10th के बाद मेडिकल कोर्स लिस्ट (medical course list after 10th)

नमस्कार! After 12th में आपका स्वागत है। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि 10th के बाद मेडिकल कोर्स लिस्ट के बारे में। जो छात्र दसवीं कक्षा पास कर लेते हैं तो उसके बाद अधिकतर स्टूडेंट्स का यही सपना होता है कि वो मेडिकल फील्ड में काम करें। लेकिन उन्हें यह मालूम नहीं होता कि वे हेल्थकेयर सेक्टर में दसवीं के बाद किस तरह से जा सकते हैं। पर यहां आपको हम बता दें कि आज के समय में मेडिकल फील्ड में जाने के लिए बहुत सारे कोर्स करने के ऑप्शन अवेलेबल हैं। 

परंतु किसी भी पाठ्यक्रम में दाखिला लेने से पहले उसके बारे में सारी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए जिससे कि आप सही कोर्स का चयन कर सकें। तो अगर आपने 10वीं पास कर ली है और 10th के बाद मेडिकल कोर्स करने के बारे में आप सोच रहे हैं तो हमारे आज के इस पोस्ट को सारा पढ़ें और जानें कि मैट्रिक के बाद आप कौन-कौन से मेडिकल कोर्स कर सकते हैं। 

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10th के बाद मेडिकल कोर्स

हर छात्र यही चाहता है कि वह अपनी पढ़ाई जल्दी से पूरी करके किसी ऐसी फील्ड में जाए जहां पर उसकी निरंतर ग्रोथ हो और उसे अच्छी सैलरी भी मिल सके। यहां बता दें कि जो कैंडिडेट दसवीं कक्षा पास कर लेते हैं और अगर वो हेल्थकेयर सेक्टर में जाना चाहते हैं तो उनके लिए सबसे बेस्ट है कि वे मेडिकल कोर्स में दाखिला ले लें। यहां बता दें कि दसवीं के बाद इस फील्ड में बहुत सारे कोर्स अवेलेबल हैं जिन्हें कैंडिडेट बिना किसी समस्या के कर सकते हैं। यहां आपको हम कुछ बेस्ट मेडिकल कोर्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो आज के समय बहुत ज्यादा प्रचलित हैं। 

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डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोग्राफी कोर्स

10th के बाद मेडिकल कोर्स जो छात्र करना चाहते हैं वो डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोग्राफी कोर्स कर सकते हैं। यहां बता दें कि यह 2 साल की अवधि का कोर्स है जिसमें छात्रों को एक्स-रे, मैमोग्राफी, एंजियोग्राफी, ईसीजी इत्यादि के बारे में पढ़ाया जाता है। जो कैंडिडेट इस पाठ्यक्रम को पूरा कर लेते हैं उन्हें फिर हॉस्पिटल्स, नर्सिंग होम्स, प्राइवेट इमेजिंग क्लिनिक्स इत्यादि में रोजगार के अवसर मिलते हैं। 

डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोग्राफी कोर्स करने के लिए योग्यता 

डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोग्राफी कोर्स करने के लिए किसी भी छात्र में निम्नलिखित योग्यता का होनी जरूरी है – 

  • छात्र ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मिनिमम दसवीं कक्षा पास की हो।
  • कैंडिडेट को अंग्रेजी के साथ साथ कंप्यूटर की जानकारी होना भी आवश्यक है। 

डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोग्राफी कोर्स करने के बाद सैलरी 

जो कैंडिडेट सफलतापूर्वक मेडिकल रेडियोग्राफी में डिप्लोमा कोर्स हासिल कर लेते हैं उसके बाद उन्हें जो वेतन मिलता है वह उनकी योग्यता के ऊपर सबसे ज्यादा डिपेंड करता है। यहां बता दें कि इस फील्ड में जब कोई कैंडिडेट काम करता है तो उसे हर महीने 15,000 से लेकर 25,000 रुपए आसानी के साथ मिल जाते हैं। पर जो कैंडिडेट मेहनती और कुशल होते हैं उन्हें इससे भी ज्यादा सैलरी पैकेज मिल सकता है। 

डिप्लोमा इन ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजी कोर्स

10th के बाद मेडिकल कोर्स यदि आप ढूंढ रहे हैं तो आप डिप्लोमा इन ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजी में एडमिशन ले सकते हैं। यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि यह 2 साल का पाठ्यक्रम है जिसमें यह सिखाया जाता है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर कि किस तरह से मदद की जाती है। यहां बता दें कि जब भी किसी पेशेंट की सर्जरी होती है तो उसमें सबसे महत्वपूर्ण रोल सर्जन का होता है लेकिन ऑपरेशन थिएटर में उसकी मदद ओटी टेक्निशियन करता है। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर की साफ सफाई इत्यादि के काम की जिम्मेदारी और रख-रखाव की जिम्मेदारी भी उसी की होती है। 

डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए योग्यता 

डिप्लोमा इन ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए छात्र में निम्नलिखित योग्यताएं होना अत्यंत जरूरी है – 

  • कैंडिडेट ने मिनिमम दसवीं कक्षा पास की हो।
  • कैंडिडेट के 10वीं में कम से कम 40 परसेंट से लेकर 50 परसेंट तक अंक होने चाहिए। 
  • कैंडिडेट को कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए। 

डिप्लोमा इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद सैलरी 

डिप्लोमा इन ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को शुरुआती सैलरी 15,000 से लेकर 20,000 रुपए तक मिलती है। फिर जब उसे 2-4 वर्षों का अनुभव हो जाता है तो उसके बाद उसका वेतन बढ़ जाता है। 

डीएनसीए कोर्स

दसवीं पास करने के बाद छात्र अगर चाहे तो डीएनसीए कोर्स में भी दाखिला ले सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि डीएनसीए (DNCA) का फुल फॉर्म डिप्लोमा इन नर्सिंग केयर असिस्टेंट (Diploma in Nursing Care Assistant) है और इस पाठ्यक्रम की अवधि 2 साल तक की होती है। बताते चलें कि इसमें छात्रों को नर्सिंग प्रक्रियाओं, कार्डियक केयर, स्टोर कीपिंग इत्यादि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है। इस प्रकार से कैंडिडेट जब कोर्स पूरा कर लेते हैं तो उन्हें नर्स को उसके काम करने में सहायता करनी होती है। 

डीएनसीए कोर्स करने के लिए योग्यता 

डीएनसीए कोर्स करने के लिए किसी भी कैंडिडेट में जो योग्यता होनी चाहिए वो इस प्रकार से है –

  • कैंडिडेट ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मिनिमम दसवीं क्लास तक पढ़ाई की होनी चाहिए। 
  • छात्र को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना चाहिए और कंप्यूटर की नॉलेज भी होनी जरूरी है। 
  • कैंडिडेट के कम्युनिकेशन स्किल्स होने चाहिएं।

डीएनसीए कोर्स करने के बाद सैलरी 

जो कैंडिडेट नर्सिंग असिस्टेंट कोर्स कर लेते हैं उसके बाद उन्हें हर महीने 18,000 से लेकर 25,000 रुपए तक का सैलरी पैकेज मिल जाता है। इसके अलावा अगर कैंडिडेट को किसी बड़े और अच्छे हॉस्पिटल में काम करने का अवसर मिलता है तो वहां पर उसे इससे भी ज्यादा वेतन हर महीने मिल सकता है। 

डायलिसिस टेक्नोलॉजी कोर्स

10th के बाद मेडिकल कोर्स लिस्ट में डायलिसिस टेक्नोलॉजी कोर्स भी शामिल किया जा सकता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि आज के समय में हेल्थ सेक्टर में ट्रेंड डायलिसिस टेक्निशियन की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि पापुलेशन भी तेजी के साथ बढ़ रही है। यहां बता दें कि इस कोर्स की अवधि 1 साल तक होती है और इसमें कैंडिडेट को डायलिसिस के दौरान डॉक्टर की सहायता करना सिखाया जाता है और इसके लिए जो मेडिकल उपकरण जरूरी होते हैं उनके बारे में जानकारी दी जाती है। इस प्रकार से कैंडिडेट जब अपना कोर्स पूरा कर लेते हैं तो उन्हें फिर हॉस्पिटल की डायलिसिस यूनिट में काम करने का मौका मिलता है। 

डायलिसिस टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए योग्यता 

डायलिसिस टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए छात्र में निम्नलिखित योग्यताएं होना अत्यंत जरूरी है – 

  • इच्छुक छात्र ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से कम से कम 10वीं कक्षा पास की हो।
  • कैंडिडेट ने दसवीं कक्षा में कम से कम 40%-50% तक अंक हासिल किए हों। 
  • छात्र के कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे होने चाहिए और उसे कंप्यूटर की जानकारी भी होनी जरूरी है। 

डायलिसिस टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद सैलरी 

डायलिसिस टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को जो सैलरी मिलती है वह पूरी तरह से उसकी योग्यता के ऊपर और जॉब की लोकेशन के ऊपर निर्भर करती है। लेकिन अगर एक एवरेज सैलेरी की बात की जाए तो उसे नौकरी की शुरुआत में हर महीने 15,000 से लेकर 20,000 तक मिल जाते हैं।

डिप्लोमा इन सैनिटरी इंस्पेक्टर कोर्स

दसवीं पास करने के बाद डिप्लोमा इन सैनिटरी इंस्पेक्टर कोर्स भी किया जा सकता है। आपको बता दें कि यह एक बेहद पॉपुलर कोर्स है जिसकी अवधि 1 साल तक की होती है। जानकारी दे दें कि इस पाठ्यक्रम में जो छात्र दाखिला लेते हैं कोर्स के दौरान उनको हेल्थ केयर और सैनिटेशन के बारे में प्रैक्टिकल व थियोरेटिकल ट्रेनिंग दी जाती है। इस तरह से कैंडिडेट को फिर हेल्थ केयर इंस्पेक्टर के तौर पर विभिन्न सेक्टर्स में काम करने के मौके मिलते हैं जैसे कि म्युनिसिपल कॉरपोरेशन्स, प्राइवेट हॉस्पिटल्स, पब्लिक हॉस्पिटल, होटल्स, डायग्नोस्टिक लैबोरेट्रीज और पैथोलॉजी लैब्स में काम करने के अवसर मिलते हैं। 

डिप्लोमा इन सैनिटरी इंस्पेक्टर कोर्स करने के लिए योग्यता 

डिप्लोमा इन सैनिटरी इंस्पेक्टर कोर्स करने के लिए किसी भी छात्र में निम्नलिखित योग्यता का होना जरूरी है –

  • कैंडिडेट ने मिनिमम दसवीं कक्षा किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या बोर्ड से पास की होनी चाहिए।
  • कैंडिडेट के 50% तक अंक होने चाहिएं। 
  • कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए। 

डिप्लोमा इन सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स करने के बाद सैलरी 

जो कैंडिडेट सेनेटरी इंस्पेक्टर का डिप्लोमा कोर्स कर लेते हैं उसके बाद उन्हें जो सैलरी मिलती है वह उनकी योग्यता के ऊपर सबसे ज्यादा डिपेंड होती है। लेकिन फिर भी एक एवरेज सैलेरी जो कैंडिडेट को वह मिलती है वह 20,000 से लेकर 30,000 तक के बीच में हो सकती है। 

डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी कोर्स

10th के बाद मेडिकल कोर्स में ईसीजी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम भी काफी महत्वपूर्ण है। यहां बता दें कि इस कोर्स की अवधि 2 साल की होती है जिसमें कैंडिडेट को ईसीजी मशीन का उपयोग करके रोगी की हृदय की दर को मॉनिटर करना सिखाया जाता है। इस प्रकार से जब स्टूडेंट सपना यह कोर्स पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद वो ह्रदय के डॉक्टर के साथ काम करते हैं जहां पर वो रोगियों की चिकित्सा स्थिति को जानने के अलावा उनका डाटा कलेक्ट करते हैं। 

डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए योग्यता 

ईसीजी टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए विद्यार्थियों में निम्नलिखित योग्यता होनी जरूरी है – 

  • छात्र ने कम से कम दसवीं कक्षा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से पास की हो। 
  • कैंडिडेट को कंप्यूटर की नॉलेज होनी चाहिए। 

डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद सैलरी 

डिप्लोमा इन ईसीजी टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को नौकरी की शुरुआत में हर महीने 15,000 से लेकर 20,000 तक का सैलरी पैकेज मिल जाता है। लेकिन जब कैंडिडेट अपना काम पूरी लगन और मेहनत से करते हैं तो तब उन्हें इससे भी ज्यादा वेतन मिल सकता है। 

डीएमएलटी कोर्स

डीएमएलटी कोर्स का पूरा नाम डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (Diploma in Medical Lab Technology) है। यहां बता दें कि यह कोर्स 2 साल की अवधि का होता है। और अधिकतर संस्थानों में यह पाठ्यक्रम 12वीं के बाद करवाया जाता है लेकिन कुछ संस्थानों में इस कोर्स को दसवीं पास करने के बाद भी कैंडिडेट कर सकते हैं। यहां बता दें कि जब कैंडिडेट इस कोर्स को पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद उन्हें बहुत ही आसानी के साथ किसी भी हॉस्पिटल या फिर पैथोलॉजी में काम करने का मौका मिल जाता है जहां पर वह लैब टेक्नीशियन के रूप में काम कर सकते हैं। 

डीएमएलटी कोर्स करने के लिए योग्यता 

डीएमएलटी कोर्स करने के लिए किसी भी कैंडिडेट में कुछ योग्यताएं होनी जरूरी है जैसे कि –

  • कैंडिडेट ने किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम दसवीं कक्षा पास की हो। 
  • दसवीं कक्षा में कैंडिडेट के 45% से लेकर 50% तक अंक होने चाहिए। 
  • छात्र को कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए। 

डीएमएलटी कोर्स करने के बाद सैलरी 

डीएमएलटी कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को जो सैलरी मिलती है वह हर महीने 10,000 से लेकर 20,000 तक होती है। लेकिन जब उसे कुछ वर्षों का अनुभव हासिल हो जाता है तो तब उसे इससे भी ज्यादा वेतन मिलता है। 

डिप्लोमा इन ऑप्थैलमिक टेक्नोलॉजी कोर्स

10th के बाद मेडिकल कोर्स लिस्ट में डिप्लोमा इन ऑप्थैलमिक टेक्नोलॉजी (Diploma in Ophthalmic Technology) कोर्स है। यहां जानकारी के लिए बता दें कि इस कोर्स को करने के बाद कैंडिडेट आंखों के डॉक्टर असिस्टेंट के तौर पर काम करने के अवसर मिलते हैं। इस तरह से कैंडिडेट का काम आंखों की जांच करना, मरीजों का रिकॉर्ड मेंटेन करना, उपकरणों की देखभाल करना इत्यादि होता है। यह कोर्स प्राइवेट या फिर सरकारी संस्थानों से किया जा सकता है। 

डिप्लोमा इन ऑप्थैलमिक टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए योग्यता 

डिप्लोमा इन ऑप्थैलमिक टेक्नोलॉजी कोर्स करने के लिए छात्र में कुछ योग्यताएं होनी चाहिए जैसे कि – 

  • छात्र ने मिनिमम दसवीं कक्षा पास की हो। 
  • कैंडिडेट को कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए।
  • छात्र के कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे होने चाहिए। 

डिप्लोमा इन ऑप्थैलमिक टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद सैलरी 

डिप्लोमा इन ऑप्थैलमिक टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को शुरुआत में हर महीने 10,000 से लेकर 15,000 तक सैलरी मिलती है। इस तरह से जब कैंडिडेट को दो-तीन साल का अनुभव हो जाता है तो तब उसके वेतन में वृद्धि हो जाती है। 

फिजियोथैरेपी कोर्स

दसवीं पास करने के बाद जॉब ओरिएंटेड मेडिकल कोर्स अगर आप करने का सोच रहे हैं तो आप फिजियोथैरेपी में भविष्य बना सकते हैं। यहां जानकारी के लिए बता दें कि यह 2 साल लंबी अवधि का पाठ्यक्रम होता है। वैसे आमतौर पर डिप्लोमा इन फिजियोथैरेपी में एडमिशन 12वीं कक्षा पास करने के बाद मिलता है लेकिन कुछ ऐसे इंस्टिट्यूट्स भी हैं जहां पर दसवीं के बाद यह कोर्स किया जा सकता है। इस कोर्स को करने के बाद कैंडिडेंट रिहैबिलिटेशन सेंटर में काम कर सकते हैं। 

बता दें कि इस पाठ्यक्रम में छात्रों को सिखाया जाता है कि किस प्रकार किसी पेशेंट को मसाज किया जाता है, किस तरह से उसे फिजिकल एक्सरसाइज और मूवमेंट कराई जाती हैं जिससे कि उनकी डिफॉरमेटीज, इंजरीज या बीमारी ठीक हो सके। 

फिजियोथेरेपी कोर्स करने के लिए योग्यता 

जो कैंडिडेट फिजियोथैरेपी कोर्स करने के इच्छुक होते हैं उनमें निम्नलिखित योग्यता होनी जरूरी है – 

  • छात्र ने कम से कम 10 वीं कक्षा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास की हो। 
  • कैंडिडेट का व्यक्तित्व इंप्रेसिव होना चाहिए और उसके कम्युनिकेशन स्किल अच्छे होने चाहिएं। 
  • छात्र को कंप्यूटर की जानकारी होना भी जरूरी है। 

फिजियोथैरेपी कोर्स करने के बाद सैलरी 

फिजियोथैरेपी कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को जो शुरुआती सैलरी मिलती है वह 15 हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक के बीच में होती है। इस तरह से जब उसे कुछ एक्सपीरियंस हासिल हो जाता है तो तब उसे हर महीने और भी ज्यादा वेतन मिलता है। 

एनेस्थेसिया टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स

10th के बाद मेडिकल कोर्स में यदि आप प्रवेश लेना चाहते हैं तो इसके लिए एनेस्थेसिया टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स भी काफी अच्छा है। यहां बता दें कि इस कोर्स की अवधि 2 साल की होती है। जानकारी के लिए बता दें कि जब भी किसी व्यक्ति का ऑपरेशन होता है तो तब उससे पहले उसे बेहोश करना जरूरी होता है या फिर उसके किसी विशेष हिस्से को सुन्न किया जाता है। इस काम को केवल वही कैंडिडेट कर सकता है जिसने एनेस्थीसिया में डिप्लोमा हासिल किया हो। तो कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को हॉस्पिटल्स, क्लिनिक्स और नर्सिंग होम्स में काम करने के अवसर आसानी से मिल जाते हैं। 

एनेस्थेसिया टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए योग्यता 

एनेस्थेसिया टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के लिए विद्यार्थियों में जो योग्यता होनी चाहिए उसके बारे में जानकारी इस प्रकार से है – 

  • छात्र ने किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या बोर्ड से कम से कम 10वीं तक पढ़ाई की हो।
  • कैंडिडेट को कंप्यूटर की जानकारी होनी चाहिए।
  • छात्र के कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे होने चाहिए। 

एनेस्थेसिया टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के बाद सैलरी 

एनेस्थेसिया टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स करने के बाद कैंडिडेट को शुरुआती सैलरी 15,000 से लेकर 20,000 तक मिलती है। इस प्रकार से जब उसे कुछ वर्षों का अनुभव हासिल हो जाता है तो तब उसे और भी अधिक वेतन मिलता है। 

निष्कर्ष

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको 10th के बाद मेडिकल कोर्स लिस्ट के बारे में जानकारी दी। इस आर्टिकल के माध्यम से हमने उन सभी टॉप मेडिकल कोर्स के बारे में जानकारी दी जो आप दसवीं के बाद आसानी के साथ कर सकते हैं।

साथ ही हमने आपको यह भी बताया कि जब आप अपने पसंदीदा मेडिकल कोर्स को पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद आपको कितने रुपए तक का वेतन मिल सकता है। हमें पूरी उम्मीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा। 

इसलिए अंत में हमारी आपसे बस यही रिक्वेस्ट है कि हमारे इस पोस्ट को अपने उन दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें जो 10th के बाद मेडिकल कोर्स करना चाहते हैं।

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