बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स (B.Com in accounting and commerce Course) कैसे करें पूरी जानकारी।

नमस्कार! After 12th में आपका स्वागत है। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स (B.Com in accounting and commerce Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। 12वीं के बाद बहुत से छात्र बीकॉम ऑनर्स करना पसंद करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि इसमें बहुत सारे विषय होते हैं। उन्हीं में से एक बीकॉम अकाउंटिंग एंड कॉमर्स सब्जेक्ट है। 

परंतु कई बार छात्रों को इस कोर्स से संबंधित सारी डिटेल्स पता नहीं होती। ऐसे में उन्हें एडमिशन के समय काफी प्रॉब्लम हो जाती है। अगर आपने भी 12वीं कक्षा में कॉमर्स विषय की पढ़ाई की है और आप बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स में दाखिला लेना चाहते हैं। तो इसके लिए जरूरी है कि आप इस पाठ्यक्रम के बारे में सभी बातें विस्तार से जानें। तो सारी बातें डिटेल्स में जानने के लिए हमारे आज के इस पोस्ट को सारा पढ़ें।

Contents

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स क्या है (what is B.Com in accounting and commerce course in Hindi)

यहां सबसे पहले आपको हम बता दें कि बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड फाइनेंस कोर्स एक अंडर ग्रैजुएट प्रोग्राम है। बताते चलें कि इस कोर्स में छात्रों को ऑडिटिंग और अकाउंटेंसी के बारे में पढ़ाई करवाई जाती है। छात्रों को फाइनेंशियल अकाउंटिंग, बिजनेस इकोनॉमिक्स, इनकम टैक्स जैसे सब्जेक्ट के बारे में काफी डिटेल से पढ़ाया जाता है। 

जानकारी के लिए बता दें कि जब कैंडिडेट अपना यह कोर्स पूरा कर लेते हैं तो तब उन्हें नौकरी के काफी अच्छे मौके मिल जाते हैं। लेकिन यहां आपको बता दें कि इस पाठ्यक्रम में दाखिला लेना आसान नहीं होता है। इसके लिए छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। 

अवधि (duration)

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स 12वीं के बाद 3 साल का कोर्स है। बताते चलें कि इसका एग्जामिनेशन टाइप सेमेस्टर बेस्ड होता है। हर साल में 2 सेमेस्टर होते हैं और हर सेमेस्टर के बाद छात्रों का एग्जाम लिया जाता है। इस प्रकार से 3 साल के सभी सेमेस्टर में जो स्टूडेंट्स पास हो जाते हैं उनको बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स में डिग्री मिल जाती है। 

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (entrance test for B.Com in accounting and commerce  course)

अब यहां आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स में दाखिला एंट्रेंस टेस्ट के बाद मिलता है। बताते चलें कि हमारे देश में इसके लिए बहुत से एंट्रेंस एग्जाम कंडक्ट करवाए जाते हैं। यहां हम कुछ सबसे पॉपुलर एंट्रेंस एग्जाम के बारे में बता रहे हैं – 

  • आईपीयू सीईटी एग्जाम  (IPU CET Exam) 
  • डीयूईटी एग्जाम (DUET Exam) 
  • एनपीएटी एग्जाम (NPAT Exam)
  • यूपीईएस डीएटी एग्जाम (UPES DAT Exam) 
  • एमएचयू यूईटी (BHU UET Exam)
  • एमएचटीसीईटी एग्जाम (MHTCET Exam) 

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (what is the admission process for B.Com in accounting and commerce course)

12वीं के बाद बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्रों को निम्नलिखित प्रक्रिया फॉलो करनी होती है – 

  • आमतौर पर जितने भी टॉप कॉलेजेस हैं उन सभी में स्टूडेंट्स को एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर दाखिला मिलता है। 
  • इसके अलावा कुछ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को 12वीं के आधार पर दाखिला देती हैं। 
  • तो जो यूनिवर्सिटीज एंट्रेंस एग्जाम के बाद दाखिला देती हैं। उनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर कैंडिडेट को अपना एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। 
  • या फिर छात्र डायरेक्ट भी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ऑफिस जाकर भी परीक्षा के बारे में जान सकते हैं। 
  • उसके बाद फिर सभी छात्रों को प्रवेश परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। 
  • इस प्रकार से जो विद्यार्थी एंट्रेंस टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं उन्हें उनके फेवरेट कॉलेज में दाखिला मिल जाता है। 

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए (what should be the qualification for B.Com in accounting and commerce course)

जो छात्र 12वीं के बाद बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स में दाखिला लेना चाहते हैं उनमें कुछ योग्यताएं होनी जरूरी है जैसे कि – 

  • छात्र ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा कॉमर्स विषय में पास की हो।
  • कैंडिडेट ने 12वीं क्लास में 45 परसेंट तक अंक हासिल किए होनें चाहिए। 
  • अगर किसी कॉलेज में एंट्रेंस टेस्ट के बाद दाखिला मिलता है तो स्टूडेंट को उसमें पास होना जरूरी होता है। 

फीस (Fees) 

अब यहां आपको बता दें कि 12वीं के बाद बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स की फीस कितनी जमा करनी होती है। तो दोस्तों इस के लिए जो फीस है वह हर कॉलेज में अलग-अलग होती है। 

अगर स्टूडेंट्स किसी प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लेते हैं तो तब उनको अधिक शुल्क देना पड़ता है। इस प्रकार से इस पूरे पाठ्यक्रम के लिए छात्रों को तकरीबन 10 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक फीस देनी पड़ती है।  

भारत में बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स करने के लिए कॉलेज (college to do B.Com in accounting and commerce course in India)

अब यहां आपको हम बता दें कि भारत में बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स करने के लिए बहुत सारे कॉलेज हैं जैसे कि – 

  • मीरांडा हाउस दिल्ली (Miranda house Delhi)
  • लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन दिल्ली (Lady Shri Ram College for women Delhi)
  • हिंदू कॉलेज दिल्ली (Hindu College Delhi) 
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी मुंबई (Lovely professional University Mumbai)
  • सिंबोसिस कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स महाराष्ट्र (Symbiosis College of Arts, Science and Commerce Maharashtra) 
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) 
  • नालंदा कॉलेज ऑफ आर्ट एंड साइंस बिहार (Nalanda College of Arts and Science Bihar) 
  • डॉन बॉस्को आर्ट एंड साइंस कॉलेज केरल (Don Bosco Arts and Science College Kerala) 
  • प्रेसिडेंसी कॉलेज वेस्ट बंगाल कोलकाता (Presidency College West Bengal Kolkata) 
  • सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली  (St. Stephen’s College Delhi)

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स का पाठ्यक्रम/सब्जेक्ट क्या क्या है (what are the syllabus/subjects of B.Com in accounting and commerce course) 

जो स्टूडेंट्स 12वीं के बाद बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स में दाखिला लेना चाहते हैं। उनके मन में यह सवाल जरूर होता होगा कि आखिर इस पूरे प्रोग्राम का सिलेबस क्या है। यहां निम्नलिखित हम आपको पूरे पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहे हैं – 

फर्स्ट ईयर सिलेबस (First year syllabus)

  • फाइनेंसियल एकाउंटिंग (financial accounting)
  • बिजनेस इकोनॉमिक्स (business economics)
  • बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन (business organisation)
  • बिजनेस लॉ (business law)
  • जनरल इंग्लिश (general English)
  • फंडामेंटल्स ऑफ मैथमेटिक्स एंड स्टैटिसटिक्स (fundamentals of mathematics and statistics)
  • कॉस्ट अकाउंटिंग (cost accounting)
  • बिजनेस कम्युनिकेशन (business communication)
  • एनवायरमेंटल साइंस (environmental science)
  • बिजनेस स्टैटिसटिक्स (business statistics)

सेकंड ईयर सिलेबस (2nd year syllabus) 

  • कॉरपोरेट एकाउंटिंग (corporate accounting)
  • ऑडिटिंग (auditing)
  • कॉस्ट अकाउंटिंग (cost accounting)
  • कॉर्पोरेट लॉज (corporate laws)
  • इनकम टैक्स लॉ एंड प्रैक्टिस (income tax law and practice)
  • इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड अकाउंटिंग (लैब बेस्ड) (information technology and accounting lab based)
  • एडवांस्ड कॉरपोरेट अकाउंटिंग (advanced corporate accounting)
  • फाइनेंशियल रिर्पोटिंग (financial reporting)
  • मैनेजमेंट अकाउंटिंग (Management accounting)
  • फाइनेंशियल मैनेजमेंट (financial management)
  • इनडायरेक्ट टैक्सेस (indirect taxes)
  • बिजनेस रिसर्च मैथड्स (business research methods)

थर्ड ईयर सिलेबस (3rd year syllabus) 

  • एडवांस अकाउंट्स (advanced accounts)
  • फाइनेंशियल मार्केट ऑपरेशंस (financial market operations)
  • कॉरपोरेट टैक्स लॉ एंड प्रैक्टिस (corporate tax law and practice)
  • बिजनेस कम्युनिकेशन (business communication)
  • वैल्यू, एथिक्स एंड गवर्नेंस (value, ethics and governance)
  • बिजनेस एनालिसिस (business analysis)
  • समर ट्रेंनिंग रिपोर्ट (Summer training report)
  • कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग (corporate reporting)
  • मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (management information system)
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट- वाईवा वोचे (project report- viva voce)

इलेक्टिव कोर्सेज (elective courses): एनी फोर कोर्सेज फ्रॉम द फॉलोइंग (any four courses from the following) :-

  1. एडवांस्ड फाइनेंशियल मैनेजमेंट (advanced financial management)
  2. एडवांस्ड परफॉर्मेंस मैनेजमेंट (advanced performance management)
  3. एडवांस्ड टैक्सेशन (advance taxation)
  4. एडवांस्ड ऑडिट एंड एश्योरेंस (advanced Audit and assurance)
  5. प्रिंसिपल्स ऑफ़ मार्केटिंग (principles of marketing)
  6. ई-कॉमर्स (E-commerce)
  7. एंटरप्रेन्योरशिप (entrepreneurship)
  8. आर्गेनाईजेशन बिहेवियर (organisation behaviour)
  9. बैंकिंग एंड इंश्योरेंस (banking and Insurance)
  10. ऑपरेशन रिसर्च (operation research)
  11. ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (human Resource Management)
  12. कंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग (लैब बेस्ड) (Computerized accounting (lab based) )

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएं क्या है (what are the career prospects after B.Com in accounting and commerce course)

बैचलर ऑफ कॉमर्स इन अकाउंटिंग ग्रेजुएट्स को कैरियर की बहुत सारी संभावनाएं प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में मिल जाती हैं। आपको बता दें कि जितने भी योग्य कैंडिडेट होते हैं उन्हें निम्नलिखित जगहों पर नौकरी मिल जाती है – 

  • बैंक्स (Banks)
  • हॉस्पिटल्स (Hospitals)
  • होटल्स (Hotels)
  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income tax Department) 
  • मल्टीनेशनल कंपनी (Multinational companies) 
  • पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (Public Works Department) 
  • स्कूल्स एंड कॉलेजेस (Schools and colleges) 
  • लॉ फर्म्स (Law firms)

वेतन (salary)

बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स करने के बाद किसी भी कैंडिडेट को जो सैलरी मिलती है वह उसकी नौकरी और कंपनी के ऊपर डिपेंड करती है। बताते चलें कि योग्य कैंडिडेट्स को हर महीने कैरियर की शुरुआत में 25,000 से लेकर 40,000 तक वेतन मिल सकता है। इसके अलावा बता दें कि बाद में और ज्यादा एक्सपीरियंस होने के बाद अभ्यर्थी की सैलरी बढ़ जाती है। 

प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector)

बैचलर ऑफ कॉमर्स इन अकाउंटिंग के बाद कैंडिडेट को प्राइवेट सेक्टर में काफी अच्छी नौकरी मिल जाती हैं। इस प्रकार से अभ्यर्थी निम्नलिखित पदों पर काम कर सकते हैं – 

  • फाइनेंस ऑफिसर (Finance officer)
  • अकाउंटिंग क्लर्क (Accounting clerk)
  • बिजनेस एनालिस्ट (Business analyst)
  • अकाउंटेंट (Accountant) 
  • मनी मैनेजर (Money Manager)
  • मार्केट एनालिस्ट (Market analyst) 
  • कैशियर (Cashier) 
  • ऑपरेशंस मैनेजर (Operations manager) 
  • बिजनेस कंसलटेंट (Business consultant) 

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

जो अभ्यर्थी यह चाहते हैं कि वह गवर्नमेंट सेक्टर में काम करें तो ऐसा बिल्कुल संभव है। बताते चलें कि बहुत से सरकारी विभागों में ऐसे कैंडिडेट्स की जरूरत होती है जिन्होंने अकाउंटिंग एंड कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया होता है। इसलिए संबंधित विभाग में जब उम्मीदवारों के लिए कोई नौकरी निकलती है तो वो वहां पर आवेदन दे सकते हैं। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स (B.Com in accounting and commerce Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स क्या है और इसकी अवधि कितने साल की होती है। इसके अलावा हमने आपको यह डिटेल्स भी बताई कि बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स करने के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या होती है। 

इस लेख के द्वारा हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स में दाखिला लेने के लिए किसी भी स्टूडेंट में कितनी योग्यता होनी जरूरी है। 

इसके साथ ही साथ हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से यह डिटेल्स भी दी कि भारत में इस पाठ्यक्रम को करने के लिए कौन कौन से कॉलेज अच्छे हैं और वहां पर छात्रों को क्या-क्या सिलेबस पढ़ाया जाता है। इसके साथ ही साथ हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि जब विद्यार्थी अपना कोर्स पूरा कर लेते हैं तो तब उन्हें गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर में कैरियर की क्या क्या संभावनाएं मिल सकती हैं। 

इस आर्टिकल में हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि जब स्टूडेंट्स अपना यह कोर्स पूरा कर लेते हैं तो तब उन्हें जॉब करने पर हर महीने कितनी सैलरी मिलती है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई यह सारी डिटेल्स आपके लिए काफी अधिक हेल्पफुल रही होंगी। 

इसलिए अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि हमारे इस लेख को अपने उन सभी दोस्तों के साथ भी शेयर करें जो 12वीं के बाद बीकॉम इन अकाउंटिंग एंड कॉमर्स कोर्स करना चाहते हैं।

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