बीकॉम ऑनर्स कोर्स (B.Com Hons. Course) कैसे करें पूरी जानकारी

नमस्कार! After 12th में आपका स्वागत है। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे बीकॉम ऑनर्स कोर्स (B.Com Hons. Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। जो स्टूडेंट्स 12वीं कक्षा कॉमर्स विषय के साथ पास करते हैं वे 12वीं के बाद बीकॉम ऑनर्स या बीकॉम जनरल कोर्स में दाखिला लेते हैं। परंतु कई बार छात्रों को यह समझ में नहीं आता कि इन दोनों कोर्सेज में क्या फर्क है? जिसकी वजह से कई बार स्टूडेंट्स गलत कोर्स में दाखिला लेते हैं।

इस वजह से बाद में उनको सही पाठ्यक्रम में एडमिशन ना लेने की वजह से बहुत अफसोस होता है। दोस्तों एक अच्छा कैरियर बनाने के लिए जरूरी है कि आप केवल उसी विषय में पढ़ाई करें जिसमें आपकी रुचि हो। अगर आप 12वीं के बाद बीकॉम ऑनर्स करना चाहते हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल को सारा पढ़ें। इस लेख में हम आपको बीकॉम ऑनर्स के बारे में सारी बातें डीटेल्स में बताएंगे। 

Contents

बीकॉम ऑनर्स कोर्स क्या है (what is B.Com Hons. course in Hindi)

यहां आपको हम बता दें कि इस कोर्स का पूरा नाम बैचलर ऑफ कॉमर्स (ऑनर्स) है। बताते चलें कि यह एक अंडर ग्रैजुएट डिग्री कोर्स है। इस कोर्स में छात्र 12वीं के बाद दाखिला लेते हैं। यहां आपको यह भी बता दें कि बीकॉम ऑनर्स में छात्रों को किसी विषय की बहुत ही ज्यादा गहराई से पढ़ाई करवाई जाती है। 

बताते चलें कि इसमें वही स्टूडेंट्स एडमिशन लेते हैं जिनको किसी एक सब्जेक्ट में स्पेशलाइजेशन करना होता है। इस प्रकार से 3 साल के इस ग्रैजुएट प्रोग्राम को पूरा करने के बाद छात्रों को नौकरी के काफी अच्छे मौके मिल जाते हैं। साथ ही बताते चलें कि बीकॉम ऑनर्स के सबसे ज्यादा प्रचलित सब्जेक्ट इस प्रकार से हैं – 

  • बीकॉम इन इकोनॉमिक्स  (B.Com in economics)
  • बीकॉम इन टैक्सेशन (B.Com in taxation)
  • बीकॉम इन मार्केटिंग (B.Com in marketing)
  • बीकॉम इन ह्यूमन रिसोर्सेज (B.Com in human resources)
  • बीकॉम इन अकाउंट्स एंड फाइनेंस (B.Com in accounts and Finance) 
  • बीकॉम इन इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट (B.Com in investment management) 

अवधि (duration)

12वीं के बाद बीकॉम ऑनर्स कोर्स की अवधि 3 साल की होती है। जानकारी के लिए बता दें कि इन 3 वर्षों में बैचलर ऑफ कॉमर्स (ऑनर्स) में कुल 6 सेमेस्टर होते हैं। बता दें कि हर सेमेस्टर में अलग-अलग सब्जेक्ट की पढ़ाई छात्रों को करवाई जाती है। 

बीकॉम ऑनर्स कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा (entrance test for B.Com Hons. course)

जो विद्यार्थी 12वीं के बाद बीकॉम ऑनर्स कोर्स करना चाहते हैं इसके लिए उन्हें एंट्रेंस टेस्ट में भाग लेना पड़ता है। आपको बता दें कि हमारे देश में बीकॉम ऑनर्स के लिए जो सबसे पॉपुलर चयन परीक्षाएं कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के द्वारा कंडक्ट करवाई जाती हैं उनके नाम इस प्रकार से हैं –

  • बीएचयू यूईटी बीकॉम (BHU UET B.Com)
  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बीकॉम एग्जाम (Christ University B.Com exam)
  • आईपीयू सीईटी बीकॉम ऑनर्स एग्जाम(IPU CET B.Com hons. exam)
  • जेएमआईईई (JMIEE) 
  • जेयूईटी – जम्मू यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट बीकॉम ऑनर्स (JUET- Jammu University entrance test B.Com Hons.)

बीकॉम ऑनर्स कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है (what is the admission process for B.Com Hons. course)

जो छात्र बीकॉम ऑनर्स कोर्स में 12वीं के बाद दाखिला लेना चाहते हैं इसके लिए उन्हें निम्नलिखित प्रोसेस को फॉलो करना होता है – 

  • बीकॉम ऑनर्स कोर्स में बहुत से कॉलेज एंट्रेंस टेस्ट लेने के बाद ही एडमिशन देते हैं तो वहीं कुछ कॉलेजों में छात्रों के 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला हो जाता है। 
  • यहां बता दें कि सबसे पहले स्टूडेंट को चाहिए कि वह यह डिसाइड करें कि उसको कौन से कॉलेज में एडमिशन लेना है। 
  • उसके बाद उसे चाहिए कि वह अपने चुने हुए कॉलेज में एग्जाम के लिए अप्लाई कर दें।
  • इस प्रकार से कैंडिडेट को फिर बीकॉम ऑनर्स की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है। 
  • जो भी छात्र एंट्रेंस टेस्ट में सफल हो जाते हैं उन सभी की एक कट ऑफ लिस्ट तैयार की जाती है जिसके आधार पर उन्हें कॉलेज में दाखिला मिलता है। 

योग्यता (qualification for B.Com Hons. course)

यहां आपको हम बता दें कि बीकॉम ऑनर्स में दाखिला लेने के लिए किसी भी छात्र में निम्नलिखित योग्यता होनी बहुत जरूरी है – 

  • कैंडिडेट ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की हो।
  • 12वीं क्लास में छात्र ने कॉमर्स विषय में पढ़ाई की हो। 
  • 12वीं क्लास में मैथमेटिक्स, बिजनेस स्टडीज, अकाउंटेंसी, इंग्लिश और  इकोनॉमिक्स छात्र के मेन सब्जेक्ट के होने चाहिए।
  • 12वीं में विद्यार्थी की परसेंटेज काफी हाई होनी चाहिए क्योंकि तभी उसे अच्छे कॉलेज में दाखिला मिलता है। हालांकि कुछ कॉलेजों में 45 परसेंट अंकों के आधार पर भी दाखिला दे दिया जाता है।
  • स्टूडेंट ने एंट्रेंस टेस्ट क्लियर किया हो।

फीस (Fees) 

जो विद्यार्थी 12वीं के बाद बीकॉम ऑनर्स में एडमिशन लेते हैं उन्हें जो फीस देनी होती है वह हर कॉलेज की अलग अलग होती है। बताते चलें कि जितने भी प्राइवेट कॉलेज है वहां पर काफी ज्यादा फीस छात्रों से ली जाती है। 

लेकिन अगर कोई कैंडिडेट एंट्रेंस टेस्ट पास कर के सरकारी कॉलेज में एडमिशन हासिल कर लेता है तो उसे कम फीस देनी पड़ती है। इस तरह से अगर एक एवरेज फीस की बात की जाए तो स्टूडेंट्स को 10,000 से लेकर 100000 रुपए तक का शुल्क भुगतान करना पड़ता है। 

भारत में बीकॉम ऑनर्स कोर्स करने के लिए कॉलेज (college to do B.Com Hons. course in India)

भारत में बीकॉम ऑनर्स कोर्स करने के लिए बहुत सारे कॉलेज हैं। यहां हम कुछ बेस्ट कॉलेजों के नाम बता रहे हैं जहां पर आप 12वीं के बाद अपना कोर्स कर सकते हैं –

  • श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स दिल्ली (Shri Ram College of Commerce Delhi) 
  • लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन दिल्ली (Lady Shri Ram College for women Delhi)
  • लोयोला कॉलेज चेन्नई (Loyola College Chennai)
  • सेंट जेवियर्स कॉलेज मुंबई (St. Xaviers College Mumbai)
  • इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट- क्रिस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरू (Institute of management- Christ University Bengaluru) 
  • हिंदू कॉलेज न्यू दिल्ली (Hindu College New Delhi) 
  • सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ कॉमर्स बेंगलुरु (St. Joseph College of Commerce Bengaluru)
  • नर्सी मूंजी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स मुंबई (Narsee Monjee college of commerce and economics Mumbai) 
  • सिंबोसिस कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड कॉमर्स पुणे (Symbiosis College of Arts and Commerce Pune) 
  • गोयंका कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कोलकाता  (Goenka College of Commerce and business administration Kolkata) 

बीकॉम ऑनर्स कोर्स का पाठ्यक्रम/सब्जेक्ट क्या क्या है (what are the syllabus/subjects of B.Com Hons. course) 

12वीं के बाद छात्रों को कॉलेज में दाखिला लेने के बाद बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई करवाई जाती है। यहां हम पूरे 3 साल का सिलेबस विस्तार से बता रहे हैं – 

बीकॉम ऑनर्स फर्स्ट ईयर सिलेबस 

  • मेजर इंडियन लैंग्वेज: हिंदी/इंग्लिश (Major Indian language: Hindi/English)
  • प्रिंसिपल एंड प्रैक्टिस ऑफ़ मैनेजमेंट एंड बिजनेस (Principle and practice of Management and business) 
  • फाइनेंशियल अकाउंटिंग (Financial accounting) 
  • एकाउंटिंग (Accounting)
  • बिजनेस मैथमेटिक्स (Business mathematics)
  • मॉनेटरी एंड इंस्टीट्यूशंस (Monetary theories and institutions) 
  • इंडस्ट्रियल ऑर्गेनाइजेशन एंड मैनेजमेंट (Industrial organisation and management) 
  • बिजनेस एनवायरमेंट (Business Environment) 
  • बिजनेस रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (Business regulatory framework) 

बीकॉम ऑनर्स सेकंड ईयर सिलेबस 

  • इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इट्स एप्लीकेशन इन बिजनेस (Information technology and its application in business) 
  • कॉस्टिंग एंड ऑडिटिंग (Costing and auditing) 
  • बिजनेस इकोनॉमिक्स (Business economics) 
  • पब्लिक फाइनेंस एंड बजटिंग (Public finance and budgeting) 
  • प्रिंसिपल्स ऑफ़ मार्केटिंग (Principles of Marketing) 
  • स्पेशलाइज्ड अकाउंटिंग (Specialised accounting)
  • मैनेजमेंट अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल अकाउंटिंग-2 (Management accounting and financial accounting-2) 
  • डायरेक्ट एंड इनडायरेक्ट टैक्सेशन (Direct and indirect taxation) 
  • बिजनेस स्टैटिसटिक्स (Business statistics) 

बीकॉम ऑनर्स थर्ड ईयर सिलेबस 

  • बिजनेस एंटरप्रेन्योरशिप (Business entrepreneurship) 
  • इनकम टैक्स लॉज एंड अकाउंट्स (Income tax laws and accounts) 
  • इलेक्ट्रिक पेपर-1 (Elective paper 1) 
  • एडवांस कंपनी अकाउंट्स (Advance company accounts) 
  • कंपनी लॉ (Company law)
  • इलेक्टिव पेपर 2 (Elective paper 2)
  • फाइनेंशियल एनालिसिस (Financial analysis)
  • सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (Secretarial practice)
  • वाइवा-वोचे  (Viva-Voce) 

बीकॉम ऑनर्स कोर्स के बाद कैरियर संभावनाएं क्या है (what are the career prospects after B.Com Hons. course)

बीकॉम ऑनर्स में ग्रैजुएट प्रोग्राम करने के बाद छात्रों को उनकी योग्यता के आधार पर निम्नलिखित जगह पर काम करने का अवसर मिलता है – 

  • बैंकिंग सेक्टर (Banking sector)
  • कॉमर्स सेक्टर (Commerce sector)
  • इकनोमिक कंसलटिंग फर्म्स  (Economic consulting firms) 
  • फाइनेंस सेक्टर (Finance sector)
  • इंपोर्ट कंपनीज (Import companies)
  • एक्सपोर्ट कंपनीज (Export companies) 
  • रिसर्च एसोसिएट्स (Research associates) 
  • कस्टम्स डिपार्टमेंट (Customs department)

वेतन (salary)

12वीं के बाद बीकॉम ऑनर्स करने के बाद कैंडिडेट को जो पैकेज मिलता है वह उसके स्किल, एक्सपीरियंस और कंपनी के ऊपर डिपेंड करता है। लेकिन अगर एक एवरेज सैलेरी की बात की जाए तो इस फील्ड में योग्य उम्मीदवारों को 25,000 से लेकर 30 हजार रुपए से ज्यादा तक वेतन मिल जाता है। यहां बता दें कि जैसे-जैसे कैंडिडेट को एक्सपीरियंस होता जाता है वैसे वैसे उसकी सैलरी बढ़ने लगती है। 

प्राइवेट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in private sector)

बीकॉम ऑनर्स कोर्स करने के बाद कैंडिडेट के सामने प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के काफी अच्छे अवसर होते हैं। यहां बताते चलें कि कैंडिडेट निम्नलिखित पदों पर आसानी के साथ जॉब हासिल कर सकते हैं – 

  • अकाउंट असिस्टेंट (Account Assistant)
  • इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट (Investment analyst)
  • कैसियर (Cashier) 
  • पर्सनल फाइनेंस कंसलटेंट (Personal finance consultant) 
  • मार्केटिंग मैनेजर (Marketing manager)
  • कॉस्ट एस्टिमेटर (Cost estimator)
  • सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट (Certified public accountant) 
  • स्टॉक ब्रोकर (Stock broker)
  • मनी मैनेजर (Money Manager)
  • बजट एनालिस्ट (Budget analyst)

गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब्स (Jobs in government sector)

बीकॉम ऑनर्स करने के बाद कुछ लोग गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी करना चाहते हैं। तो इसके लिए उन्हें सरकार द्वारा निकाली गई नौकरियों के बारे में जानकारी रखनी होगी। बताते चलें कि जैसे ही किसी संबंधित विभाग में नौकरी के लिए रिक्ती निकलती है तो कैंडिडेट वहां अप्लाई कर सकते हैं। 

निष्कर्ष 

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल बीकॉम ऑनर्स कोर्स (B.Com Hons. Course)  कैसे करें पूरी जानकारी। इस लेख के द्वारा हमने आपको बताया कि बीकॉम ऑनर्स कोर्स क्या है और इसकी अवधि कितने साल तक की होती है। साथ ही साथ हमने आपको यह डिटेल्स भी बताई कि बीकॉम ऑनर्स करने के लिए प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया क्या होती है। 

इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको यह डिटेल्स भी दी कि बेचलर ऑफ बीकॉम ऑनर्स में एडमिशन लेने के लिए किसी भी छात्र में कितनी योग्यता होनी अनिवार्य है। 

इसके अलावा हमने आपको इस लेख के द्वारा यह भी डीटेल्स दी कि हमारे देश भारत में इस के लिए कौन से कॉलेज अच्छे हैं और वहां पर स्टूडेंट्स को क्या सिलेबस पढ़ाया जाता है। साथ ही साथ हमने आपको यह डिटेल्स भी दीं कि जब छात्र इस कोर्स को पूरा कर लेते हैं तो तब उन्हें प्राइवेट और गवर्नमेंट सेक्टर में कैरियर की क्या-क्या संभावनाएं मिलती हैं।

इस लेख के द्वारा हमने आपको यह डिटेल्स भी दीं कि जब विद्यार्थी अपना यह पाठ्यक्रम पूरा कर लेते हैं तो तब उन्हें नौकरी करने पर हर महीने कितनी सैलरी मिलती है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारे द्वारा बताई गई सारी डिटेल्स आपके लिए काफी यूज़फुल रहीं होंगी। 

इसलिए अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि हमारे इस पोस्ट को अपने उन सभी दोस्तों के साथ भी शेयर करें जो 12वीं के बाद बीकॉम ऑनर्स कोर्स (B.Com Hons. Course)  कैसे करें के बारे में डिटेल्स जानना चाहते हैं।

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