative design project) 
  • एनिमेशन डिजाइन, कम्युनिकेशन डिजाइन/ फिल्म वीडियो डिजाइन/प्रोडक्ट डिजाइन / इंटरेक्शन डिजाइन/ ट्रांसपोर्टेशन डिजाइन /गेम डिजाइन /प्रोडक्ट इकोनॉमिक्स (Animation design, communication design /film video design/ product design / interaction design / transportation design / game design / product economics)  
  • मैटेरियल एंड प्रोसेसेस/ डिजिटल मीडिया टेक्नोलॉजीज (Materials and processes / digital media technologies) 
  • डिजाइन मैनेजमेंट, प्लैनिंग एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस (Design management, planning and professional practice) 
  • सिस्टम डिजाइन प्रोजेक्ट (System design project) 
  • इंडस्ट्रियल समर प्रोजेक्ट (Industrial summer project) 

बैचलर ऑफ डिजाइन फोर्थ ईयर सिलेबस 

  • ग्लोबल डिजाइन फॉर थॉट्स एंड डिसकोर्स (Global design for thoughts and discourse) 
  • रीडिजाइन प्रोजेक्ट (Redesign project) 
  • डिजाइन रिसर्च सेमिनार (Design research seminar) 
  • बीडिजाइन प्रोजेक्ट (BDesign projects) 

बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएं क्या है (what are the career prospects after Bachelor of design course)

12वीं के बाद जो कैंडिडेट बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करते हैं उन्हें नौकरी की काफी संभावनाएं मिल जाती हैं। बताते चलें कि योग्य कैंडिडेट्स को निम्नलिखित कंपनीज में काम करने का मौका मिलता है – 

  • फ्लिपकार्ट (Flipkart) 
  • तनिष्क (Tanishq)
  • टाटा कंसल्टेंसी (Tata consultancy)
  • जनरल मोटर्स डिजाइन (General Motors design)
  • हिंदुस्तान युनिलीवर लिमिटेड (Hindustan Unilever Limited) 
  • ताली मीडिया लिमिटेड (Taali media ltd)
  • वीडियोकॉन (Videocon)
  • विप्रो (Wipro) 
  • मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स (Malabar Gold and diamonds) 
  • मिंत्रा (Myntra) 
  • महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (Mahindra and Mahindra Limited) 

वेतन (salary)

बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को जो सैलरी मिलती है वह काफी अट्रैक्टिव होती है। बता दें कि कैंडिडेट को उसकी योग्यता के अनुसार हर महीने 25,000 से लेकर 40,000 रुपए तक वेतन मिल जाता है। इसके अलावा बता दें कि कुछ वर्षों का अनुभव हासिल करके अभ्यर्थी और भी ज्यादा सैलरी प्राप्त कर सकते हैं। 

प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector)

बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को जो नौकरी मिलती है वह उसकी योग्यता के हिसाब से मिलती है। कुछ लोगों को बड़ी कंपनियों के साथ काम करने का अवसर मिलता है तो कुछ को छोटी कंपनियों में। इस प्रकार से वह निम्नलिखित पदों पर काम कर सकते हैं – 

  • ग्राफिक डिजाइनर (Graphic designer)
  • टैक्सटाइल डिजाइनर  (Textile designer)
  • फैशन डिजाइनर (Fashion designer) 
  • इंडस्ट्रियल डिजाइनर (Industrial designer)
  • आर्ट डायरेक्टर (Art director)
  • प्रोडक्ट डिजाइनर (Product designer) 
  • यूआई/यूएक्स डिजाइनर  (UI/UX designer)

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

बैचलर ऑफ डिजाइन का ग्रैजुएट प्रोग्राम करने के बाद अभ्यर्थियों को गवर्नमेंट सेक्टर में भी नौकरी मिल सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि संबंधित विभाग में रिक्तियां निकलती रहती हैं। इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को चाहिए कि जैसे ही कोई वैकेंसी निकले उसके लिए अपना आवेदन दे दें। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स (Bachelor of design Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। इस लेख के माध्यम से हमने आपको बताया बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स क्या है और इसकी अवधि कितनी होती है। साथ ही साथ हमने आपको यह डिटेल्स भी जी की इस ग्रैजुएट प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या होती है। 

इस लेख के द्वारा हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स में दाखिला लेने के लिए किसी भी स्टूडेंट में कितनी योग्यता होनी जरूरी है और उसे इसके लिए कितने रुपए तक की फीस देनी पड़ सकती है। ‌

इस आर्टिकल में हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि भारत में बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करने के लिए कौन कौन से कॉलेज बेस्ट हैं। और वहां पर छात्रों को जो सिलेबस पढ़ाया जाता है हमने उसकी भी डिटेल्स आपको बताईं। इसके अलावा हमने आपको यह डिटेल्स भी दी की इस प्रोग्राम को करने के बाद स्टूडेंट्स को प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी की क्या क्या संभावनाएं मिल जाती हैं। 

इस लेख के माध्यम से हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि जब विद्यार्थी अपना यह कोर्स पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद उन्हें नौकरी करने पर हर महीने कितनी सैलरी मिल सकती है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे द्वारा बताई गई यह सारी डिटेल्स आपके लिए काफी उपयोगी रही होगी। 

इसलिए अंत में हमारे आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि हमारे इस पोस्ट को अपने उन सभी दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें जो 12वीं के बाद बैचलर ऑफ डिजाइन कोर्स करना चाहते हैं।

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