12th के बाद बैंकिंग कोर्स लिस्ट (Banking Course List after 12th)

नमस्कार! दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको 12th के बाद बैंकिंग कोर्स लिस्ट के बारे में बताएंगे। बैंकिंग सेक्टर ऐसा क्षेत्र है जिसमें नौकरियों की कमी बिल्कुल भी नहीं होती। इस वजह से आज बहुत से छात्र 12वीं के बाद कोई ऐसा बैंकिंग कोर्स करना चाहते हैं जिसमें वह बेहतरीन कैरियर बना सके। लेकिन बैंकिंग कोर्स बहुत सारे होते हैं इस वजह से छात्र डिसाइड नहीं कर पाते कि उनके लिए कौन सा कोर्स बेहतर है। 

अगर आप भी 12वीं पास करने के बाद कोई अच्छा सा बैंकिंग कोर्स करना चाहते हैं तो हमारे आज के इस पोस्ट को सारा पढ़े। इसमें हम आपको 12th के बाद बैंकिंग कोर्स लिस्ट की जानकारी देंगे जो आपको सही कोर्स सिलेक्ट करने में सहायक होगी। 

Contents

12th के बाद बैंकिंग कोर्स लिस्ट 

12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स करके छात्र बैंक इंडस्ट्री में अपना काफी अच्छा कैरियर बना सकते हैं। यहां बता दें कि बैंकिंग सेक्टर आज छात्रों के बीच में काफी पॉपुलर हो चुका हैं और इसीलिए वो इस फील्ड में जाना चाहते हैं। लेकिन बैंकिंग सेक्टर में जाने के लिए जरूरी है कि स्टूडेंट्स इससे संबंधित कोई कोर्स करें। क्योंकि इससे उन्हें यह फायदा होगा कि वह बैंकिंग में काम करने के लिए खुद को तैयार कर सकेंगे। यहां निम्नलिखित हम आपको कुछ बेस्ट बैंकिंग कोर्स के बारे में बता रहे हैं जो कि इस तरह से हैं – 

बैचलर ऑफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस कोर्स 

12th के बाद बैंकिंग कोर्स में बैचलर ऑफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस बेहतरीन विकल्प है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि यह एक 3 साल का डिग्री कोर्स है जिसको करने के बाद कैंडिडेट को अकाउंटिंग और फाइनेंस की बहुत अच्छी समझ आ जाती है। इस कोर्स को करने के बाद कैंडिडेट अगर चाहे तो आगे पढ़ाई जारी रख सकते हैं या फिर नौकरी भी कर सकते हैं। साथ ही बता दें कि इस डिग्री कोर्स को करने के बाद सरकारी विभागों और निजी विभागों में काफी अच्छा स्कोप है। 

बैचलर ऑफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस कोर्स करने के लिए योग्यता

बैचलर ऑफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस कोर्स करने के लिए छात्रों में जो योग्यता होनी चाहिए वह इस प्रकार से है –

  • छात्र ने किसी रिकॉग्नाइज्ड बोर्ड से कम से कम 12वीं कक्षा पास की हो।
  • 12वीं में छात्र ने कॉमर्स विषय की पढ़ाई की होनी चाहिए। 

बैचलर ऑफ अकाउंटिंग एंड फाइनेंस करने के बाद सैलरी

अकाउंटिंग एंड फाइनेंस का ग्रेजुएट कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को जो सैलरी मिलती है वह लगभग 20,000 से लेकर 30,000 तक के बीच में हो सकती है। लेकिन कुछ एक्सपीरियंस हासिल होने के बाद उसे हर महीने और भी ज्यादा सैलरी मिल जाती है। 

बीकॉम कोर्स 

12वीं के बाद बीकॉम भी काफी प्रचलित कोर्स है। यहां बता दें कि यह एक 3 साल का अंडर ग्रैजुएट कोर्स है जोकि बैंकिंग और एकाउंटिंग पर बेस्ड होता है। तो इसलिए अगर कोई छात्र बैंकिंग में कैरियर बनाना चाहता है तो उसके लिए यह एक बहुत अच्छा और बेसिक कोर्स है। इस प्रकार से बैचलर ऑफ कॉमर्स करने के बाद कैंडिडेट को बैंक से जुड़ी हुई सारी जानकारी जैसे कि पैसे का मैनेजमेंट, हिसाब किताब, पीएफ के अलावा इनकम टैक्स की आसानी से समझ में आ जाती है। 

बीकॉम कोर्स करने के लिए योग्यता

बीकॉम कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स में निम्नलिखित योग्यता होनी अनिवार्य है जैसे कि –

  • कैंडिडेट ने कॉमर्स विषय के साथ कम से कम 12वीं कक्षा पास की हो।
  • छात्र ने 12वीं में कम से कम 45% अंक हासिल किए हों। 

बीकॉम करने के बाद सैलरी

जो छात्र बीकॉम का कोर्स कर लेते हैं उनको सरकारी और निजी सेक्टर में काम करने के बहुत से चांस मिलते हैं जहां उन्हें शुरुआत में ही काफी अट्रैक्टिव सैलरी पैकेज मिल जाता है। बता दें कि एक योग्य उम्मीदवार को प्रति महीने 20 हजार रुपए से लेकर 30 हजार रुपए तक मिल सकते हैं। 

सीए कोर्स 

12th के बाद बैंकिंग कोर्स लिस्ट में सीए यानी चार्टर्ड अकाउंटेंसी का नाम सबसे पहले आता है। यहां आपको बता दें कि यह एक बहुत ही मुश्किल और चैलेंजिंग प्रोफेशनल कोर्स है। लेकिन जो कैंडिडेट इस कोर्स को कर लेते हैं उन्हें एक बेहतरीन कैरियर अपॉर्चुनिटी मिल जाती है। बता दें कि ऐसे बहुत से सीए बैंक्स हैं जहां पर प्रोफेशनल सीए को ऑडिटिंग और दूसरे अकाउंटेंट से जुड़े हुए काम करने के लिए रखा जाता है। 

यहां बता दें कि सीए बनने के लिए कैंडिडेट को सीपीटी (CPT), आईपीसीसी (IPCC) और फाइनल एग्जाम (Final Exam) में शामिल होना पड़ता है। बता दें कि इस कोर्स को जब आप पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद आपको ऑडिटिंग, टैक्स लॉस, टैक्सेशन, बिजनेस लॉस और कॉरपोरेट लॉस की अच्छी जानकारी हो जाती है ‌ 

सीए कोर्स करने के लिए योग्यता

यहां आपको बता दें कि सीए बनने के लिए कैंडिडेट में कुछ योग्यताएं होनी चाहिए जो कि इस प्रकार से है – 

  • छात्र ने कम से कम 12वीं कक्षा पास की होनी चाहिए। 
  • 12वीं में कैंडिडेट ने कम से कम 50% अंक हासिल किए हों।

सीए करने के बाद सैलरी

सीए बन जाने के बाद कैंडिडेट को हर महीने काफी अट्रैक्टिव सैलरी पैकेज आसानी के साथ मिल जाता है। बताते चलें कि कैरियर की स्टार्टिंग में ही सीए को हर महीने 50 हजार रुपए या उससे ज्यादा की सैलरी मिल जाती है। 

बीबीए इन बैंकिंग कोर्स 

इस कोर्स का पूरा नाम बैचलर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन बैंकिंग (Bachelor of Business Administration in Banking) है और यह 3 साल की अवधि का कोर्स है। यहां आपको बता दें कि 12th के बाद बैंकिंग कोर्स यदि आप करना चाहते हैं तो यह एक बेस्ट विकल्प है। इस कोर्स को करने के बाद कैंडिडेट फाइनेंशियल एडवाइजर, फाइनेंशियल मैनेजर, टैक्स असिस्टेंट, क्रेडिट एनालिस्ट इत्यादि बन सकते हैं। 

लेकिन इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए कैंडिडेट को एंट्रेंस एग्जाम को पास करना होता है। बताते चलें कि IPU, CET, SET BBA, MET, CUCET परीक्षाएं इसके लिए काफी फेमस हैं। 

बीबीए इन बैंकिंग कोर्स करने के लिए योग्यता

बीबीए इन बैंकिंग कोर्स करने के लिए किसी भी कैंडिडेट में जो योग्यता होनी चाहिए उसके बारे में निम्नलिखित जानकारी इस प्रकार से है – 

  • कैंडिडेट ने कम से कम 12वीं कक्षा पास की हो। 
  • 12वीं क्लास में छात्र ने कम से कम 50% अंक हासिल किए हों। 

बीबीए इन बैंकिंग करने के बाद सैलरी

अभी हम आपको बता दें कि विभिन्न बैंकिंग कोर्स करने के बाद किसी भी कैंडिडेट को जो शुरुआती सैलरी मिलती है वह डिपेंड करती है उनके एंप्लॉयमेंट के एरिया और योग्यता के ऊपर। लेकिन अगर एक एवरेज सैलेरी पैकेज की बात की जाए तो कैंडिडेट को 30,000 से लेकर 60,000 रुपए तक बिना किसी परेशानी के मिल जाते हैं। 

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स कोर्स

12th के बाद बैंकिंग कोर्स लिस्ट में बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स का नाम भी आता है। यहां बता दें कि यह 3 साल का कोर्स है। साथ ही बताते चलें कि जरूरी नहीं है कि कॉमर्स बैकग्राउंड वाले ही इस कोर्स को करने के लिए एलिजिबल है बल्कि किसी भी स्ट्रीम के छात्र इस कोर्स को कर सकते हैं। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को गुड्स एंड सर्विसेज, प्रोडक्शन, मार्केट इत्यादि के बारे में पढ़ाया जाता है जिससे कि स्टूडेंट्स बैंकिंग सेक्टर के साथ-साथ कॉमर्स रिलेटेड चैप्टर में अच्छी नौकरी हासिल कर सकें। 

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स कोर्स करने के लिए योग्यता

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स कोर्स करने के लिए किसी भी स्टूडेंट में कुछ योग्यता मांगी जाती है जैसे कि –

  • कैंडिडेट ने कम से कम बारहवीं कक्षा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी विषय में पास की हो। 
  • छात्र ने 12वीं में कम से कम 50% तक अंक हासिल किए हो। 

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स करने के बाद सैलरी

बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद योग्य उम्मीदवारों को नौकरी की स्टार्टिंग में ही अच्छी सैलरी मिल जाती है। बता दें कि योग्य कैंडिडेट को हर महीने 25,000 से लेकर 45,000 रुपए बहुत आसानी से मिल जाते हैं। 

बीएफएम कोर्स 

बीएफएम (BFM) पूरा नाम बैचलर इन फाइनैंशल मैथमेटिक्स (Bachelor’s in Financial Mathematics) है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि यह एक अंडर ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम है। इस कोर्स को करने के बाद कैंडिडेट बैंकिंग सेक्टर में एक बेहतरीन और उत्कृष्ट कैरियर बना सकते हैं।

बीएफएम कोर्स करने के लिए योग्यता

पीएसएम कोर्स करने के लिए किसी भी कैंडिडेट में निम्नलिखित योग्यताओं का होना जरूरी है-

  • छात्र ने कम से कम 12वीं कक्षा पास की होनी चाहिए।
  • 12वीं में कैंडिडेट के पास मैथमेटिक्स विषय अवश्य होना चाहिए।

बीएफएम करने के बाद सैलरी

बीएफएम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद किसी भी कैंडिडेट को काफी अच्छा वेतन मिल जाता है। यहां बता दें कि योग्य व्यक्ति इस फील्ड में हर महीने 35,000 से लेकर 50,000 रुपए तक के बीच में सैलरी हासिल कर सकते हैं।

सीएमए कोर्स 

12th के बाद बैंकिंग कोर्स में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों को हम बता दें कि सीएमए भी एक अच्छा पाठ्यक्रम है। यहां आपको बता दें कि सीएमए (CMA) का पूरा नाम सर्टिफाइड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (Certified Management Accountant) है। यह कोर्स भी आज उन छात्रों के बीच काफी अधिक लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है जो बैंकिंग में जाना चाहते हैं। लेकिन आपको इसके लिए तीन स्टेजिस होती है जैसे कि सीएमए फाउंडेशन (CMA foundation) , सीएमए इंटरमीडिएट (CMA intermediate) और सीएमए फाइनल (CMA final)। 

सीएमए कोर्स करने के लिए योग्यता

सीएमए के कोर्स को करने के लिए किसी भी कैंडिडेट में कुछ योग्यताएं होनी चाहिए जैसे कि – 

  • छात्र ने 12वीं कक्षा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कॉमर्स विषय के साथ पास की हो। 
  • कैंडिडेट को बैंकिंग सेक्टर में रुचि होनी चाहिए। 

सीएमए करने के बाद सैलरी

सीएमए कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को काफी आकर्षक वेतन मिल जाता है जो कि उसके एंप्लॉयमेंट एरिया के ऊपर डिपेंड करता है। इस तरह से एक प्रोफेशनल व्यक्ति को हर महीने 40,000 से लेकर 55,000 रुपए तक बहुत आराम से मिल जाते हैं। बाद में एक्सपीरियंस गेन करने के बाद कैंडिडेट को और भी ज्यादा वेतन मिलता है। 

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस कोर्स 

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस 12th के बाद बैंकिंग कोर्स है। यह एक साल का डिप्लोमा लेवल कोर्स है जिसको करने के बाद कैंडिडेट को रोजगार के बेहतरीन मौके मिल जाते हैं। यहां बता दें कि इस कोर्स हो आप कॉरेस्पोंडेंस या फिर किसी रेगुलर इंस्टीट्यूट से कर सकते हैं। इस तरह से इस कोर्स को करने वाले छात्रों को बैंकिंग फील्ड की अच्छी खासी जानकारी हो जाती है और वह फाइनेंस सेक्टर में काम करने के लिए योग्य हो जाते हैं। 

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस कोर्स करने के लिए योग्यता

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस कोर्स करने के लिए किसी भी कैंडिडेट में निम्नलिखित योग्यता का होना अनिवार्य है – 

  • छात्रों ने कम से कम किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की होनी चाहिए।
  • कैंडिडेट ने 12वीं में 50% या फिर उससे ज्यादा अंक हासिल किए हों। 

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस करने के बाद सैलरी

बैंकिंग एंड फाइनेंस में डिप्लोमा कोर्स करने के बाद कैंडिडेट के सामने नौकरी के बेहतरीन मौके आते हैं। यहां बता दें कि कैंडिडेट बैंकिंग सेक्टर, कॉरपोरेट बैंकिंग सेक्टर, फाइनेंशियल कंसलटेंट कंपनी में काम करके हर महीने 20,000 से लेकर 40,000 रुपए तक कमा सकते हैं। 

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस कोर्स 

12th के बाद बैंकिंग कोर्स अगर आप करना चाहते हैं तो इसके लिए आप डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस कोर्स कर सकते हैं। बताते चलें कि यह एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स हैं और यह कॉमर्स वालों के लिए एक बेहतरीन कोर्स है। यहां आपको बता दें कि इस कोर्स को करने के बाद कैंडिडेट बैंकिंग फाइनेंस और इंश्योरेंस की फील्ड में काम करने के अवसर हासिल करते हैं। 

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस कोर्स करने के लिए योग्यता

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स में कुछ योग्यता होनी चाहिए जैसे कि – 

  • साथ में 12वीं कक्षा कॉमर्स विषय में की होनी चाहिए।
  • 12वीं में छात्र के कम से कम 50% मार्क्स होने चाहिए। 

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस करने के बाद सैलरी

डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस का कोर्स करने के बाद किसी भी कैंडिडेट को जो सैलरी मिलती है वह पूरी तरह से उसकी योग्यता के ऊपर डिपेंड करती है। लेकिन फिर भी अगर एक एवरेज सैलेरी की बात की जाए तो कैंडिडेट को हर महीने 20 हजार रुपए से लेकर 30 हजार रुपए तक का वेतन मिल जाता है। 

डिप्लोमा इन बैंकिंग लॉ कोर्स

12वीं के बाद अगर आप बैंकिंग सेक्टर में काम करना चाहते हैं तो इसके लिए आप डिप्लोमा इन बैंकिंग लॉ कोर्स कर सकते हैं। आपको बता दें कि यह 1 साल की अवधि का कोर्स है जिसको करने के बाद कैंडिडेट बैंकिंग सिस्टम को समझने में सक्षम होते हैं और साथ ही साथ इस योग्य हो जाते हैं कि इस सेक्टर में काम कर सके।  

डिप्लोमा इन बैंकिंग लॉ कोर्स करने के लिए योग्यता

डिप्लोमा इन बैंकिंग लॉ कोर्स को करने के लिए किसी भी कैंडिडेट के लिए जरूरी है कि उसमें कुछ योग्यताएं हों जैसे कि –

  • कैंडिडेट ने कम से कम बारहवीं कक्षा पास की होनी चाहिए।
  • 12वीं में कम से कम 45% से लेकर 50% होने चाहिए।

डिप्लोमा इन बैंकिंग लॉ करने के बाद सैलरी

डिप्लोमा इन बैंकिंग लॉ कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को फाइनेंशियल कंसलटेंट, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, कॉरपोरेट लॉयर, इन्वेस्टमेंट बैंकर इत्यादि के पदों पर काम करने का मौका मिल जाता है, जहां पर उसे हर महीने काफी अट्रैक्टिव सैलरी होती है। इस तरह से कैंडिडेट को जो सैलरी मिलती है वह 15,000 से लेकर 30,000 तक हो सकती है जो कि बाद में बढ़ जाती है।

निष्कर्ष 

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल 12th के बाद बैंकिंग कोर्स लिस्ट के बारे में जानकारी। इस लेख में हमने आपको बताया कि 12th के बाद बैंकिंग कोर्स कौन-कौन से अच्छे होते हैं जिनमें कैरियर बनाया जा सकता है। बता दें कि हमने आपको ग्रेजुएट और डिप्लोमा दोनों कोर्स के बारे में जानकारी दी जिनको आप 12वीं के बाद कर सकते हैं। इसके अलावा हमने आपको यह भी जानकारी दी कि जब आप इन बैंकिंग के कोर्स को कर लेंगे तो उसके बाद आपको हर महीने कितने रुपए तक की सैलरी मिल सकती है।

हमें पूरी उम्मीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल उपयोगी लगा होगा। अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है इस पोस्ट को अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो 12वीं के बाद बैंकिंग कोर्स करना चाहते हैं।

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