बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स (B.Sc -Interior Design Course) कैसे करें पूरी जानकारी

नमस्कार! After 12th में आपका स्वागत है। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स (B.Sc -Interior Design Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। बहुत से स्टूडेंट्स 12वीं के बाद इंटीरियर डिजाइनर बनना चाहते हैं। तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसके लिए बीएससी इंटीरियर डिजाइन एक बेस्ट कोर्स है। 

इस कोर्स को करके स्टूडेंट्स को नौकरी काफी अच्छी मिल जाती है। बता दें कि अगर आप भी 12वीं के बाद इंटीरियर डिजाइनिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं तो जरूरी है इसके बारे में आप सारी डिटेल्स जानें। इस प्रकार से आप न केवल बेस्ट कॉलेज में दाखिला ले सकेंगे बल्कि एक बेहतरीन भविष्य भी बना सकेंगे। तो सारी बातें डिटेल्स में जानने के लिए हमारे आज के इस पोस्ट को सारा पढ़ें।

Contents

बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स क्या है (what is B.Sc -Interior Design course in Hindi)

यहां सबसे पहले आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि बीएससी इंटीरियर डिजाइन एक बेहद अच्छा डिजाइनिंग कोर्स है। इसका पूरा नाम बैचलर ऑफ साइंस इंटीरियर डिजाइन कोर्स है। बताते चलें कि इस पाठ्यक्रम में छात्रों को विभिन्न प्रकार के घरों, अस्पतालों, अपार्टमेंट्स, होटल्स इत्यादि की डिजाइनिंग सिखाई जाती है। 

जब यह कोर्स पूरा हो जाता है तो उसके बाद सभी स्टूडेंट्स प्रोफेशनल तौर पर इंटीरियर डिजाइन इंडस्ट्री में काम करने के काबिल हो जाते हैं। साथ ही बता दें कि जो छात्र 12वीं के बाद बीएससी इंटीरियर डिजाइन किसी सरकारी कॉलेज से करना चाहते हैं तो तब उन्हें एंट्रेंस टेस्ट में पास होना जरूरी है। लेकिन अगर किसी कारणवश किसी विद्यार्थी को सरकारी कॉलेज में दाखिला नहीं मिलता। तो तब वो अपना कोर्स किसी प्राइवेट संस्थान से भी कर सकते हैं।

अवधि (duration)

यहां आपको बता दें कि बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स एक अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम है। बताते चलें कि इस कोर्स की अवधि 3 साल तक की होती है। इसके अलावा जानकारी दे दें कि इसमें छह सेमेस्टर्स होते हैं और विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वो सभी समेस्टर्स को पास करें। 

बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (entrance test for B.Sc -Interior Design course)

12वीं के बाद जो छात्र बीएससी इंटीरियर डिजाइन में दाखिला लेना चाहते हैं उन्हें इसके लिए एंट्रेंस टेस्ट में शामिल होना पड़ता है। यहां आपको बता दें कि इसके अलावा बहुत से कॉलेज छात्रों को 12वीं के अंकों के आधार पर भी दाखिला दे देते हैं। 

लेकिन एक अच्छे कॉलेज में दाखिला लेने के लिए जरूरी है कि कैंडिडेट नेशनल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करें। यहां निम्नलिखित हम कुछ प्रमुख एंट्रेंस टेस्ट के बारे में बता रहे हैं जो बीएससी इंटीरियर डिजाइन के लिए जरूरी हैं – 

  • ऑल इंडिया एंटरेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन- एआईईईडी (All India entrance examination for design-AIEED)
  • एनआईडी डीएटी (NID DAT)
  • सीईईडी (CEED)
  • एनएटीए (NATA)
  • कैट (CAT) 
  • निफ्ट एंट्रेंस एग्जाम (NIFT entrance exam) 
  • स्कूल ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी एंट्रेंस एग्जाम (School of Fashion Technology entrance exam) 

बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (what is the admission process for B.Sc -Interior Design course)

यहां आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स 12वीं के बाद जो छात्र करना चाहते हैं उन्हें निम्नलिखित प्रोसेस को फॉलो करना होता है – 

  • सबसे पहले आपको हम बता दें कि इस पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के छात्रों के पास 2 तरीके होते हैं। 
  • पहला तरीका यह है कि कैंडिडेट को बहुत से कॉलेजों में 12वीं के अंकों के बेस पर दाखिला मिल जाता है। 
  • लेकिन गवर्नमेंट कॉलेज में छात्रों को एंट्रेंस टेस्ट देना होता है। और इसके लिए उन्हें चाहिए कि कॉलेज की ऑफिशल वेबसाइट पर जाएं और अपना एडमिशन फॉर्म फिल कर दें। 
  • उसके बाद कॉलेज के द्वारा स्टूडेंट्स को प्रवेश परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। 
  • इस तरह से सभी कैंडिडेट्स को एंट्रेंस टेस्ट के बाद उनकी योग्यता के आधार पर दाखिला मिल जाता है। 

योग्यता (qualification for B.Sc -Interior Design course)

जो विद्यार्थी बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स करना चाहते हैं इसके लिए उन्हें निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए – 

  • छात्र ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा या उसके समकक्ष पास की हो।
  • स्टूडेंट ने 12वीं में कम से कम 50% अंक हासिल किए हों। 
  • कैंडिडेट अगर किसी सरकारी कॉलेज में दाखिला लेना चाहता है तो तब उसे एंट्रेंस टेस्ट पास करना जरूरी है। 

फीस (Fees) 

12वीं के बाद इंटीरियर डिजाइन का 3 साल का डिग्री  कोर्स करने के लिए छात्रों को फीस कॉलेज के अनुसार देनी पड़ती है। यहां बता दें कि सरकारी कॉलेज में प्राइवेट कॉलेजों की अपेक्षा काफी कम फीस होती है। इस प्रकार से विद्यार्थियों को इस ग्रैजुएट प्रोग्राम के लिए हर साल 10 हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक का शुल्क भुगतान करना पड़ता है।  

भारत में बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स करने के लिए कॉलेज (college to do B.Sc -Interior Design course in India)

12वीं के बाद बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स करने के लिए हमारे देश में बहुत सारे अच्छे कॉलेज हैं। यहां हम आपको कुछ बेस्ट कॉलेजेस के नाम बता रहे हैं – 

  • मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (Manipal University Jaipur) 
  • लीजा स्कूल आफ डिजाइन दिल्ली (Lisaa School of Design Delhi) 
  • वॉग इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी बैंगलोर (Vogue Institute of Fashion Technology Bangalore)
  • जीडी गोयंका यूनिवर्सिटी गुड़गांव (GD Goenka University Gurgaon)
  • जेडी इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी लखनऊ (JD Institute of Fashion Technology Lucknow) 
  • आरआईएमटी यूनिवर्सिटी गोविंदगढ़ (RIMT University Gobindgarh) 
  • इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन डिजाइन चंडीगढ़ (International Institute of fashion design Chandigarh) 
  • राय यूनिवर्सिटी अहमदाबाद (Rai University Ahmedabad) 
  • एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा (Amity University Noida) 
  • आईआईटी बॉम्बे (IIT  Bombay) 

बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स का पाठ्यक्रम/सब्जेक्ट क्या क्या है (what are the syllabus/subjects of B.Sc -Interior Design course) 

12वीं के बाद बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स में छात्रों को निम्नलिखित सिलेबस पढ़ाया जाता है – 

बीएससी इंटीरियर डिजाइन फर्स्ट ईयर सिलेबस 

  • मैनेजमेंट स्किल्स (Management skills) 
  • इंग्लिश: प्रोज एंड यूसेजेस (English: prose and usages) 
  • डिजाइन सोर्सेस एंड मैटेरियल्स (Design sources and materials) 
  • इंटीरियर आर्किटेक्चर फाउंडेशन स्टूडियो (Interior architecture foundation studio) 
  • फंडामेंटल्स ऑफ इंटीरियर ग्राफिक्स (Fundamentals of interior graphics) 
  • एनवायरमेंटल साइकोलॉजी एंड ह्यूमन फैक्टर्स (Environmental psychology and human factors) 
  • कंप्यूटर्स बेसिक्स (Computers basics)
  • इंटीरियर डिजाइन स्टूडियो (Interior design studio)
  • फंडामेंटल्स ऑफ इंटीरियर ग्राफिक्स (Fundamentals of interior graphics) 
  • फर्नीचर डिजाइन (Furniture design) 
  • आर्ट एंड आर्किटेक्चर हिस्ट्री (Art and architecture history) 
  • इंट्रोडक्शन टू कैड (Introduction to CAD) 

बीएससी इंटीरियर डिजाइन सेकंड ईयर सिलेबस 

  • इंग्लिश कंपोजिशन एंड बिजनेस कॉरस्पॉडेंस (English composition and business correspondence) 
  • आर्ट एंड आर्किटेक्चर हिस्ट्री (Art and architecture history) 
  • इंटीरियर डिजाइन स्टूडियो (Interior design studio)
  • इंटीरियर कंस्ट्रक्शन (Interior construction) 
  • फर्नीचर डिजाइन (Furniture design)
  • इंटीरियर सर्विस सिस्टम्स (Interior service systems) 
  • लाइटिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लीकेशंस (Lighting technology and applications) 
  • कांसेप्ट ऑफ स्ट्रक्चर्स (Concept of structures) 
  • कंप्यूटर ऐडेड डिजाइन (Computer aided design) 

बीएससी इंटीरियर डिजाइन थर्ड ईयर सिलेबस 

  • इंटीरियर डिजाइन स्टूडियो (Interior design studio) 
  • रिटेल डिजाइन (Retail design) 
  • लैंडस्केप डिजाइन (Landscape design) 
  • ऐस्टीमेटिंग एंड बजटिंग (Estimating and budgeting) 
  • कंप्यूटर ऐडेड डिजाइन (Computer aided design) 
  • इंटीरियर डिजाइन थिसिस प्रोजेक्ट (Interior design thesis project) 
  • रेस्टोरेंट एंड बार डिजाइन (Restaurant and bar design) 
  • मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट  (Management and entrepreneurship development)
  • प्रोफेशनल प्रैक्टिस (Professional practice) 

बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएं क्या है (what are the career prospects after B.Sc -Interior Design course)

बेचलर ऑफ साइंस इंटीरियर डिजाइन कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को सरकारी और प्राइवेट विभागों में काम करने के बहुत से मौके मिलते हैं। इस प्रकार से छात्रों को निम्नलिखित जगहों पर काम करने का अवसर मिलता है – 

  • होटल्स (Hotels)
  • आर्किटेक्चरल फर्म्स (Architectural firms)
  • रिजॉर्ट्स (Resorts) 
  • रीजनल एंड मेट्रोपॉलिटियन डेवलपमेंट वर्क्स (Regional and Metropolitan development works) 
  • एग्जिबिशन ऑर्गेनाइजर (Exhibition organisers)
  • स्टूडियोज़ (Studios)
  • प्राइवेट कंपनीज (Private companies) 
  • स्कूल्स एंड कॉलेजेस (schools and colleges) 

वेतन (salary)

बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को काफी अट्रैक्टिव सैलरी मिल जाती है। यहां बता दें कि वो अपनी योग्यता के आधार पर हर महीने 25,000 से लेकर 35,000 तक वेतन आसानी के साथ हासिल कर सकते हैं। इतना ही नहीं जब कैंडिडेट का एक्सपीरियंस बढ़ जाता है तो तब उसे इससे भी ज्यादा सैलरी मिलती है। 

प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector)

इंटीरियर डिजाइन ग्रैजुएट्स को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के बहुत से मौके मिलते हैं। बता दें कि कैंडिडेट अपनी योग्यता के आधार पर निम्नलिखित पदों पर काम कर सकते हैं – 

  • फर्नीचर डिजाइनर (Furniture designer) 
  • टेक्निकल असिस्टेंट (Technical assistant)
  • सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (Sales representative) 
  • मार्केटिंग मैनेजर (Marketing manager)
  • विजुअल मर्चेंडाइजर (Visual merchandiser)
  • 3D आर्टिस्ट (3D artist)
  • कैड डिजाइनर (CAD designer)
  • एग्जिबिशन डिजाइनर (Exhibition designer) 
  • इंटीरियर डिजाइनर (Interior designer) 

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

बेचलर ऑफ साइंस इंटीरियर डिजाइन करने के बाद गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी के लिए भी कैंडिडेट आवेदन दे सकते हैं। बताते चलें कि संबंधित विभागों में बहुत सी रिक्तियां निकलती रहती हैं। इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को चाहिए कि जैसे ही कोई वैकेंसी निकले तो वहां पर अप्लाई कर दें।  

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स (B.Sc -Interior Design Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। इस पोस्ट में हमने आपको डिटेल्स दीं कि बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स क्या है? और इस पाठ्यक्रम की कितनी अवधि होती है? साथ ही साथ हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि इंटीरियर डिजाइनिंग के इस ग्रैजुएट प्रोग्राम को करने के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या होती है। 

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको यह डिटेल्स भी बताई कि बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए किसी भी स्टूडेंट में कितनी योग्यता होनी चाहिए। 

इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको यह भी डिटेल्स थी कि भारत में इस प्रोग्राम को करने के लिए कौन से कॉलेज अच्छे हैं और वहां पर स्टूडेंट्स को क्या सिलेबस पढ़ाया जाता है। इसके अलावा हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि जब स्टूडेंट अपना यह कोर्स पूरा कर लेते हैं तो तब उन्हें गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर में कैरियर की क्या-क्या संभावनाएं मिल सकती हैं। 

इस लेख के द्वारा हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि जब विद्यार्थी अपना यह ग्रैजुएट प्रोग्राम पूरा कर लेते हैं तो उन्हें नौकरी करने पर हर महीने कितनी सैलरी मिल सकती है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे द्वारा बताई गई है सारी डिटेल्स आपके लिए काफी ज्यादा हेल्पफुल रहीं होंगी। 

इसलिए अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि हमारे इस पोस्ट को अपने उन सभी दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें जो 12वीं के बाद बीएससी इंटीरियर डिजाइन कोर्स करना चाहते हैं।

Leave a Reply